कश्मीर में विदेशी राजदूतों का दौरा पाकिस्तान के कारण हो रहा है? - प्रेस रिव्यू

शाह महमूद क़ुरैशी

इमेज स्रोत, REUTERS

इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी
अपनी पसंदीदा इंडियन स्पोर्ट्सवुमन को चुनने के लिए CLICK HERE

जम्मू-कश्मीर में विदेशी राजदूतों के दौरों से पहले भारत ने पाकिस्तान के बयान पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है.

पाकिस्तान का कहना है कि भारत सरकार इस तरह के दौरे आयोजित करके अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाना चाहती है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने सरकार के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश पर पाकिस्तान को कुछ भी बोलने का हक़ नहीं है.

नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने अख़बार से कहा कि इस दौरे का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान के दावों को ख़ारिज करना है जिनमें कहा जाता है कि घाटी में अशांति है और मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.

20 सदस्यों के इस प्रतिनिधिमंडल में यूरोपीय संघ के भारत में राजदूत उगो अस्तुतो और फ़्रांसीसी राजदूत इमैनुएल लिनेन भी शामिल होंगे.

सरकारी अधिकारी राजदूतों के प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर में चल रहे विकास के कार्यों के साथ डीडीसी चुनावों के परिणामों से अवगत करांएगे. डीडीसी चुनाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों के विश्वास के प्रतीक के तौर पर पेश किया जाएगा.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बीते महीने यूरोपीय राजदूतों के सामने जम्मू-कश्मीर पर चर्चा की थी और भारत की 'ज़्यादतियों' को लेकर उनकी मदद मांगी थी.

सोमवार को राजदूतों के दौरे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के 'निर्देशित दौरे' भारत के 'मानवाधिकार उल्लंघनों' पर पर्दा डालने की तरह हैं.

पैंगोन्ग के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से वापस जा रहे हैं चीनी जवान

चीनी जवान

इमेज स्रोत, ANI

भारत और चीन के बीच लद्दाख के पैंगोन्ग झील क्षेत्र में डिसइंगेजमेंट को लेकर सहमति बनने के बाद भारतीय सेना ने मंगलवार को चीनी जवानों के वापस जाने के वीडियो क्लिप और तस्वीरें जारी कीं.

द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह तस्वीरें पैंगोंन्ग त्सो के उत्तरी किनारे और कैलाश रेंज इलाक़े में झील के दक्षिणी किनारे की हैं.

वीडियो क्लिप्स और तस्वीरों में दिख रहा है की चीनी जवान बंकरों को तोड़ रहे हैं और पत्थरों से बनाई गई दीवारों को हाथों से और जेसीबी मशीन से तोड़ रहे हैं.

दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते के तहत दोनों पक्षों को मई 2020 में शुरू हुए विवाद से पहले की ज़मीनी स्थिति को क़ायम करना होगा.

सैन्य सूत्रों का कहना है कि कि डिसएंगेजमेंट की प्रकिया 'सही ट्रैक' पर है और दोनों सेनाओं के टैंक, सैन्य वाहनों और दूसरी मशीनों के हटाए जाने के बाद वहां तैनात किए गए जवानों को भी वापस बुला लिया जाएगा.

भारत में दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील के कोरोना वैरिएंट भी पहुंचे

कोरोना वायरस

इमेज स्रोत, Getty Creative

भारत में कोरोना वायरस के दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील के वैरिएंट के पाए जाने की पुष्टि हुई है.

द हिंदू अख़बार के अनुसार, भारत में दक्षिण अफ़्रीकी वैरिएंट के चार मामले और ब्राज़ील के वैरिएंट का एक मामला पाया गया है. इसके अलावा भारत में ब्रिटेन के वैरिएंट के अब तक 187 मामले पाए जा चुके हैं.

इंडियन काउंसिल फ़ॉर मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा है कि सार्स-सीओवी-2 का दक्षिण अफ़्रीकी वैरिएंट 44 देशों में पहुंचने के बाद भारत पहुंचा है.

उन्होंने बताया कि यह दक्षिण अफ़्रीकी देशों से लौटे चार लोगों में पाया गया है, इनमें से एक-एक अंगोला और तंज़ानिया से जबकि 2 लोग दक्षिण अफ़्रीका से लौटे थे.

'टूलकिट' मामले में महाराष्ट्र के इंजीनियर से होगी पूछताछ

किसान

इमेज स्रोत, ANI

किसान प्रदर्शनों से जुड़े टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा है कि वह महाराष्ट्र के इंजीनियर शांतनु मुलुक से भी पूछताछ करेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के अनुसार, कथित तर पर सोशल मीडिया टूलकिट शांतनु ने बनाई थी. उनसे पूछताछ इस बात को लेकर होगी कि वो 26 जनवरी को जिस दिन हिंसा हुई उस दिन टिकरी बॉर्ड पर क्यों थे.

जांच से जुड़े एक अफ़सर ने नाम न छापने की शर्त पर अख़बार से कहा, "हमारी तकनीकी जांच में मुलुक के फ़ोन के ज़रिए पता चला है कि वह 21 से लेकर 27 जनवरी तक दिल्ली में थे और 26 जनवरी को टिकरी में प्रदर्शन स्थल पर थे. हम उनसे जांच में शामिल होने के लिए कहेंगे और पूछेंगे कि ट्रैक्टर परेड के दौरान वह टिकरी बॉर्डर पर क्या कर रहे थे."

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुलुक को ट्रांसिट एंटिसिपेटरी बेल दे दी जबकि हाईकोर्ट ने एक दूसरे मामले में मुंबई की वकील निकिता जैकब की अपील पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

शनिवार रात को दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु से 22 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ़्तार किया था. उनको राजद्रोह, दंगा भड़काने और आपराधिक साज़िश की धाराओं में गिरफ़्तार किया गया है. मुलुक के ख़िलाफ़ भी यही आरोप लगाए गए हैं.

पुलिस का आरोप है कि दिशा रवि ने ही पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट शेयर की थी.

BBC ISWOTY

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)