दिल्ली दंगा: आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा के शव पर 51 जख़्म मिले थे- पुलिस की चार्जशीट

- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाक़े में इसी साल फ़रवरी के आख़िरी सप्ताह में दंगे हुए थे, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 52 लोगों की मौत हुई थी.
मरने वालों में गुप्तचर एजेंसी आईबी के एक कर्मचारी अंकित शर्मा भी थे. दिल्ली पुलिस ने उनकी हत्या के मामले में स्थानीय काउंसलर ताहिर समेत कई अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया था और बुधवार को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी दाख़िल कर दी है.
अंकित शर्मा के परिवार ने उनके लिए शहीद के दर्जे की माँग की है और कहा है कि उनके हत्यारों को मौत की सज़ा दी जाए.
दिल्ली पुलिस द्वारा अंकित शर्मा की मौत के मामले में चार्जशीट के दाख़िले के बाद अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि उनका परिवार 'इस दर्दनाक घटना को भुलाने की भरसक कोशिश कर रहा है' और भगवान से प्रार्थना करता है कि 'चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान किसी का बेटा इस तरह से न मारा जाये.'
एफ़आईआर के मुताबिक़ अंकित शर्मा 25 फ़रवरी की शाम घर से किसी काम से निकले थे जिसके बाद दूसरे दिन उनका शव चांदबाग़ के पास के नाले से मिला. अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की तरफ़ से की गई शिकायत में इलाक़े के काउंसिलर ताहिर हुसैन को पूरे मामले के लिए ज़िम्मेदार बताया गया है.
ताहिर हुसैन पर आरोप
बुधवार को दिल्ली पुलिस के ज़रिये दाख़िल चार्जशीट में कहा गया है कि अंकित शर्मा के शव पर बरामदगी के समय 51 ज़ख़्म मिले थे, जैसे उनपर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया हो, जिससे लगता है कि पूरा मामला किसी बड़ी साज़िश का नतीजा थी.
11 मार्च को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने अंकित शर्मा के शरीर पर 400 घावों के पाए जाने की बात कही थी.
जहां कुछ लोगों का कहना है कि ये दंगे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और मंत्रियों के द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषणों और बयानों का नतीजा थीं, तो सरकार बार-बार इसे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के बीच देश को बदनाम करने की साज़िश का हिस्सा बताती रही है, जो साज़िश सरकार के अनुसार नागरिकता क़ानून का विरोध कर रहे लोगों और अन्य ने मिलकर तैयार की थी.

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अंकित शर्मा मामले में ताहिर हुसैन और अन्य के ख़िलाफ़ हत्या, साज़िश और भारतीय दंड संहिता के दूसरे मामलों में केस दर्ज हुआ था.
पुलिस ने इसी मामले में हसीन नाम के एक सब्ज़ी बेचनेवाले को भी अभियुक्त बनाया है जिसने फ़ोन पर किसी को एक व्यक्ति को मारने और उसका शव नाला में फेंकने की बात कही थी.
चार्जशीट में सुंदर नगरी के निवासी हसीन उर्फ़ मुल्लाजी उर्फ़ सलमान को गिरफ़्तारी के बाद 13 मार्चे को अदालत के सामने पेश करने की बात कही गई है और कहा गया है कि उनके घर से हथियार और ख़ून से सनी क़मीज़ बरामद हुई.
हसीन की वकील अफ़शां पराचा ने बीबीसी से कहा कि पुलिस ने ये मामला महज़ गढ़ा है जो हसीन के नाम को जिस तरह से उर्फ़ में लिखा गया है वो उससे भी ज़ाहिर होता है, वो पहले उसे सलमान नाम से बुलाती रही लेकिन बाद में अपनी कमी को छुपाने के लिए मुल्लाजी और हसीन जोड़ा गया.
अफ़शां पराचा ने कहा कि पुलिस हसीन के अलीगढ़ के किसी स्कूल में जाने की बात कह रही है जबकि उसकी मां के मुताबिक़ वो कभी स्कूल गया ही नहीं.
उनके मुताबिक़ दूसरे बहुत सारे लोगों की तरह हसीन भी 22 फ़रवरी से आयोजित दो दिनों के इज्तिमा में शामिल होने भजनपुरा की ओर आया था और अचानक से शुरु हुए दंगों की वजह से इधर ही फंस कर रह गया.
इस मामले में अदालत में 16 जून को सुनवाई होगी.
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