राजस्थान में पुजारी की हत्या: पटवारी सस्पेंड, जांच के लिए कमेटी गठित

इमेज स्रोत, Mohar Singh Meena
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान के करौली ज़िले की सपोटरा तहसील मुख्यालय से क़रीब चार किलोमीटर दूर बूकना गांव में एक मंदिर के पुजारी को ज़मीनी विवाद के चलते ज़िंदा जलाने का सनसनीख़ेज़ मामला सामने आया है. इलाज के दौरान पुजारी ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार रात दम तोड़ दिया.
पुजारी के शव का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया है. हालांकि परिजन और ग्रामीण काफी समय तक मांगें नहीं मानने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर डटे हुए थे. इस बीच भाजपा के कई नेता बूकना गांव पहुंच गए थे. और भी कई सांसद, विधायकों के पहुंचने की सूचना है. हालांकि कहा जा रहा है कि 10 लाख रुपये मुआवज़ा, एक सदस्य को संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नौकरी, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान पर सहमति बन गई है.स्थानीय पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है और स्थानीय थानाधिकारी की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, कमेटी की जांच पर कार्रवाई की जाएगी.
करौली के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बीबीसी को बताया कि, "डाइंग डिक्लेरेशन में बाबूलाल वैष्णव ने पाँच लोगों पर पेट्रोल डाल कर जलाने का आरोप लगाया है. पुलिस थाना सपोटरा में आईपीसी की धारा 307 में मामला दर्ज किया गया था, अब 302 धारा में बदलेंगे."
एसपी कच्छावा ने कहा कि, "धारा 302 में चार्जशीट पेश की जाएगी. इसमें पाँच नामज़द आरोपी बताए गए हैं. मुख्य आरोपी आरोपी कैलाश मीणा को हमने गिरफ़्तार कर लिया है, बाक़ी आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए हम प्रयास कर रहे हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि ज़मीनी विवाद के चलते यह घटना हुई है. दोनों ही पक्षों में से किसी ने भी पूर्व में पुलिस को किसी भी तरह के विवाद की सूचना नहीं दी है. यह घटना अचानक ही हुई है.
ज़मीन क़ब्ज़ा करने के प्रयास में बढ़ा विवाद

इमेज स्रोत, Mohar Singh Meena
पुलिस को दिए अपने आख़िरी ब्यान में मृतक बाबू लाल वैष्णव ने बताया था कि, "मेरा परिवार बूकना गांव में राधा गोपाल जी मंदिर की पूजा अर्चना करता है. मंदिर के नाम पर 15 बीघा ज़मीन पर हमारा परिवार खेती-बाड़ी करते हैं, जिस पर कैलाश मीणा और उनका परिवार क़ब्ज़ा करना चाहते थे."
आठ अक्टूबर सुबह क़रीब 10 बजे कैलाश मीणा अपने परिजनों के साथ आए और ज़मीन पर छान (कच्ची झोंपड़ी) बना रहे थे. मना करने पर विवाद हो गया और छान में आग लगा दी, जिसमें मैं गंभीर घायल हो गया.
मृतक के परिजन सुरेश वैष्णव ने बीबीसी से कहा, "यह मंदिर की ज़मीन है, जिसे हमारी सात पीढ़ियां देखती आ रही हैं. हमारे भाई साहब बाबूलाल वैष्णव ने इस ज़मीन पर छप्पर बनाने के लिए ज़मीन समतल कराई हुई थी और कड़ब (चारा) रखा हुआ था. लेकिन, कैलाश मीणा ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर रहे थे."

