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चीन-पाकिस्तान पर राजनाथ सिंह- 'जो हमको छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं'
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पूर्वी-लद्दाख़ में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी सीमा-विवाद को लेकर चीन के साथ जो वार्ता चल रही थी, उसमें अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है.
उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच अभी तक यथास्थिति बनी हुई है. अगले राउंड की बैठक में मिलिट्री लेवल पर बातचीत होगी.
समाचार एजेंसी एएनआई को दिये इंटरव्यू में भारत के रक्षा मंत्री ने कहा, "अगर यथास्थिति बनी रहती है तो सीमा पर सैनिकों की तैनाती कम नहीं की जायेगी."
चीन के विस्तारवादी रुख़ पर टिप्पणी करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 'यदि कोई देश विस्तारवादी है और भारत की भूमि पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश करता है तो भारत के अंदर वो ताक़त है कि वो अपनी ज़मीन किसी दूसरे के हाथ में नहीं जाने देगा.'
उन्होंने कहा, ''भारत ऐसी कोई चीज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता जो आत्म-सम्मान को चोट पहुँचाती हो. सॉफ़्ट होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी हमारे गौरव पर हमला करेगा और हम चुपचाप देखते रहेंगे. भारत अपने गौरव को लेकर कभी समझौता नहीं करेगा.''
सेना की तारीफ़
उन्होंने भारतीय फ़ौज की तारीफ़ करते हुए कहा कि 'सैनिकों के शौर्य की जितनी तारीफ़ की जाये, उतनी कम है.'
इंटरव्यू में राजनाथ सिंह ने कहा, "जो हमको छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं. लेकिन हमारा प्रयास हमेशा यही है कि हमारे संबंध सभी के साथ अच्छे रहें."
रक्षा मंत्री ने माना कि सीमा से लगे इलाक़ों में चीन तेज़ी से काम कर रहा है, नई चीज़ें बना रहा है. लेकिन भारत भी सीमा से लगे इलाक़ों में विकास कार्य कर रहा है.
उन्होंने कहा, "बॉर्डर के इलाक़ों में लोगों के लिए तेज़ी से काम हो रहा है. सैनिकों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए भी काम किया जा रहा है. यह सब किसी देश पर हमला करने के लिए नहीं है, बल्कि यह अपने लोगों का ध्यान रखते हुए किया जा रहा है."
उन्होंने कहा, "नेशनल सिक्योरिटी के मामले में मैं पिछली सरकारों पर सवाल नहीं उठाना चाहता. लेकिन नरेंद्र मोदी जब से देश के प्रधानमंत्री बने हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा रहा है. हम अपनी डिफ़ेंस फ़ोर्स को सारी सुविधाएं और शक्ति देना चाहते हैं."
पाकिस्तान का ज़िक्र
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का ज़िक्र होने पर कहा कि 'भारत में क्षमता है कि वो ज़रूरत पड़ने पर सीमा पार जाकर भी दुश्मन के ठिकानों को भेद सकता है.'
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान सैकड़ों बार सीज़फ़ायर का उल्लंघन कर चुका है. अस्तित्व में आने के बाद से ही पाकिस्तान ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है जो भारत विरोधी हैं. लेकिन भारतीय सैनिक पाकिस्तान की कोशिशों को नाकाम करते आये हैं. भारत में वो शक्ति, वो क्षमता है, जिसके दम पर हम ना सिर्फ़ अपनी सीमा में, बल्कि सीमा के पार जाकर भी दुश्मन को जवाब दे सकते हैं."
साल 2016 में, उरी हमले के बाद भारत सरकार ने सीमा-पार के इलाक़ों में सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था. उसी तरह, 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी भारत सरकार ने यह दावा किया था कि उसने बालाकोट के कथित चरमपंथी शिविर पर एयर स्ट्राइक की.
कृषि क़ानूनों पर
इस इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ने तीनों कृषि क़ानूनों को भी सही ठहराया. उन्होंने कहा, "कृषि संबंधी ये जो तीन क़ानून बने हैं, ये किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही बनाये गए हैं. पिछली सरकारों की तुलना में हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य काफ़ी बढ़ाया है. इन तीनों क़ानूनों के माध्यम से हमने पूरी कोशिश की है कि किसानों की आमदनी दो-तीन गुना बढ़े."
उन्होंने कहा, "बातचीत हो रही है, मुझे विश्वास है कि इसका समाधान निकलेगा. मैं किसानों से विनती करता हूँ कि मैंने इन क़ानूनों को देखा है, मैं भी कृषि मंत्री रह चुका हूँ, इसलिए मैं कहता हूँ कि ये क़ानून किसानों के हित में हैं."
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