राष्ट्रपति बाइडन ने म्यांमार के सैन्य नेताओं पर प्रतिबंध की घोषणा की

म्यांमार में प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, म्यांमार में बड़े पैमाने पर सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के पीछे सैन्य नेतृत्व के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहा है.

म्यांमार के सैन्य जनरलों से सत्ता छोड़ने का आह्वान करते हुए बाइडन ने कहा कि अमेरिका म्यांमार के अमेरिका स्थित फंड को फ्रीज़ कर रहा है.

बाइडन ने कहा, 'मैंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जो सैन्य तख़्तापलट करने वाले सैन्य नेतृत्व पर तुरंत प्रतिबंध लागू करता है. उनके व्यापारिक हित और नज़दीकी परिजन भी प्रतिबंधों के दायरे में आएंगे.'

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि अमेरिका इस सप्ताह प्रतिबंध के पहले दौर में उन लोगों को चिन्हित करेगा जिन पर प्रतिबंध लगाए जाने हैं.

वीडियो कैप्शन, म्यांमार में तख़्तापलट के लगभग एक हफ़्ता बाद भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है.

राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि अमेरिका म्यांमार के लिए सख़्त निर्यात नियंत्रण लागू करेगा और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार है.

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, 'मैं आज एक बार फिर बर्मा की सेना से आंग सान सू ची और विन मिंत समेत लोकतांत्रिक राजनीतिक बंदियों और कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग करता हूं.'

उन्होंने कहा, 'सेना को सत्ता छोड़नी ही होगी.'

राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि उनका प्रशासन म्यांमार के अमेरिका में रखे एक अरब डॉलर के फंड को फ़्रीज़ कर रहा है.

म्यांमार में प्रदर्शन तेज़

म्यांमार के प्रमुख शहर यंगून में लाखों लोग सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.

म्यांमार में सेना ने एक फ़रवरी को राजनीतिक नेतृत्व को हिरासत में लेकर सैन्य तख़्तापलट कर दिया था.

प्रदर्शनकारी हिरासत में ली गईं नेता आंग सान सू ची और अन्य कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

सेना ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया है और लोगों के एकजुट होने पर पाबंदियां हैं.

बावजूद इसके बड़ी तादाद में लोग सेना विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं.

पुलिस ने किया बल प्रयोग

सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही एक महिला के सिर में गोली मार दी गई थी. ये महिला गंभीर हालत में राजधानी नेपीडा के अस्पताल में भर्ती है.

19 साल की म्या थ्वे खाइंग मंगलवर को प्रदर्शन के दौरान घायल हो गईं थीं.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पानी की बौछारें, रबड़ की गोलियां और असली गोलियां चलाईं थीं.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि म्या गोली लगने से घायल हुई हैं.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ भारी बल प्रयोग किया है और कई लोगों के घायल होने की रिपोर्टें हैं.

अभी तक किसी के मारे जाने की रिपोर्ट नहीं है.

इसी बीच पूर्वी काया प्रांत में दर्जनों पुलिसकर्मी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं.

बुधवार को भी म्यांमार में बड़े पैमाने पर सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए हैं.

BBC ISWOTY

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