कोरोना वैक्सीनः भारत में जनवरी से शुरू हो सकता है वैक्सीनेशन - प्रेस रिव्यू

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इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने कहा है कि भारत में कोरोना के ख़िलाफ़ वैक्सीनेशन जनवरी में शुरू होने की संभावना है.
अदार पूनावाला का कहना है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन को बना रहा है और उसका परीक्षण कर रहा है जिसे इस महीने के आख़िर तक आपात इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी मिल सकती है.
इकॉनोमिक टाइम्स ग्लोबल बिज़नेस समिट में अदार पूनावाला ने उम्मीद जताई कि भारत में हर व्यक्ति को अक्तूबर 2021 तक ये वैक्सीन मिल जाएगी, जिसके साथ ही सामान्य जीवन पटरी पर लौट आएगा.
ख़बर में, मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 वैक्सीन के ट्रायल्स के अंतरिम नतीजों का हवाला देकर बताया गया है कि ये वैक्सीन 70 प्रतिशत मामलों में कारगर साबित हुई है.
पिछले हफ्ते सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी (एसईसी) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक से क्लीनिकल ट्रायल के प्रभाव और सुरक्षा संबंधी डेटा मांगे थे.
अदार पूनावाला का कहना है कि ''20 प्रतिशत भारत को कोरोना वैक्सीन मिलने पर हम देख सकेंगे कि 'कॉन्फिडेंस और सेंटीमेंट्स' लौट रहे हैं.''
प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत की तारीख़ जल्द : केंद्रीय मंत्री

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हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा है कि कृषि क़ानूनों पर जारी गतिरोध को ख़त्म करने के लिए सरकार किसान नेताओं को अगले दौर की बातचीत के लिए जल्द बुलाएगी.
कैलाश चौधरी का कहना है कि प्रदर्शनकारी किसान नेताओं के साथ बातचीत की अगुआई कर रहे गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इस बारे में विचार-विमर्श कर रहे हैं. दोनों ने रविवार को मुलाकात भी की है.
कैलाश चौधरी ने कहा है कि ''अगले दौर की बातचीत जल्द होगी, सरकार विचार-विमर्श के लिए तैयार है, लेकिन तारीख़ अभी तय नहीं है. हमें पूरा भरोसा है कि अगले मीटिंग में मुद्दे का समाधान हो जाएगा. गतिरोध ख़त्म करने के लिए सरकार 'कुछ समाधान' खोज लेगी.''
इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ''विपक्षी दलों पर नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नए क़ानूनों से अल्प समय के लिए दिक्कत हो सकती है लेकिन दीर्घकाल में इससे किसानों को मदद मिलेगी.''
मुंबई चरमपंथी हमलों के मुख्य अभियुक्त तहव्वुर राणा की ज़मानत याचिका अमरीकी कोर्ट में ख़ारिज

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द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, मुंबई पर 26 नवंबर 2008 में हुए चरमपंथी हमले के मुख्य अभियुक्त तहव्वुर राणा की ज़मानत याचिका अमरीका की एक अदालत ने ये कहते हुए ख़ारिज़ कर दी कि अभियुक्त ज़मानत के बाद भाग सकता है.
तहव्वुर राणा फिलहाल लॉस एंजेलिस की जेल में बंद हैं. तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण के लिए सुनवाई पूरी होने तक जेल से ज़मानत पर रिहाई मांगी थी और इसके लिए कोविड से दोबारा संक्रमित होने का हवाला दिया था.
तहव्वुर राणा ने कहा कि जीपीएस के ज़रिए उनकी निगरानी की जा सकती है और उनकी बेटी या किसी और को उनका कस्टोडियन बनाया जा सकता है.
लेकिन कोर्ट ने राणा के फ़रार होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए याचिका को ख़ारिज़ करते हुए अगले साल फरवरी में भारत प्रत्यर्पण पर सुनवाई करने का फ़ैसला किया है.
भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मुंबई हमलों के मुख्य अभियुक्त तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित कर भारत लाना चाहती है. मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे.
भारतीय रूपये पर अवमूल्यन का बड़ा ख़तरा

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बिज़नेस स्टैंडर्ड की ख़बर के मुताबिक, कच्चे तेल के बढ़ते दाम और व्यापार घाटे की वजह से आने वाले हफ्ते में भारतीय रूपये पर अवमूल्यन का बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है.
ख़बर में कहा गया है कि ब्रेग्ज़िट पर बातचीत में विफलता से बाज़ार में कुछ अस्थिरता भी आ सकती है.
अमरीका में फ़ाइज़र वैक्सीन को मंज़ूरी मिलने की उम्मीद के दौरान ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़नी शुरू हो गई थीं.
दूसरी ओर चीन और भारत में रिफ़ाइनरीज़ को रिकवरी के लिए अधिक से अधिक कच्चा तेल चाहिए.
वहीं मिडिल ईस्ट में जियो-पॉलिटिकल जोखिम बने हुए हैं जहां बीते दिनों इस्लामिक स्टेट ने इराक़ में तेल के दो कुओं को निशाना बनाया है.
नवंबर महीने के व्यापार से जुड़े शुरुआती आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि भारत का व्यापार घाटा 9.96 अरब डॉलर हो गया है.
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