जस्टिस रंजन गोगोई राज्यसभा के लिए नामांकित

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामांकित किया है.
भारत के 46 वें मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई पिछले साल 17 नवंबर को पद से सेवानिवृत्त हुए थे.
बीते साल ही नौ नवंबर को उनकी अगुवाई में पांच जजों की बेंच ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फ़ैसला दिया था.
साल 2001 में, जस्टिस गोगोई को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था.
इसके बाद 2010 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था.
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एक साल बाद, उन्हें वहां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2012 में सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में लाया गया.

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यौन उत्पीड़न के आरोप
वो उत्तर-पूर्व से आने वाले भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश रहे थे.
डिब्रूगढ़ में बड़े होने वाले जस्टिस गोगोई ने दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में इतिहास में स्नातक की उपाधि प्राप्त की.
उसके बाद उन्होंने क़ानून के संकाय में अध्ययन किया.
चीफ़ जस्टिस की जिम्मेदारी संभालने के सात महीने के भीतर ही अप्रैल में जस्टिस गोगोई पर उनकी पूर्व जूनियर असिस्टेंट ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.
तब जस्टिस गोगोई ने इसे न्यायापालिका की आज़ादी को एक गंभीर ख़तरा बताते हुए कहा कि यह जुडिशरी को अस्थिर करने की एक 'बड़ी साज़िश' है.
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