पाकिस्तान का मोटरवे रेप केस, मामला जिसने देश को झकझोर दिया

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- Author, टीम बीबीसी उर्दू
- पदनाम, इस्लामाबाद
पाकिस्तान में लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर हुए कथित बलात्कार मामले में मुख्य अभियुक्त को सोमवार (12 अक्टूबर) को गिरफ़्तार कर लिया गया. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.
ये घटना आठ और नौ सितंबर की दरमियानी रात की है जब दो लोगों ने कथित तौर पर रास्ते में फंसी एक महिला के साथ रेप किया था. महिला अपनी कार में सड़क किनारे मदद के लिए खड़ी थी जहां से अभियुक्त उसे और बच्चों को जबरदस्ती पास के खेत में ले गए.
इस मामले के सामने आने के बाद पाकिस्तान में बहुत हंगामा हुआ और लोगों ने अपना गुस्सा ज़ाहिर किया. पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को पहले ही गिरफ़्तार किया था जो इस समय न्यायिक हिरासत में है. लेकिन, दूसरा अभियुक्त कई छापों के बावजूद पुलिस से बचने में कामयाब रहा.
हालांकि, सोमवार को पंजाब पुलिस ने उसे भी गिरफ़्तार कर लिया. पंजाब प्रांत के सूचना मंत्री फैयाज़-उल-हसन चौहान ने इस गिरफ़्तारी की पुष्टि की है.
स्थानीय टीवी चैनल जियो न्यूज़ से बात करते हुए फैयाज़ चौहान ने बताया कि ये अधिकारियों की योजाना थी कि अभियुक्त जब बेपरवाह हो जाएं तब उन्हें पकड़ने में आसानी होगी. जब ऐसा हुआ, तो उन्हें तुरंत गिरफ़्तार कर लिया गया.

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क्या है पूरी घटना
लाहौर के गुज्जरपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी के मुताबिक मोटरेव पर जंगल के पास पीड़ित महिला की गाड़ी का पेट्रोल ख़त्म हो गया था और वह मदद के इंतज़ार में खड़ी हुई थी. उसी समय 30 से 35 साल के दो हथियारबंद लोग आए और महिला और उसके बच्चों को गाड़ी से बाहर निकालकर पास के खेत में ले गए, जहां महिला के साथ रेप किया गया. इसके बाद अभियुक्त महिला के ज़ेवर और पैसे लेकर भाग गए.
प्राथमिकी के अनुसार, महिला के साथ बलात्कार की यह घटना रात करीब तीन बजे हुई. पीड़िता के एक रिश्तेदार ने बुधवार सुबह 10 बजे गुज्जरपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराया.
शिकायत दर्ज कराने वाले रिश्तेदार ने पुलिस को बताया कि मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि गाड़ी का शीशा टूटा हुआ था और उस पर ख़ून के निशान थे. इसके बाद उन्होंने पीड़ित महिला को जंगल की तरफ़ से बच्चों के साथ आते देखा.

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इस घटना के बाद कुछ ऐसे विवादित बयान भी आए जिनकी कड़ी आलोचना की गई. मोटरवे पुलिस का कहना था कि रिंग रोड जहां पर पर महिला के साथ बलात्कार हुआ वो मोटरवे पुलिस के दायरे में नहीं आता है.
लाहौर के सीसीपीओ उमर शेख़ ने इस घटना के बाद एक इंटरव्यू में कहा था, "तीन बच्चों की मां रात में अकेली अपनी गाड़ी में निकले तो, उसे सीधा रास्ता लेना चाहिए या नहीं? और यह भी चेक करना चाहिए कि गाड़ी में पेट्रोल पूरा है भी या नहीं..."
इसके बाद सीसीपीओ लाहौर की काफी आलोचना हुई. बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफ़ी मांगी. उनका बयान पाकिस्तानी सीनेट द्वारा मानवाधिकारों पर बनाई गई कमेटी तक भी पहुंचा जहां उनके बयान की निंदा की गई.

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मामले में पहली गिरफ़्तारी
14 सितंबर की शाम को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बज़दार ने घटना के बारे में जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने बताया, "सियालकोट मोटरवे की दुःखद घटना में एक व्यक्ति गिरफ़्तार किया जा चुका है. उसका डीएनए भी मैच हो चुका है और उसने अपना अपराध कबूल भी कर लिया है."
उस्मान बज़दार ने यह भी कहा कि मुक़दमे में वांछित दूसरे अभियुक्त की गिरफ़्तारी के लिए भी "हमारी पूरी टीम लगातार कोशिश कर रही है, उम्मीद है कि इंशाल्लाह उसकी गिरफ़्तारी भी जल्द ही हो जाएगी."
पंजाब पुलिस के प्रमुख इनाम ग़नी ने एक ट्विटर संदेश में कहा कि पकड़ा गया अभियुक्त बहावलनगर का है. इससे पहले 12 सितंबर को मुख्यमंत्री उस्मान बज़दार की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जिन दो अभियुक्तों का विवरण और फोटो जारी किया गया था, उनमें गिरफ़्तार किया गया अभियुक्त शामिल नहीं था.
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जिन अभियुक्तों की तस्वीरें अधिकारियों ने जारी की थीं उनमें से एक ने 13 सितंबर की सुबह लाहौर में आत्मसमर्पण कर दिया था और अपने ख़िलाफ़ सभी आरोपों से इनकार किया था.
इस अभियुक्त का कहना था कि कि जिस मोबाइल नंबर के आधार पर उस पर शक किया जा रहा है वो उस नंबर का इस्तेमाल नहीं करता. वो नंबर उसके रिश्तेदार के पास है. लेकिन, 14 सितंबर की सुबह अभियुक्त के रिश्तेदार ने भी ख़ुद को शेखू़पुरा में पुलिस के हवाले कर दिया था और इस घटना से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया था.
इसके बाद लाहौर आतंकवाद-रोधी अदालत ने अभियुक्त को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और उसे जेल में शिफ़्ट करने का आदेश दिया था. अदालत ने अभियोजन पक्ष की तरफ़ से अभियुक्त की पहचान परेड करवाने की अर्ज़ी भी मंज़ूर कर ली थी.
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