पीएम मोदी के नए एयर इंडिया वन विमान में क्या है ख़ास: प्रेस रिव्यू

एयर इंडिया का विमान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और अन्य वीवीआईपी के लिए ख़ास ऑर्डर पर अमरीका में दो एयर इंडिया वन (बोइंग 777) विमान तैयार करवाये गए हैं. इन दोनों विमानों में से एक गुरुवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा.

इस ख़बर को नवभारत टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है.

अख़बार के अनुसार ये विमान एयर इंडिया के कमर्शियल बेड़े में थे और इन्हें अमरीकी राष्ट्रपति के विशेष विमान एयरफ़ोर्स वन की तर्ज़ पर मिसाइल हमले से बचने जैसे सिक्यॉरिटी फ़ीचर्स से सुसज्जित करने के लिए बोइंग के पास भेजा गया था.

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अख़बार के मुताबिक़, इन दोनों विमानों को अपग्रेड करने पर 8,400 करोड़ रुपये का ख़र्च आया है. ये दोनों विमान मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम से सुसज्जित हैं. इस तकनीक को अमरीका से 1,389 करोड़ में ख़रीदा गया है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जब तक एयर फ़ोर्स के पायलटों को इसे चलाने की पूरी ट्रेनिंग नहीं दे दी जाती तब तक एयर इंडिया के पायलट ही इसका संचालन करेंगे.

यह विमान प्रधानमंत्री की यात्रा में इस्तेमाल किये जाने वाले वी-747 की जगह लेगा. इस विमान में तमाम तरह की विशेष सुविधाएं दी गई हैं. इसमें एक विशेष सिक्योरिटी सुइट है जिसमें रहते हुए वीआईपी की सुरक्षा को कोई ख़तरा नहीं हो सकता है. इसमें हवा में वीडियो और ऑडियो कम्यूनिकेशन की भी सुविधा है. इस विमान में एक छोटा मेडिकल सेंटर भी बनाया गया है.

उम ख़ालिद

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दिल्ली दंगे: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद को गिरफ़्तार किया गया

जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद को दिल्ली दंगों के मामले में एक दूसरी एफ़आईआर के आधार पर औपचारिक रूप से गिरफ़्तार कर लिया गया है.

द हिंदू अख़बार ने उमर ख़ालिद की दोस्त बनज्योत्सना लाहिरी के हवाले से यह ख़बर प्रकाशित की है.

उन्होंने बताया कि बुधवार को क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ़्तार किया है. हालांकि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों की तरफ से इस मामले पर कोई टिप्पणी अब तक नहीं गई है.

बनज्योत्सना लाहिरी ने अख़बार को बताया है कि यह गिरफ़्तारी दिल्ली के खजूरीखास पुलिस स्टेशन में दर्ज एफ़आईआर संख्या 101 के आधार पर की गई है. इस एफ़आईआर में अन्य लोगों समेत उमर पर दंगे में शामिल होने, आगजनी करने, आपराधिक षड़यंत्र करने जैसे मामलों के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की गई है.

हालांकि इससे पहले भी उमर से सितंबर महीने के पहले सप्ताह में सीबीआई ने इस संबंध में पूछताछ की थी.

गूगल

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न्यूज़ कंटेंट के लिए पब्लिशर्स को गूगल देगा एक बिलियन डॉलर

गूगल ने गुरुवार को घोषणा की कि अगले तीन साल तक कंटेंट पार्टनरशिप के तहत वो दुनिया भर के चुनिंदा न्यूज़ पब्लिशर्स को 1 बिलियन डॉलर (लगभग 73,28,00,00,000 रुपये) देगा.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है.

ये पैसे गूगल अपने एक प्रोग्राम के तहत देगा जहां कंपनी के न्यूज़ प्रोडक्ट पर कंटेंट अपलोड करेंगे. सीईओ सुंदर पिचाई ने एक ब्लॉगपोस्ट लिखकर भी इस बारे में जानकारी दी है.

इस नए प्रोजेक्ट के तहत गूगल ने जर्मनी, ब्राज़ील, अर्जेंटीना, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के करीब 200 पब्लिकेशन के साथ समझौता किया है. सुंदर पिचाई के मुताबिक़, ये नया प्रोडक्ट सबसे पहले जर्मनी में शोकेस किया जाएगा. इसके लिए जर्मन न्यूज़ पेपर देर स्पेइगेल, स्टर्न, दी ज़ेइत के साथ कंपनी ने साझेदारी की है.

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