केरल में हथिनी की मौत, मेनका गांधी के आरोप सवालों में

हथिनी

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

केरल में गर्भवती हथिनी की दर्दनाक मौत के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने ऐसे आरोप लगाए हैं, जिन्हें हाथियों के एक चर्चित विशेषज्ञ और हाथियों के मालिकों के प्रतिनिधि ने 'ग़लत' बताया है.

दिल्ली में समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में मेनका गांधी ने हथिनी की मौत को हत्या बताते हुए कहा कि मल्लापुरम ऐसी घटनाओं के कुख्यात है.

उन्होंने कहा, 'ये भारत के सबसे हिंसक ज़िलों में एक है. उदाहरण के तौर पर यहां सड़कों पर ज़हर फेंक दिया जाता है जिसे खाकर 300-400 पक्षी या कई कुत्ते एक ही बार में मर जाते हैं.'

मेनका गांधी ने कहा, 'लगभग 600 हाथी मंदिरों में टांगे तोड़कर या भूखा रखकर या निजी मालिकों द्वारा डुबाकर या जंग लगी कीलें खिलाकर मार दिए जाते हैं.'

वहीं हाथी विशेषज्ञ और केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक डॉ. पीएस ईसा ने बीबीसी हिंदी से कहा, 'पालतू हाथियों की गिनती में कुल 507 हाथी पाए गए थे जिनमें 410 नर और 97 मादा हैं. साल 2017 में 17 हाथियों की मौत हुई जबकि साल 2018 में 34 और साल 2019 में 14 हाथियों की मौत हुई.'

वीडियो कैप्शन, गर्भवती हथिनी की मौत पर इंसानों को शर्मसार क्यों होना चाहिए?

ये आंकड़े उस रिपोर्ट से हैं जो साल 2019 में उन्होंने केरल हाई कोर्ट में पेश की थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि साल 2007 से 2018 के बीच क्रूरता की वजह से कुल 14 हाथियों की मौत हुई.

'कभी ऐसी क्रूरता के बारे में नहीं सुना'

हाथियों के साथ क्रूरता के आरोप पर डॉ. ईसा कहते हैं, 'ऐसा संभव नहीं है क्योंकि जैसे ही ऐसी कोई घटना होगी, कोई न कोई उसके बारे में सोशल मीडिया पर लिख ही देगा और मुक़दमे दर्ज हो जाएंगे. मेरे सामने कभी भी जलाने का या डुबाने का मामला सामने नहीं आया है. मैंने कभी ऐसी क्रूरता के बारे में नहीं सुना.'

मेनका गांधी ने एक और आरोप लगाते हुए कहा, 'त्रिचूर के इरीनजलकुडा शहर में कूडालमिनक्यम मंदिर में एक युवा हाथी को बंधक बनाकर पीटा जा रहा है. उसकी टांगों को चार दिशानों में बांधकर खींचा जा रहा है. मैंने एक महीने पहले शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की है. बहुत जल्द ही ये हाथी भी मर जाएगा.'

हाथी की मौत

हाथियों के मालिकों के संगठन एलिफेंट्स ऑनर फ़ेडेरेशन के महासचिव पी शशिकुमार ने कहा, 'कूडलमनिक्यम मंदिर सरकार की देखरेख में है. हाथी किसी जंज़ीर से नहीं बंधा है. जब क्रूरता के आरोप लगाए गए थे तो मुख्य वन अधिकारी ने एक टीम को भेजकर इसकी जांच करवाई थी. कुछ भी ग़लत नहीं मिला था. ये मंदिर हाथियों की अच्छी देखभाल करने के लिए जाना जाता है.'

'हाथियों के संरक्षण के नाम पर दिखावा'

शशिकुमार के मुताबिक, गुरूवयूर में 48 हाथी हैं, कोची देवासम बोर्ड के पास 9 हाथी हैं, त्रवणकोर देवासम बोर्ड के पास 30 हाथी हैं और मालाबार देवासम बोर्ड के पास 30 हाथी हैं.

उन्होंने कहा कि इस समय फेडेरेशन के 380 सदस्य हैं जिनके पास 486 पालतू हाथी हैं.

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वो कहते हैं, 'मंदिरों में उत्सवों के दौरान हाथियों के पैरों को बांधकर रखा जाता है ताकि वो अपने आप को या श्रद्धालुओं को घायल न कर दें. हाथियों के पैरों पर ज़रूर कुछ निशान होंगे. लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपने आपको पशु अधिकार कार्यकर्ता कहते हैं और वो इसे क्रूरता की तरह दिखाते हैं. अगर हम घर में भी हाथी रखते हैं तो उसे ऐसे ही बांधकर रखते हैं जैसे कि कुत्ते को बांधकर रखते हैं.'

शशिकुमार कहते हैं, 'अपने आपको संरक्षणवादी कहने वाले लोगों का मूल मक़सद मंदिर के उत्सवों को रोकना है. हाथी इन उत्सवों का हिस्सा हैं. हमने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि ऐसी कोई क्रूरता नहीं की जाती है जैसा कि मेनका गांधी ने दावा किया है. हाथियों के संरक्षण के नाम पर बहुत पैसा भी मिलता है.'

हालांकि, डॉ ईसा स्वीकार करते हैं कि हाथियों के संरक्षण के नाम पर बहुत दिखावा भी हो रहा है.

वो कहते हैं, 'वन विभाग पशु चिकित्सकों की मदद से उत्सवों में शामिल होने वाले हाथियों की पूरी जांच-पड़ताल करता है. ऐसे में अस्वस्थ हाथियों या घायल हाथियों या शराब पिए हुए महावत के साथ हाथी को परेड में शामिल करना संभव ही नहीं है. हां मैं ये ज़रूर स्वीकार करता हूं कि कुछ कमियां भी हैं.'

मंदिर में हाथी

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हाई कोर्ट में पेश अपनी रिपोर्ट में डॉ. ईसा ने कहा है कि बीते एक दशक में हाथियों की संख्या में कमी आई है जिसकी वजह मालिकों का कुप्रबंधन भी है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि मालिकों को हाथियों को समय पर खाना देना चाहिए.

शशिकुमार कहते हैं कि पलक्कड़ ज़िले में विस्फोटक से भरा अनानास खाने से गर्भवती हथिनी की मौत एक दुर्लभ घटना है. उन्होंने कहा कि मेनका गांधी ने अपने बयान में ज़िले का नाम तक ग़लत लिया है.

वो कहते हैं, हम चाहते हैं कि पलक्कड़ की घटना की गंभीरता से जांच हो और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.

हाथी

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मेनका गांधी ने केरल के वनमंत्री के. राजू, अतिरिक्त चीफ़ सेक्रेट्री और वनों के मुख्य संरक्षण का मोबाइल नंबर, लैंडलाइन नंबर और ईमेल सार्वजनिक करते हुए लोगों से उन्हें फ़ोन करके शिकायत करने की अपील की थी.

मेनका गांधी ने आरोप लगाया है कि उनकी ओर से की जाने वाली शिकायतों का जवाब नहीं दिया जाता है.

इसी बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि कोझीकोड से एक विशेष जांच दल मौके पर भेजा गया है.

उन्होंने कहा, 'पुलिस से दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.'

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