मेट्रोमैन श्रीधरन बीजेपी के साथ, कहा दशकों से हूँ मोदी प्रशंसक; केरल से लड़ेंगे चुनाव

    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

दिल्ली मेट्रो के प्रमुख सलाहकार का अपना पद छोड़कर ई. श्रीधरन यानी भारत के 'मेट्रो मैन' अगले कुछ महीनों में केरल में होने वाले विधान सभा में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं.

89 साल के इंजीनियर श्रीधरन की पहचान भारत में सार्वजनिक परिवहन की पहचान बदलने वाले शख़्स की रही है. उनकी यह पहचान कोंकण रेलवे को पश्चिमी तटीय इलाकों से जोड़ने के बाद बनी थी.

श्रीधरन ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि वो केरल में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं. उन्होंने बीबीसी हिंदी से कहा, "मैंने बीजेपी ज्वाइन कर लिया है और पार्टी चाहती है कि मैं विधानसभा का चुनाव लड़ूं. अभी विधानसभा सीट तय नहीं हुई है."

राजनीति में आने की वजह के बारे में श्रीधरन ने कहा, "अगर आप देश की अच्छी तरह से सेवा करना चाहते हैं तो राजनीति एक आदर्श ज़रिया है. आप एक टेक्नोक्रेट की तुलना में ज़्यादा सेवा कर सकते हैं. मुझे यह पहले इसलिए नहीं महसूस हुआ क्योंकि मैं तब सरकारी सेवा में था. लेकिन वह समय बीत चुका है. मुझे लगता है कि मैं अब भी देश के लिए कुछ कर सकता हूं."

दिल्ली मेट्रो के प्रमुख सलाहकार के तौर पर श्रीधरन का कार्यकाल जून में पूरा होने वाला है लेकिन वे इससे पहले ही यह पद छोड़ सकते हैं क्योंकि केरल में अप्रैल-मई में चुनाव हो सकते हैं.

उन्होंने कहा, "पिछले तीन-चार महीनों के दौरान ही मैंने बीजेपी ज्वाइन करने का फ़ैसला किया क्योंकि मैं नरेंद्र मोदी से तबसे सहानुभूति रखता आया हूं जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे. मैं मोदी और बीजेपी से सहानुभूति रखने वाला उत्साही प्रशंसक हूं."

क्या बीजेपी ज्वाइन करने से पहले श्रीधरन की भारतीय प्रधानमंत्री से कोई बातचीत हुई है, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "नहीं, उन्होंने मुझे बीजेपी ज्वाइन करने के लिए नहीं मनाया है. ना ही उन्होंने मुझसे बातचीत की है."

ऐसे में सवाल यही है कि विधानसभा चुनाव अभियान में उनका फोकस किन मुद्दों पर रहेगा?

उन्होंने कहा, "मैं केरल में आधारभूत ढांचे को बेहतर करने को मुद्दा बनाऊंगा. इसके बाद राज्य में उद्योग धंधों के विकास को मुद्दा बनाऊंगा. बीते 30 सालों से केरल में एक भी इंडस्ट्री स्थापित नहीं हुई है, क्योंकि श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों का व्यवहार लड़ाके जैसा हो गया और इसके चलते राज्य में लंबे समय से बेरोज़गारी है."

केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सत्ता में आने की उम्मीद कितनी है, ये सवाल पूछे जाने पर श्रीधरन ने कहा, "बीजेपी सत्ता में आ सकती है. जब मैंने बीजेपी ज्वाइन की है तो ढेरों लोग बीजेपी को ज्वाइन करेंगे, समर्थन करेंगे. वे लोग जानते हैं कि किस प्रशासन में सुधार हो सकता है. यहां शासन व्यवस्था पंगु हो चुकी है. यहां एक अच्छी सरकार की ज़रूरत है और बीजेपी एक स्थायी सरकार देने में सक्षम है."

श्रीधरन ने जब दिल्ली मेट्रो के लिए काम शुरू किया था तब वे चार बजे सुबह उठकर मेडिटेशन करते थे. क्या अब भी वे पुराने रुटीन का पालन कर रहे हैं?

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "उतनी सख्ती से तो नहीं करता हूं. मैं पांच बजे सुबह जग जाता हूं. खुद को पूरी तरह व्यस्त रखता हूं. लंच के बाद एक घंटे सोता हूं और शाम में टहलता हूं. सुबह में योगा करता हूं."

राष्ट्रीय स्तर के आधारभूत ढांचों के निर्माण के अनुभव का बेहतर इस्तेमाल विधानसभा का सदस्य न बनकर बल्कि संसद में जाकर हो सकता था, इस बारे में उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय स्तर के चुनाव तो तीन साल बाद ही होंगे. उससे पहले यह चुनाव है."

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