भारत-चीन सीमा विवाद: चीन का हॉट स्प्रिंग, गोगरा पोस्ट से पीछे हटने से इनकार - प्रेस रिव्यू

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लद्दाख में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर जारी तनाव को सुलझाने के लिए हाल में हुए कमांडर स्तरीय बातचीत के बाद चीन ने हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट से पीछे हटने से इनकार कर दिया है.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल को जारी तनाव को एक साल पूरा हो जाएगा. तनाव सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों का बीच में अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है.
अख़बार कहता है कि अप्रैल की 9 तारीख को दोनों देशों के बीच कमांडर स्तरीय बातचीत हुई थी जिसके बाद चीन ने हॉट स्प्रिंग और गोगरा पोस्ट से अपने सैनिक पीछे हटाने से मना कर दिया है. देपसांग प्लेन समेत इन इलाक़े सैनिकों की तेनाती दोनों देशों के बीच तनाव की वजह बनी हुई है.
पैंगॉन्ग त्सो लेक और कैलाश के उत्तर और दक्षिण के नज़दीक से दोनों देशों ने अपने सैनिक पीछे हटा लिए थे.
साल 2020 में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में शामिल एक सूत्र के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि चीन हॉट स्प्रिंग के पट्रोलिंग प्वाइंट 15 और 17 और गोगरा पोस्ट से अपने सैनिक पीछे हटाने के लिए राज़ी हो गया था लेकिन अब उसने ऐसा करने से मना कर दिया है.
अख़बार के अनुसार हाल में संपन्न हुई बातचीत में चीन ने कहा कि "अब तक भारत को जो मिला है उसे उसी में खुश होना चाहिए."
सूत्र के अनुसार अब वहां चीनी सेना की एक कंपनी नहीं बल्कि एक प्लाटून तैनात है. भारतीय सेना की एक कंपनी में 100 से लेकर 120 सैनिक होते हैं जबकि एक प्लाटून में 30-32 सैनिक होते हैं.
अख़बार के अनुसार पैंगॉन्ग त्सो के उत्तरी तट पर फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच दोनों पक्षों की तरफ से पेट्रोलिंग पर अस्थायी रोक लगाई गई थी. सूत्र के अनुसार दोनों देशों के बीच तनाव शुरू होने के दो-तीन साल पहले से भारत फिंगर 8 पहुंच नहीं पाया है जो लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल को दर्शाती है.

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रेमडेसिविर की क़ीमत हुई कम, सात कंपनियों ने घटाया दाम
राष्ट्रीय औषधि निर्माण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने कहा है कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद सात दवा कंपनियों ने रेमडेसिविर के दाम कम कर दिए हैं.
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देश में एंटी-वायरस दवा रेमडेसिविर की कमी देखी जी रही है. कई जगहों पर इसकी कालाबाज़ारी की ख़बरें भी सामने आ रही हैं.
अख़बार मिंट में छपी एक ख़बर के अनुसार कैडिला हेल्थकेयर, डॉक्टर रैड्डीज़ लैबोरेटरीज़ और सिप्ला जैसी कंपनियों ने 100 मिलीग्राम रेमडेसिविर इंजेक्शन के दाम कर दिए हैं. कुछ कंपनियों ने इसकी क़ीमत क़रीब आधी कर दी है.
शनिवार को रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक नोटिफ़िकेशन जारी कर कहा था कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद रेमडेसिविर के बड़े निर्माता और विक्रेता ने स्वयं दवा की खुदरा क़ीमत कम करने का फ़ैसला किया है.
अख़बार के अनुसार इस बारे में जानकारी देते हुए रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, "कोविड-19 महामारी के ख़ालफ़ लड़ने में सरकार से हाथ मिलाने और दवा की क़ीमतें कम करने के लिए मैं दवा कंपनियों का शुक्रगुज़ार हूं."
इससे पहले केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों से रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाने और इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए ज़रूरी कदमों को लेकर चर्चा की थी.
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दिल्ली में स्थिति चिंताजनक
इधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जिस तेज़ी से राजधानी में कोरोना अपने पैर पसार रहा है कि स्थिति काफी गंभीर और चिंता जनक है.
अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार उन्होंने कहा कि दिल्ली में रेमडेसिविर, ऑक्सीजन और प्लाज़्मा की कमी होने लगी है. अख़बार के अनुसार कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि यह सारी चीज़ें उचित मात्रा में उपलब्ध हैं.
केजरीवाल का कहना है कि जिस तेज़ी के साथ कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उससे ऑक्सीजन की कमी हो रही है और आईसीयू के बेड तेज़ी के साथ भरते जा रहे हैं.
मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्होंने जमाखोरी और कालाबाज़ारी करने वालों के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाई के आदेश दिए हैं.
कोरोना से मौतों में 10.2 फीसदी की बढ़ोतरी
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने कहा है कि देश में जिस तेज़ी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं उस तेज़ी से लोग इससे ठीक नहीं हो रहे जिस कारण देश में एक्टिव केस की संख्या लगातार बढ़ रही है.
उन्होंने कहा कि देश में एक्टिव केसेस की संख्या 16,79,000 है, जो बेहद चिंताजनक है. साथ ही कोरोना से हो रही मौतों में 10.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
देश में ऑक्सीजन, वेन्टिलेटर, स्वास्थ्यकर्मी, दवाओं और अस्पताल में बेड की उपलब्धता को लेकर हुई एक समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में 7.6 फीसदी की तेज़ी दर्ज की जा रही है. बीते साल जून में ये दर 5.5 फीसदी थी जो मौजूदा दर से काफी कम थी.
उन्होंने कहा कि जिन छह राज्यों में हालात गंभीर बने हुए हैं वहां केंद्र सरकार 6,303 वेंटिलेटर भेज रही है. इनमें से 1,121 वेंटिलेटर महाराष्ट्र को भेजे जाएंगे, 1,700 उत्तर प्रदेश को, 1,500 झारखंड को, 1,600 गुजरात को, 152 मध्य प्रदेश को और 230 छत्तीसगढ़ को भेजे जाएंगे.
इसके बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कोराना महामारी से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई जिसमें अधिकारियों ने बताया कि एक लाख ऑक्सीजन सिलेंडरों का उत्पादन किया जा रहा है जिन्हें जल्द से जल्द राज्यों के पास भेजा जाएगा.

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कुंभ को प्रतीकात्मक रखने की पीएम की अपील
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत समाज से उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले को 'प्रतीकात्मक' रखने की अपील की है.
कुंभ में शामिल होने वाले 13 अख़ाड़ों में से सबसे बड़े अख़ाड़े श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से प्रधानमंत्री ने इस बारे में फ़ोन पर बात की और कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए उनसे कुंभ में लोगों की भागीदारी प्रतीकात्मक रखने की अपील की.
अख़बार के अनुसार पीएम के साथ बातचीत के बाद स्वामी अवधेशानंद ने लोगों से अपील की कि भारी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए न आएं.
इसके बाद शनिवार को अखाड़े ने अचानक आपात बैठकर बुलाई और सोशल मीडिया पर जूना अखाड़े के कुंभ का समापन करने का ऐलान कर दिया है.
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इससे पहले गुरुवार को निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देस दास की कोविड-19 के कारण मौत हो गई थी.
उनकी मौत के बाद निरंजनी और आनंद अखाड़े ने कुंभ में शिरकत न करने का फ़ैसला लिया था.
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