जेईई-नीट परीक्षाएं होंगी तय समय पर, एनटीए ने किया साफ़

महिलाएं

इमेज स्रोत, Hindustan Times

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को साफ़ कर दिया कि इंजीनियरिंग के दाख़िले के लिए होने वाली जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (जेईई) की मेन परीक्षा और मेडिकल के लिए होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) यूजी या नीट की परीक्षा अपने तय समय पर ही होगी.

कोरोना वायरस महामारी के कारण इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की जा रही थी.

एनटीए ने प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया है कि एनईईटी की परीक्षा 12 सितंबर और जेईई की परीक्षा 1 से 6 सितंबर तक होगी.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

एनटीए ने अपनी प्रेस रिलीज़ में 17 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला दिया है जब सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षाएं स्थगित करने की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा था कि छात्रों का क़ीमती साल 'बर्बाद नहीं किया जा सकता है' और ज़िंदगी चलते रहने का नाम है.

इसके बाद एनटीए ने जेईई (मेन) परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर दिया था जबकि एनईईटी का प्रवेश पत्र अभी जारी किया जाना बाकी है.

इन परीक्षाओं के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि 99 फ़ीसदी छात्रों को उनकी पहली पसंद के शहर में ही सेंटर मिले.

एनटीए की प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के कारण जेईई मेन की परीक्षा के परीक्षा केंद्रों को 570 से 660 कर दिया गया है. वहीं, एनईईटी की परीक्षा के लिए 2546 की जगह 3843 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.

जेईई जहां कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी वहीं एनईईटी में पेन-पेपर से परीक्षा देनी होगी.

परीक्षा केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग बरक़रार रखने के लिए जेईई (मेन) की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी एक सीट छोड़कर बैठेंगे. वहीं एनईईटी के परीक्षा केंद्रों में हर कमरे में 24 की जगह सिर्फ़ 12 परीक्षार्थी होंगे.

परीक्षा स्थगित करने की हो रही थी मांग

कोरोना वायरस महामारी और कई राज्यों में भयंकर बाढ़ के कारण इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की जा रही थी.

अभिनेता सोनू सूद ने ट्वीट करके इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी और साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की थी.

डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर ऐसी ही मांग की.

उन्होंने कहा कि छात्र और उनके परिजन मानसिक दबाव में हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों के कारण हर कोई परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सकता है.

वीडियो कैप्शन, आईआईटी-जेईई और नीट परीक्षा की तारीख़ आगे बढ़ाने की माँग

इनके अलावा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यही मांग की.

ग्रेटा थनबर्ग भी आईं समर्थन में

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

मंगलवार को जलवायु परिवर्तन आंदोलनकारी ग्रेटा थनबर्ग भी सामने आईं. उन्होंने ट्वीट करके इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की.

उन्होंने ट्वीट किया, "यह बहुत अन्यायपूर्ण है कि भारत में छात्रों को कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा में बैठने के लिए कहा जा रहा है जबकि लाखों लोग भीषण बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. मैं उनकी कोविड में जेईई-नीट परीक्षाओं के स्थगित करने के मांग के साथ खड़ी हूँ."

बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित राज्यों असम, बिहार, गुजरात, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के छात्र और उनके अभिभावक आईआटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)