ज्योतिरादित्य सिंधिया का बीजेपी से सौदा महज राज्य सभा सीट के लिए नहीं: मुख्यमंत्री कमलनाथ

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- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, भोपाल से
मध्य प्रदेश में राजनीतिक संकट जारी है और इसी बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार को फ़्लोर टेस्ट कराने का आदेश भी दे दिया है.
इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी भी कराई जाएगी. लेकिन क्या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ फ़्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं?
बीबीसी से ख़ास बातचीत में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, "मैं किसी भी परीक्षा के लिए तैयार हूं लेकिन सभी विधायक स्वतंत्र होने चाहिए."
कमलनाथ नहीं मानते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया सिर्फ़ राज्य सभा सीट के लिए कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए हैं.
वो कहते हैं, "जो सौदा हुआ है वो महज़ राज्य सभा के लिए नहीं है, राज्य सभा तो एक छोटी सी बात है."
विधायकों पर भरोसा
फिलहाल कमलनाथ सरकार अधर में लटकी नज़र आ रही है. उनके 19 विधायक लगभग सप्ताह भर से बेंगलुरु के एक रिज़ॉर्ट में हैं और उनका त्यागपत्र भी बीजेपी के एक नेता ने लाकर विधानसभा स्पीकर को सौंपा. वहीं, रविवार तड़के सुबह जयपुर से कांग्रेस के 70 से अधिक विधायक भोपाल वापस लाए गए हैं.
इस सवाल के जवाब में कि बेंगलुरु में कांग्रेस के जो विधायक एक रिज़ॉर्ट में हफ्ते भर से मौजूद हैं क्या वो भोपाल नहीं आ रहे, मुख्यमंत्री कमलनाथ कहते हैं, "ये तो मैं नहीं जानता लेकिन अगर वो स्वतंत्र हैं तो वो भोपाल आते मीडिया के सामने खड़े होते, सवालों के जवाब देते. पिछले सात-आठ दिनों से जो इनका नाटक चल रहा है और अगर ये इनके (बीजेपी) के साथ हैं तो फिर इन्हें डर किस बात का है."
कमलनाथ का कहना है कि वो चिंतित नहीं है और उन्हें हर विधायक पर विश्वास है कि वो मध्य प्रदेश के हित में फ़ैसला लेगा. कांग्रेस फिलहाल 230 सदस्यों वाले विधानसभा में 108 सदस्य के होने का दावा कर रही है. उसके छह पूर्व मंत्रियों का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया गया है.
कांग्रेस का अंदरूनी मामला
मुख्यमंत्री कमलनाथ के मुताबिक़, स्पीकर ने छह पूर्व मंत्रियों की सदस्यता रद्द नहीं कि बल्कि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार किया है जो कि उन्होंने ख़ुद दिया था लेकिन बार-बार बुलाने के बावजूद वे अध्यक्ष के सामने हाज़िर नहीं हुए.
कांग्रेस के 22 बाग़ी सदस्यों में से इन छह ने पिछले हफ़्ते अपना इस्तीफ़ा स्पीकर को भेजा था. लेकिन बीजेपी कह रही है कि जब छह की सदस्यता रद्द हुई तो बाक़ी की क्यों नहीं? इस पर कमलनाथ कहते हैं, "बीजेपी को क्यों चिंता है कांग्रेस के इस्तीफ़े की."
वो कहते हैं, "बीजेपी तो कहती है कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, पर जहाज़ उनका, जगह उनकी, जो इस्तीफ़ा लाकर देता है वो बीजेपी का. ये नाटक पूरा प्रदेश देख रहा है." गृहमंत्री अमित शाह को लिखी गई अपनी चिट्ठी पर उन्होंने कहा कि उसका कोई जवाब उन्हें अभी तक नहीं मिला है.

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राज्य सभा का टिकट
गृहमंत्री को लिखी इस चिट्ठी में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके बंधक बनाए गए विधायकों को छुड़वाने की बात लिखी है.
जब बीबीसी ने उनसे पूछा कि ऐसा कहा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए उन्होंने और दिग्विजय सिंह ने ज़मीन इतनी छोटी कर दी थी कि वो पार्टी छोड़ने को मजबूर हो गए.
इस पर कमलमाथ कहते हैं, "सिंधिया जी चुनाव हार गए वो हमने की. वो कांग्रेस के महामंत्री थे, मंत्री रहे केंद्र में, कांग्रेस की सरकार में, कौन सी ज़मीन छोटी की गई. पर अगर उनकी महत्वकांक्षा इतनी है तो... आगे आने वाला समय बता देगा कि क्या कारण थे."
वो आगे कहते हैं, "ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्य सभा टिकट न देने का प्रश्न ही नहीं उठा था, ये तो फ़ैसला ही नहीं हुआ था. तो ये जो सौदा है राज्यसभा के लिए नहीं है, राज्य सभा तो एक छोटी सी बात है."

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इस सवाल पर कि क्या इतने कांग्रेस विधायकों का एक साथ भोपाल से चला जाना और इस बारे में उनकी सरकार को कानों कान ख़बर न होना इंटिलिजेंस फेल्योर नहीं था.
इस पर वो कहते हैं, "अब किसी चीज़ की नाकामी मानिए, लेकिन ये स्वतंत्र गए क्या, किसी और के ज़रिये लिए वे चार्टड प्लेन में गए. क्या प्रलोभन दिया है, क्या दबाव है ये मुझे बताने की आवश्यकता नहीं है."
तो इन इन सारी 'कठपुतलियों' को कौन नचा रहा है?
मुख्यमंत्री कमलनाथ कहते हैं "कोई किसी को नहीं नचा रहा है, यह सब भारतीय जनता पार्टी का प्रयास है."
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