व्लादिमीर पुतिन अक्तूबर में आ सकते हैं भारत, रूस के साथ कई समझौतों की उम्मीद - प्रेस रिव्यू

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भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अक्तूबर में भारत यात्रा पर आ सकते हैं और उनकी इस प्रस्तावित यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच कई उच्च स्तरीय समझौते होने की संभावना है.

राष्ट्रपति पुतिन की इस प्रस्तावित यात्रा पर दैनिक जागरण अख़बार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के हवाले से लिखा है कि 'हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत हुई थी जिसमें मोदी ने पुतिन को रूस में हुए संवैधानिक संशोधनों पर मिले जन-समर्थन के लिए बधाई दी. साथ ही दोनों नेताओं ने कुछ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की.'

अख़बार ने लिखा है कि 'दोनों देशों के बीच आगामी महीनों में उच्च स्तरीय वार्ताओं की एक लंबी फ़ेहरिस्‍त है. इसमें शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक और रक्षा मंत्रियों की बैठक भी शामिल है. अक्तूबर में वार्षिक द्विपक्षीय शिखर वार्ता भी होने वाली है जिसमें पुतिन के भारत आने की उम्‍मीद है.'

जून के अंतिम सप्ताह में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मॉस्को गये थे और भारतीय सैन्य दस्ते ने दूसरे विश्व युद्ध में मिली विजय की 75वीं वर्षगाँठ पर आयोजित परेड में हिस्सा भी लिया था.

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भारत के सेना प्रमुख ने किया एलएसी का दौरा

चीन के साथ तनाव के बीच भारत के सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर पूर्वी कमान के सभी कोर कमांडरों से बातचीत की.

हिन्दुस्तान अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही इसलिए सेना सर्दियों में भी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों और हथियारों की संख्या बरक़रार रखना चाहती है.

पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ हुई झड़प के मद्देनज़र भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूद सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है.

अख़बार लिखता है कि भारतीय वायु सेना ने भी अरुणाचल सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वायु सीमा पर निगरानी रखने के लिए मुख्य ठिकानों पर अतिरिक्त युद्धक विमान और हेलीकाप्टर तैनात किये हैं.

भारतीय सेना प्रमुख ने गुरुवार को तेजपुर स्थित चौथी कोर के मुख्यालय का दौरा किया था. वे शुक्रवार को लखनऊ स्थित सेना की मध्य कमान का दौरा करेंगे.

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जाधव के मामले में भारत-पाकिस्तान के बीच अजीब अनबन!

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान के दावे के बाद भारत सरकार ने कहा है कि 'उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई.'

द इकोनॉमिक टाइम्स अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के हवाले से लिखा है कि "हमें जाधव के केस के संबंध में पाकिस्तान की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है."

दरअसल, पाकिस्तान ने गुरुवार को दावा किया था कि उसने मौत की सज़ा पाये कुलभूषण जाधव के लिए वकील नियुक्त करने के लिए राजनयिक माध्यम से भारत को सूचित किया है.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आयशा फ़ारूक़ी ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा था कि "इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि भारत और जाधव को वकील नियुक्त करने के लिए एक और मौका दिया जाये. कोर्ट के तीन अगस्त के निर्देशों के बाद हमने राजनयिक माध्यम से भारतीय पक्ष से संपर्क किया और उन्हें इसकी सूचना दी." लेकिन भारतीय पक्ष का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली.

जबकि पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि "हम भारत के जवाब का इंतजार कर रहे हैं."

अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी कहा है कि 'इस मामले में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को लागू करना चाहिए और भारत को संबंधित दस्तावेज़ मुहैया कराना चाहिए, साथ ही जाधव को बेरोकटोक, बाधारहित और बिना शर्त राजनयिक पहुँच मुहैया करानी चाहिए.'

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JEE (Main) और NEET-UG के परीक्षाएं रद्द करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचे छात्र

भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनज़र सितंबर में प्रस्तावित JEE (Main) और NEET-UG की परीक्षायें स्थगित करने के अनुरोध के साथ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गयी है.

द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार, यह याचिका 11 राज्यों के 11 छात्रों ने दायर की है. याचिका में कोरोना वायरस महामारी का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए) के तीन जुलाई के नोटिस को रद्द करने का अनुरोध किया गया है.

एनटीए ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा, अप्रैल 2020 और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) को सितंबर में कराने का निर्णय लिया है.

एनटीए के नोटिस के अनुसार, JEE (Main) की परीक्षा 1-6 सितंबर तक और नीट-यूजी की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित होनी है.

अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़, याचिका में इन परीक्षाओं के लिये परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि छात्रों और उनके माता-पिता की ज़िंदगी सुरक्षित रखने के लिये कोविड-19 का संकट ख़त्म होने के बाद ही ये परीक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए.

याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि संबंधित प्राधिकारियों ने बिहार, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित लाखों छात्रों की स्थिति को नज़रअंदाज करते हुए परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है.

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