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आत्मनिर्भर भारत पैकेज: किन 8 क्षेत्रों में कैसे सुधारों की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत दी जाने वाली चौथी क़िस्त का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को किया.
12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी जिसके बाद से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके इस पैकेज के तहत किस-किस मद में कितना पैसा दिया जाना है वो इसकी घोषणा कर रहीं हैं.
शनिवार को उनकी लगातार चौथी प्रेस कॉन्फ़्रेंस थी. इससे पहले हुई तीन प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने एमएसएमई, प्रवासी मज़दूर, कृषि और पशुपालकों के लिए अहम घोषणाएं की थीं.
शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आज देश के कई सेक्टर में संरचनात्मक सुधारों की ज़रूरत है, इसमें उन्होंने डायरेक्ट बैंक ट्रांसफ़र, जीएसटी, कोयला क्षेत्र, सिंचाई क्षेत्र आदि का नाम भी लिया.
उन्होंने कहा कि कई सेक्टर में नीतियां बदलने की ज़रूरत है ताकि उनमें जान डाली जा सके और उससे निवेश आएगा और नौकरियां मिल सकेंगी.
कोयला खनन में वाणिज्यिक गतिविधि के लिए छूट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आठ क्षेत्रों में सुधारों की घोषणा की है ताकि फ़ास्ट ट्रैक इन्वेस्टमेंट आ सके.
हर मंत्रालय में एक प्रोजेक्ट डेवेलपमेंट सेल बनाने की योजना है ताकि यह जाना जा सके कि कैसे निवेश लाया जा सकता है.
इसमें कोयला, खनिज पदार्थ, डिफ़ेंस विनिर्माण, एयरोस्पेस मैनेजमेंट, स्पेस सेक्टर, एटॉमिक एनर्जी जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
कोयला क्षेत्र में सुधार के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि कोयला खनन में कमर्शियल गतिविधि के लिए छूट दी जाएगी ताकि सरकारी एकाधिकार ख़त्म हो.
उन्होंने कहा कि 50,000 करोड़ खनन इन्फ़्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए सरकार देगी और जल्द ही 50 कोयला ब्लॉक खनन के लिए नीलामी पर उपलब्ध कराए जाएंगे.
500 माइनिंग ब्लॉक की होगी नीलामी
खनिज पदार्थ को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से नीतियों में सुधार किया गया है.
खनिज पदार्थ क्षेत्र में भी 500 माइनिंग ब्लॉक की नीलामी की जाएगी. इसमें बॉक्साइट और कोयले के ब्लॉक की साथ में नीलामी हो, इसकी कोशिश की जाएगी.
इसके साथ ही वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मिनरल इंडेक्स बनाने की बात कही.
ऑर्डिनेंस फ़ैक्ट्रियों का निगमीकरण होगा
रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि सेना को जिन हथियारों की ज़रूरत है वो बाहर से मंगाए जाएंगे और उन हथियारों को नोटिफ़ाई किया जाएगा जिन्हें भारत में ही बनाया जा सकता है, साथ ही हथियारों के आयातित पुर्ज़ों को भारत में बनाने की व्यवस्था की जाएगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि जो हथियार भारत में ही ख़रीदे जा सकते हैं उनके लिए अलग से बजट की व्यवस्था की जाएगी ताकि आयात बिल कम हो.
ऑर्डिनेंस फ़ैक्ट्रियों के निगमीकरण किए जाने की बात भी वित्त मंत्री ने की.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि इन फ़ैक्ट्रियों के निगमीकरण करने का मतलब निजीकरण नहीं है.
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि निगमीकरण से बेहतर हथियार बनाने और कामकाज सही से चलाने में मदद मिलेगी.
साथ ही ऑर्डिनेंस फ़ैक्ट्री शेयर मार्केट में लिस्टेड की जाएगी. रक्षा निर्माण में एफ़डीआई लिमिट को 49 फ़ीसदी से बढ़ाकर 74 फ़ीसदी कर दिया जाएगा.
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की, जो इस प्रकार हैं..
- नागर विमानन क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार के तहत तीन बड़े क़दमों की घोषणा की गई. भारतीय वायु क्षेत्र की पाबंदियों को सरल-सुगम बनाया जाएगा ताकि लोगों का समय बचे और ईंधन कम ख़र्च हो.
- इस वायु क्षेत्र के विस्तार से एक हज़ार करोड़ रुपये का लाभ होगा.
- छह एयरपोर्ट की पीपीपी के आधार पर नीलामी की जाएगी ताकि उन्हें बेहतर तरीक़े से विकसित किया जा सके.
- केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण किया जाएगा. इससे बेहतर सेवा दी जा सकेंगी ताकि यह देशभर के लिए एक मॉडल बन सके.
- सोशल बुनियादी ढांचे में 8100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा.
- अंतरिक्ष क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा. निजी क्षेत्र की कंपनियों को इसरो के संसाधन इस्तेमाल करने का प्रावधान किया जाएगा.
- एटॉमिक क्षेत्र में पीपीपी के ज़रिए रिसर्च रिएक्टर में शोध को बढ़ावा दिया जाएगा.
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