असम में भूस्खलन में कम से कम 20 लोगों की मौत

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- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
असम के बराक वैली इलाक़े के तीन अलग-अलग ज़िलों में मंगलवार हुई भूस्खलन की घटनाओं में 20 लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. ज़िला प्रशासन के अधिकारियों ने भूस्खलन में मारे गए लोगों की पुष्टि की है.
भारत के राष्ट्रपति ने भी इस पर दुख व्यक्त किया है.
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दरअसल बराक वैली क्षेत्र में बीते कई दिनों से भारी बारिश हो रही थी.
बांग्लादेश की सीमा से सटे करीमगंज में भूस्खलन के कारण छह लोगों की मौत हुई है.
करीमगंज के ज़िला उपायुक्त अंबामुथन एमपी ने बीबीसी से कहा, "यह घटना हमारे ज़िले के मनोसंघन इलाक़े के करीमपुर गांव की है. दरअसल बीती रात यहां काफ़ी बारिश हुई थी और उसी कारण यह भूस्खलन की घटना हुई है. अबतक छह लोग मारे गए हैं और तीन लोग जख्मी हुए हैं. बाक़ी सभी लोगों को निकाल लिया गया है."
अपनी बहन को खो चुके करीमपुर के अखमद अली इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहते है, "मेरी बहन जो मर गई, वह जहाना बेगम थी. उसकी उम्र 14 साल थी. मेरी पत्नी अनवरा बेगम घायल हुई हैं. इस घटना में मेरे दोनों बच्चे भी घायल हुए हैं. फ़िलहाल, उन्हें अस्पताल ले गए हैं. यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है. मैं सुबह उठकर कुछ घरेलू काम करने के बाद रास्ते की ओर चला गया था. तभी अचानक मुझे तेज़ आवाज़ सुनाई दी. यह आवाज़ मेरे घर की तरफ़ से आई थी. मैं तेज़ी से घर की ओर भागा, तो मैंने देखा कि मेरा पूरा घर मिट्टी में दब गया है. परिवार के सदस्य ज़मीन के अंदर दफ़न थे. मैंने सबसे पहले अपने दो साल के बच्चे को निकाला. उसके बाद मैंने अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी. मैं इस दौरान मदद के लिए चिल्ला रहा था. बाद में लोगों की मदद से मेरी पत्नी और दूसरे बच्चे को बाहर निकाला गया. लेकिन मैं अपनी बहन नहीं तलाश पाया."

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करीमगंज में लैंडस्लाइड की घटना मरने वालों में पाँच लोग एक ही परिवार के थे.
वहीं कछार की ज़िला उपायुक्त कीथी जल्ली ने बीबीसी से कहा, "लैंडस्लाइड की घटना में कुल सात लोग दब गए थे जिनमें छह की मौत हो गई है जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सारे लोगों को निकाल लिया गया है. यह घटना लखीपुर अनुमंडल के जोयपुर की है. मरने वालों में एक महिला है"
उधर हैलाकांडी ज़िले के मोहनपुर गांव में हुई इस घटना में दो परिवार के कुल आठ लोगों की मौत हो गई है.
ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जिस इलाक़े में यह घटना हुई है वो पहाड़ी इलाक़ा है और लोग मीट्टी के टिलों पर घर बनाकर रह रहें थे जो काफ़ी जोखिम से भरा है. लगातार बारिश होने के कारण मिट्टी धस गई. मरने वालों मे 40 साल के कुतुम मियां लस्कर, उनकी पत्नी जुल्फा बेगम, तीन बेटियां शामिल हैं.

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असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने एक ट्वीट के ज़रिए भूस्खलन में मरने वाले लोगों के प्रति संवेदना वयक्त करते हुए कहा, "बराक घाटी में लगातार बारिश से भूस्खलन के कारण हुए जानमाल के नुक़सान पर गहरा दुख हुआ है. मैंने कछार, हैलाकांडी और करीमगंज ज़िला प्रशासन और एसडीआरएफ़ को निर्देश दिया है कि वे बचाव, राहत अभियान चलाएं और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद की सुविधा प्रदान करें."
असम में आई बाढ़ में अबतक कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है. जबकि बाढ़ से प्रभावित नलबाड़ी, ग्वालपाड़ा, नागांव, होजाई, पश्चिम कार्बी आंगलोंग, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया ज़िलों के 356 गांवों में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं.
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