अमित शाह, शरद पवार की मुलाक़ात का रहस्य और गहराया - प्रेस रिव्यू

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नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के साथ मुलाक़ात को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान से ये रहस्य और गहरा गया है कि तीनों नेताओं में आख़िर मुलाक़ात हुई है या नहीं.
इस ख़बर से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल भी शुरू हो गई है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार कयास लगाए जा रहे थे कि अमित शाह ने अहमदाबाद में शरद पवार से मुलाक़ात की है. रविवार को अमित शाह ने मीडिया के सामने कहा था कि "सभी बातें बताना ज़रूरी नहीं है."
उनके इस बयान के बाद तीनों नेताओं की मुलाक़ात की ख़बर को हवा मिलने लगी. हालांकि रविवार शाम को एनसीपी ने किसी तरह की बैठक से इनकार किया और कहा कि "ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है, ये बीजेपी की साज़िश है."
एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि ये बात सच है कि शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल अहमदाबाद में हैं लेकिन उनकी अमित शाह से कोई मुलाक़ात नहीं हुई है. मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर ये ख़बर फैलाई जा रही है."
बीजेपी के सूत्रों के हवाले से अख़बार ने कहा है कि चुनाव प्रचार से कुछ वक्त निकाल कर अमित शाह अपनी पोतियों से मुलाक़ात करने अहमदाबाद पहुंचे थे.
वहीं अहमदाबाद में बिज़नेस सर्कल में मौजूद सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि जयपुर से मुंबई लौट रहे शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल अहमदाबाद में कारोबारी गौतम अडानी से मुलाक़ात करने के लिए रुके थे.
हालांकि अख़बार ने अहमदाबाद में तीनों नेताओं की मुलाक़ात होने की पुष्टि नहीं की है.
महाराष्ट्र में लग सकता है लॉकडाउन

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महाराष्ट्र में कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए जाने के बाद अब प्रदेश सरकार आने वाले सप्ताह में यहां लॉकडाउन लगा सकती है. अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस ने अधिकारियों के हवाले से ये ख़बर दी है.
अख़बार लिखता है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, स्वास्थ्य राज्य मंत्री राजेश टोपे, स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर प्रदीप व्यास और कोविड टास्क फोर्स की एक अहम बैठक संक्रमण के बढ़ते मामलों पर काबू पाने की कोशिशों के बारे में चर्चा को लेकर हुई थी.
अधिकारी के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि मुख्यमंत्री कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन लगने पर विचार कर रहे हैं. इस दौरान राशन और दवा की दुकानें खुली रखी जाएंगी और निजी दफ्तरों में पचास फीसदी लोगों को काम पर बुलाने की इजाज़त दी जा सकती है.
अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन लगाने से जुड़े दिशानिर्देश बनाने के लिए राहत और पुनर्वास विभाग को आदेश दिए हैं जो इस बात की ओर इशारा है कि जल्द ही कोई घोषणा की जा सकती है.
वहीं स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अख़बार को बताया है कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार को 15 दिनों का लॉकडाउन लगाने की सलाह दी गई है.
महाराष्ट्र में बीते तीन दिनों में संक्रमण के रिकॉर्ड 1.13 लाख मामले दर्ज किए गए हैं और रविवार को 40,141 मामले दर्ज किए गए हैं.
दिल्ली में 'एलजी' को मिली अधिक ताकत, क़ानून पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

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नवभारत टाइम्स के अनुसार दिल्ली में लेफ्टिनेंट गवर्नर (एलजी) और मुख्यमंत्री के अधिकारों को स्पष्ट करने वाले विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंज़ूरी दे दी है, जिसके बाद ये विधेयक अब क़ानून बन गया.
गवर्नमेंट ऑफ़ नैशनल कैपिटल टेरिटरी (अमेंडमेंट) बिल, 2021 को हाल ही में संसद के दोनों सदनों में पास कर दिया गया था.
प्रदेश की आम आमदी मार्टी सरकार ने इसे गणतंत्र और देश के संघीय ढांचे का उल्लंघन बताया है और इशारा किया है कि वो इसे अदालत में चुनौती दे सकती है.
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इस क़ानून में प्रावधान है कि राज्य कैबिनेट या सरकार को किसी भी फ़ैसले को लागू करने से पहले एलजी की 'राय' लेना ज़रूरी होगा.
इसके अनुसार विधानसभा के बनाए किसी भी क़ानून में सरकार से मतलब एलजी से होगा और उन्हें सभी फ़ैसले और प्रस्तावों के बारे में जानकारी देनी होगी.
एलजी और मंत्रिमंडल के बीच मतभेद की सूरत में एलजी मामले को राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं.
अख़बार लिखता है कि साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसला दिया था जिसके अनुसार दिल्ली सरकार के लिए जाने वाले फ़ैसले की जानकारी एलजी को देनी होगी, हालांकि फ़ैसले पर एलजी की सहमति ज़रूरी नहीं है.
पश्चिम बंगाल: पहले चरण के मतदान के बाद अमित शाह का दावा

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पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के बाद बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि उनकी पार्टी तीस में से 26 सीटों पर जीत हासिल करेगी.
अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार रविवार को अमित शाह ने दावा किया कि ज़मीनी स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक़ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में बीजेपी 30 में से 26 और असम में 47 में से 37 सीटें जीतेगी.
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में अच्छी शुरुआत की है और यदि चुनाव इसी तरह आगे बढ़ता रहा तो बीजेपी सरकार ज़रूर बनाएगी.
अख़बार लिखता है कि अमित शाह के इस दावे को प्रदेश की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने ये कहते हुए खारिज कर दिया है कि मतगणना होने के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि जनता किसका साथ देगी.
शाह का नाम लिए बग़ैर ममता ने सवाल किया कि महज़ एक दिन के मतदान के बाद इस तरह के दावा कैसे किया जा सकता है.
उन्होंने किसी तरह का अनुमान लगाने से इनकार किया. हालांकि एक चुनावी रैली में चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा, "एक नेता ने 30 में से 26 सीटों पर दावा कर दिया, 30 सीटों पर क्यों नहीं किया? क्या बाक़ी सीटें कांग्रेस और माकपा के लिए छोड़ दी हैं?"
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