आत्मनिर्भर भारत: किसानों को 1 लाख करोड़, पशुपालकों को 20 हज़ार करोड़ और क्या बोलीं सीतारमण

निर्मला सीतारमण

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स्रोत: जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियां

आंकड़े कब अपडेट किए गए 5 जुलाई 2022, 1:29 pm IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अपनी तीसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत दी जाने वाली तीसरी किस्त का ऐलान किया.

तीसरी किस्त में खेती, दुग्ध व्यवसाय, पशुपालन, मछली पालन और फ़ूड प्रोसिंग जैसे व्यवसायों को प्रमुखता दी गई.

वित्त मंत्री ने 11 अलग-अलग चरणों में कृषि और कृषि व्यवसाय से जुड़े क्षेत्रों को दी जाने वाली राहत राशि का ऐलान किया.

निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ रुपये, सूक्ष्म खाद्य संस्करण इकाइयों की मदद के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये और मछुआरों और पशुपालकों के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान किया.

तीसरी किस्त के ऐलान

तीसरी किस्त के प्रमुख ऐलान इस तरह हैं:

  • कृषि के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान. इससे भंडारण की क्षमता, मूल्य संवर्धन, निर्यात, आपूर्ति चेन सुधारने और किसानों की आय बढ़ाने में तत्काल मदद मिलेगी. इसका फ़ायदा कृषि उद्यमियों, खेती से जुड़े स्टार्ट अप्स और सहकारी संगठनों को मिलेगा.
  • सूक्ष्म खाद्य संस्करण इकाइयों की मदद के लिए (MFEs) बनाने के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये की घोषणा. दो लाख माइक्रो फ़ूड एंटरप्राइज़ को इसका लाभ मिलेगा. इससे अलग-अलग राज्यों में क्लस्टर भी बनाए जा सकते हैं.
  • मछुआरों और पशुपालकों के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान. फ़ंड का ऐलान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किया गया है. मत्स्य व्यवसाय के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए नौ हज़ार करोड़ रुपये की घोषणा की गई है.
तीसरी किस्त के ऐलान
  • नेशनल एनिमल डिज़ीज़ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत 13,343 करोड़ रुपये की धनराशि का ऐलान. इसके तहत सभी गायों, भेड़ों और बकरियों का 100 फ़ीसदी टीकाकरण भी कराया जाएगा. 53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण की योजना, जिसमें 13,343 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
  • पशुपालन व्यवसाय के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए 15 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान. एनिमल हसबैंड्री इंफ़्रास्ट्रचक्टर डेवलपमेंट फ़ंड के ज़रिए पैकेज का ऐलान.
  • हर्बल खेती तो बढ़ावा देने के लिए चार हज़ार करोड़ रुपये के फ़ंड का ऐलान. इससे 10 लाख हेक्टेयर ज़मीन में हर्बल खेती हो पाएगी. इससे किसानों को पांच हज़ार करोड़ रुपये के लगभग आय होगी. औषधीय पौधों की खेती के लिए स्थानीय किसानों और मंडियों को प्रोत्साहित किए जाने की योजना. गंगा के किनारे 800 एकड़ की ज़मीन में हर्बल खेती के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा.
  • मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान. इससे दो लाख से ज़्यादा मधुमक्खी पालकों को लाभ मिलेगा.
  • लॉकडाउन के कारण कृषि आपूर्ति चेन में आई गड़बड़ी को सुधारने के लिए ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फ़ंड का ऐलान. इसे 'टॉप टु टोटल' योजना का नाम दिया गया है.
तीसरी किस्त के ऐलान

आवश्यक वस्तु अधिनियम (एसेंशियल कमॉडिटी एक्ट) में संशोधन

1955 से लागू आवश्यक वस्तु अधिनियम में बदलाव की घोषणा. इसके तहत फ़ूड प्रोसेसिंग के व्यवसाय में लगे लोगों के लिए कोई स्टॉक लिमिट नहीं होगी.

सीरल, आलू-प्याज़, तेल, तिलहन और दालें नए क़ानून में दायरे में नहीं होंगे. हालांकि बाढ़ और सूखे जैसी स्थिति में सरकार इस बारे में अपने विवेक से निर्णय ले सकती है.

किसानों की निश्चित आय, जोखिम रहित खेती और गुणवत्ता के मानकीकरण के लिए एक क़ानून बनाए जाने का ऐलान भी वित्त मंत्री ने किया.

इससे पहले दूसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वित्त मंत्री ने प्रवासी मज़दूरों के लिए अगले दो महीने तक मुफ़्त राशन की घोषणा की और बताया कि अपने राज्यों में लौटे मज़दूरों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 11 हज़ार करोड़ रुपये की राशि दी है.

तीसरी किस्त के ऐलान

अपनी पहली प्रेस कॉन्फ़्रेंस में निर्मला सीतारमण ने छह लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था. इसके तहत लघु उद्योगों को तीन लाख करोड़ रुपये लोन बिना गारंटी देने की बात कही गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को देश के नाम सम्बोधन में देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और अलग-अलग वर्गों के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था.

इसी 20 लाख करोड़ के पैकेज को वित्त मंत्री अलग-अलग वर्गों और सेक्टरों में बांट रही हैं.

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