इमेज स्रोत, Mohar Singh Meena
सुरेश कहते हैं, "कैलाश मीणा ने भाई साहब की रखी कड़ब में आग लगाई और उन पर पेट्रोल छिड़क कर उन्हें भी जला दिया. सूचना पर घर वाले पहुँचे तब तक वो बहुत ज़्यादा जल चुके थे. उन्हें पहले सपोटरा अस्पताल ले गए जहां से गंगापुर रेफ़र कर दिया और गंगापुर से जयपुर के लिए रेफ़र किय गया. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई."
छह बेटियों और मानसिक रूप से अस्थिर एक बेटे के पिता मंदिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव ही घर का पालन पोषण करते थे. पाँच बेटियों की शादी हो चुकी है जबकि एक बेटा और बेटी अविवाहित हैं और पत्नी गृहणी हैं.
मुख्यमंत्री ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया, विपक्ष ने निशाना साधा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है, "सपोटरा में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है. प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है. घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने ट्वीट किया, "करौली ज़िले के सपोटरा में मंदिर के पुजारी को ज़िंदा जलाकर मौत के घाट उतार देने के मामले की जितनी निंदा की जाए, जितना दुःख जताया जाए, कम है."
इस मामले में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा, "करौली में एक मंदिर के पुजारी को ज़िंदा जला देना राजस्थान की दुर्दशा का हाल बता रहा है. अशोक जी राजस्थान को बंगाल बनाना चाहते हैं या राज्य जिहादियों को सौंप दिया है या इसका भी ठीकरा अपने राजकुमार की तरह मोदी जी या योगी जी पर फोड़ोंगे?'
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
सोशल मीडिया पर सामाजिक संगठनों, युवाओं और राजनेताओं ने इस मामले पर दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की माँग की है. परिवार को मुआवज़ा और सुरक्षा की भी माँग उठाई गई है.
बूकना गांव निवासी घनश्याम वैष्णव ने बीबीसी को बताया कि, "पुजारी बाबूलाल वैष्णव को ग्रामीणों ने मंदिर के लिए खेती की ज़मीन दान दी थी, जो राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफ़ी में दर्ज है. चार पाँच दिन पहले भी गांव के सौ घरों की बैठक में पंचों ने पुजारी का समर्थन किया था."
सवाई मानसिंह अस्पताल में भी हुआ प्रदर्शन
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान पुजारी बाबूलाल की मौत की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया.
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष विपिन शर्मा का कहना है कि, पुजारी के हत्यारों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए और 50 लाख रुपए मुआवज़ा भी दिया जाना चाहिए.
करौली ज़िले में प्रशासन को ज्ञापन दिए गए और पुजारी की हत्या में शामिल सभी दोषियों को जल्द ही सज़ा दिलाने की माँग की गई.
शुक्रवार शाम क़रीब पाँच बजे पुजारी बाबूलाल के शव को एंबुलेंस से बूकना गांव लाया गया जहां मृतक पुजारी के परिजन शोक में डूबे थे.
वहीं दूसरी ओर अभियुक्तों के परिवार के सभी सदस्य फ़रार बताए गए हैं, पुलिस उनकी गिरफ़्तारी की कोशिशों में जुटी है.

इमेज स्रोत, Mohar Singh Meena
माँग नहीं मानने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे
मृतक पुजारी बाबू लाल वैष्णव का शव शाम को उनके घर पहुँच गया. लेकिन परिजन प्रशासन द्वारा माँग नहीं मानने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.
मृतक बाबूलाल वैष्णव के परिजन सुरेश वैष्णव ने कहा, "जब तक प्रशासन हमारी माँग नहीं मानेगा, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. चाहे कितने ही दिन शव रखना हो."
सुरेश का कहना है कि, 50 लाख रुपए मुआवज़ा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार की सुरक्षा की माँग है.
इधर, सपोटरा एसडीएम ओमप्रकाश मीणा ने बीबीसी से कहा, "हिन्दू रीतिरिवाजों के मुताबिक़ सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं करते हैं, इसलिए परिजन सुबह अंतिम संस्कार करेंगे. जो भी माँग होगी वह सुबह रख देंगे."
एसडीएम का कहना था, "हम दिन में परिजनों के पास गए थे, उन्होंने कोई स्पष्ट माँग नहीं रखी है. दोषियों की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई व आर्थिक सहायता की बात ज़रूर रखी है. लेकिन, अभी तक परिजनों की ओर से स्पष्ट और लिखित में कोई माँग नहीं की गई है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














