#नमस्ते ट्रंप: डोनाल्ड ट्रंप भारत में, जानिए इस दौरे से जुड़ी मुख्य बातें

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को पहली बार भारत दौरे पर आ रहे हैं. दो दिवसीय दौरे के पहले दिन ट्रंप गुजरात के अहमदाबाद जाएंगे.

ट्रंप ने अभी से थोड़ी देर पर पहले हिंदी में ट्वीट करके बताया है कि, "हम भारत आने के लिए तत्पर हैं. हम रास्ते में हैं, कुछ घंटों में हम सबसे मिलेंगे!"

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया था, "भारत को आपके आने का इंतज़ार है. आपकी यात्रा से हमारे देशों की दोस्ती को मजबूती मिलेगी. अहमदबाद में जल्द होगी मुलाकात."

अहमदाबाद से ट्रंप उत्तर प्रदेश के आगरा शहर जाएंगे और ताजमहल देखेंगे. सोमवार को ही देर शाम वो दिल्ली पहुंचेंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, उनकी बेटी इवांका ट्रंप और दामाद जेराड कुशनर भी होंगे.

अहमदाबाद दौरे को लेकर ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि शहर की सड़कों पर करीब 60 लाख से एक करोड़ की तादाद में लोग उनके स्वागत के लिए रहेंगे. हालांकि शहर की कुल आबादी 70 लाख है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस गिनती को थोड़ा कम किया और कहा कि ट्रंप के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहेंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम से निकलकर पहले साबरमती आश्रम जाएंगे. उसके बाद मोटेरा स्टेडियम जाएंगे. 22 किलोमीटर का ये सफ़र ट्रंप अपनी कार से तय करेंगे.

नया बनकर तैयार हुआ मोटेरा स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करीब एक लाख लोगों को संबोधित करेंगे. इस कार्यक्रम का नाम नमस्ते ट्रंप रखा गया है.

कब क्या होगा

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे.

यहां वो मोटेरा स्टेडियम के लिए निकलेंगे. बीच में उनका काफिला थोड़ी देर के लिए साबरमती आश्रम में रुकेगा.

अनुमान है कि दोपहर 12:30 से तीन बजे के बीच राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी स्टेडियम में लोगों को संबोधित करेंगे.

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे ट्रंप अपनी पत्नी के साथ आगरा के लिए रवाना हो जाएंगे.

शाम करीब पौने पांच बजे ट्रंप आगरा पहुंचेंगे.

करीब साढ़े पांच बजे वो ताजमहल देखने जाएंगे और वहां लगभग एक घंटे तक रहेंगे.

शाम करीब सात बजे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी आगरा से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और करीब साढ़े सात बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचेंगे.

25 फरवरी की सुबह ट्रंप राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे.

सुबह करीब 11 बजे पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात होगी. जिसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दोनों का साझा बयान जारी हो सकता है.

ट्रेड डील

भारत अमरीका का आठवां सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर देश है. डोनाल्ड ट्रंप के पहले भारत दौरे पर उम्मीद जताई जा रही है कि भारत के साथ वो कोई बड़ी ट्रेड डील कर सकते हैं जिसके लिए दोनों देशों में कई महीनों से तैयारियां चल रही हैं.

हालांकि भारत दौरे से कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत के साथ फिलहाल वो कोई बड़ी डील नहीं करने वाले. उन्होंने कहा था, ''भारत ने हमारे साथ कभी अच्छा व्यवहार नहीं किया लेकिन प्रधानमंत्री मोदी मुझे काफ़ी पसंद हैं. हम भारत के साथ ट्रेड डील कर सकते हैं लेकिन बड़ी डील हम आगे के लिए बचा रहे हैं.''

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि दोनों देश जल्दबाजी में कोई बड़ी डील नहीं करना चाहते.

उन्होंने अपने बयान में कहा, ''हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच ऐसा संतुलन बनेगा जिस फ़ायदा दोनों को होगा. हम किसी डील के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहते क्योंकि इससे बहुत से लोगों के हित जुड़े होते हैं. इसका असली असर लोगों की ज़िंदगी और लंबे वक़्त में आर्थिक परिस्थितियों पर पड़ता है. हम आर्टिफिशियल डेडलाइन नहीं तय करना चाहते.''

अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइज़र ने बीते हफ़्ते दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद अनसुलझे रहने की वजह से अपना भारत दौरा रद्द कर दिया था.

सितंबर 2019 में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के दौरान वाशिंगटन में भी ट्रंप और मोदी की मुलाक़ात हुई थी लेकिन दोनों देशों के तब भी बात नहीं बन पाई थी. उस वक़्त डील की शर्तों पर मतभेद थे.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप प्रशासन इस तरह छोटे-छोटे मुद्दों पर उलझकर व्यापारिक रिश्ते ख़राब करेगा तो आगे चलकर वो भारत को एक रणनीतिक साझेदार के तौर पर करीब नहीं रख पाएगा, जिसके लिए उनसे पहले राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा ने कड़ी मेहनत की थी.

हाल ही में अमरीका ने भारत को विकासशील देशों की लिस्ट से हटा दिया. इस लिस्ट में रहने वाले देश उस जांच से बाहर होते हैं जिसमें यह पता लगाया जाता है कि सब्सिडी का लाभ लेकर ये देश अमरीकी इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

इस दौरे में भारत अमरीका के बीच रक्षा सौदे भी हो सकते हैं.

किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक, ''राष्ट्रपति ट्रंप के दो दिवसीय दौरे पर भारत को उम्मीद है कि अमरीका-भारत के बीच रणनीतिक वैश्विक संबंध और मजबूत होंगे. इस दौरान द्विपक्षीय बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों जैसे व्यापार, रणनीतिक चर्चा, काउंटर टेररिज्म समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी.''

हालांकि उन्होंने पांच ट्रेड पैक्ट के बारे में खुलकर कुछ नहीं बताया. हालांकि उन्होंने यह ज़रूर कहा कि उन्हें उम्मीद है आतंकवाद से लड़ने में सहयोग और खुफिया जानकारी जुटाने में मदद करने जैसे मुद्दों पर ख़ास बातचीत हो सकती है.

ख़र्च पर उठ रहे सवाल

भारत सरकार कथित तौर पर उस दौरे के लिए 80 से 85 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. यह ख़र्च मुख्यरूप से उन इलाकों की सजावट में खर्च किया जा रहा है जहां ट्रंप को जाना है. इन इलाकों की सुरक्षा भी काफ़ी कड़ी कर दी गई है. इस रकम का एक तिहाई हिस्सा मोटेरा स्टेडियम के आसपास का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने में ख़र्च किया गया है. मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप और मोदी लोगों को संबोधित करेंगे.

इस कार्यक्रम का नाम 'नमस्ते ट्रंप' रखा गया है. यह कार्यक्रम बीते साल ह्यूस्टन में भारतीय अमरीकियों की ओर से आयोजित 'हाउडी मोदी' जैसा ही होगा.

कश्मीर मुद्दा

डोनल्ड ट्रंप ने लगातार कश्मीर मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है. बीते साल अगस्त में भारत ने कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म कर दिया जिसके बाद भी ट्रंप ने मध्यस्थता की बात कही थी.

हालांकि भारत ने इससे साफ़ इनकार कर दिया था और कहा कि यह उनका अंदरूनी मामला है.

कश्मीर में स्थानीय पंचायत चुनाव फ़िलहाल इस आशंका को देखते हुए टाल दिए गए हैं कि कहीं ट्रंप के दौरे के वक़्त वहां हिंसा ना भड़क उठे.

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