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अमित शाह ने कहा, 2024 तक पूर्वोत्तर को उग्रवाद से आज़ादी दिला देंगे: पांच बड़ी ख़बरें
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि पूर्वोत्तर भारत के राज्य साल 2024 तक उग्रवाद की समस्याओं से आज़ाद हो चुके होंगे.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उग्रवाद और सीमा से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है.
गृह मंत्री ने कहा, "हम जब 2024 में आपसे वोट मांगने आएंगे तब पूर्वोत्तर उग्रवाद की समस्या से आज़ाद हो चुका होगा."
अमित शाह ने ये बातें गुरुवार को ईटानगर में अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम के 34वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं.
इस मौके पर अमित शाह ने ये भी कहा कि कोई सरकार अनुच्छेद 371 ख़त्म नहीं कर सकती.
चीन की आपत्ति
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत ही पूर्वोत्तर के राज्यों को विशेषाधिकार मिले हुए हैं.
शाह ने कहा पूर्वोत्तर की संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की और कहा कि न ही कोई अनुच्छेद 371 हटा सकता है और न ही ऐसी कोई मंशा है.
उन्होंने कहा, "जब जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया जा रहा था तब पूर्वोत्तर में अफ़वाहें उड़ी थीं कि अनुच्छेद 371 को भी हटा दिया जाएगा लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ऐसा कभी नहीं होगा."
उधर, चीन ने भारतीय गृहमंत्री की अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन ने तीखी आपत्ति जताई है. वहीं, भारत ने इस आपत्ति को 'बेवजह' बताते हुए इसे सिरे ख़ारिज कर दिया और कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसे अलग नही किया जा सकता.''
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वारिस पठान का विवादित बयान
असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम नेता और महाराष्ट्र से विधायक वारिस पठान ने कर्नाटक के गुलबर्ग में हुई रैली में भाषण देते हुए कई भड़काऊ बातें कहीं हैं.
पठान ने कहा, "वो कहते हैं कि हमने अपनी मां-बहनों को आगे भेज दिया है. अभी तो सिर्फ़ शेरनियां बाहर आई हैं और तुम्हारे पसीने छूट गए. समझ लो हम सब साथ आ गए तो क्या होगा. 15 करोड़ हैं लेकिन 100 पर भारी हैं, ये बात याद रखना."
उन्होंने कहा, "हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है. मगर अब इकट्ठे होकर चलना पड़ेगा. आज़ादी लेनी पड़ी और जो चीज़ मांगने से नहीं मिलती उसे छीन कर लेना पड़ेगा, ये भी याद रखना."
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि वारिस पठान जब ये बातें कह रहे हैं, तब वहां मौजूद भीड़ तालियां बजा रही है.
पठान के इस भाषण पर जमकर विवाद हो रहा है और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की जा रही है. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और वो इसके लिए माफ़ी नहीं मांगेंगे.
पठान ने कहा, "मैं वो आख़िरी शख़्स होऊंगा जो देश या किसी धर्म के ख़िलाफ़ बयान देगा. मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा. बीजेपी लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है."
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'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' नारे लगाने वाली युवती हिरासत में
बेंगलुरु में नागरिकता क़ानून के विरोध में आयोजित एक रैली में उस वक़्त हंगामा हो गया जब एक युवती मंच पर आकर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाने लगी. अमूल्या लियोना नाम की इस युवती ने जैसे ही नारे लगाने शुरू किए, मंच पर अफरा-तफरी मच गई.
जिस वक़्त युवती नारे लगा रही थी, एआईएमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी भी वहां मौजूद थे और ख़ुद ओवैसी ने मंच पर आकर उनके हाथ से माइक छीनने की कोशिश की. वीडियो में देखा जा सकता है कि ओवैसी कह रहे हैं, "ये क्या बोल रही हैं आप? आप ऐसा नहीं बोल सकतीं."
मंच पर मौजूद बाकी लोगों ने भी युवती से माइक छीनने और उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की लेकिन फिर वो अचानक हिंदुस्तान ज़िंदाबाद कहने लगे. हालांकि अफरा-तफरी इतने से नहीं रुकी और पुलिस उन्हें पड़कर मंच से नीचे उतार ले गई.
इसके बाद ओवैसी ने मीडिया से कहा, "ऐसे लोग पागल हैं. इन्हें देश से कोई मोहब्बत नहीं है. मैं इसकी निंदा करता हूं. इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती."
इस बीच अमूल्या लियोना पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्हें 23 फ़रवरी तक न्यायिक हिरासत में रखा गया है.
निर्भया गैंगरेप: फांसी से बचने को नया हथकंडा
निर्भया गैंगरेप के दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के यहां से दया याचिका ख़ारिज होने के बाद अब चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है.
विनय के वकील एपी सिंह ने गुरुवार को चुनाव आयोग को इस संबंध में अर्जी दी.
इस अर्जी में कहा गया है कि जब सत्येंद्र जैन ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका ख़ारिज करने की सिफ़ारिश भेजी थी तब वो न दिल्ली सरकार में मंत्री थे और न ही विधायक.
एपी सिंह ने दलील दी है कि उस वक़्त दिल्ली में चुनाव से पहले आचार संहिता लागू थी और ऐसे में दया याचिका ख़ारिज करना ग़ैरक़ानूनी है.
इधर, विनय शर्मा ने जेल तिहाड़ जेल में ख़ुद से अपना सिर फोड़ लिया है और वकील एपी सिंह का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है.
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यूक्रेन: कोरोना संक्रमित लोगों की बस पर हमला
यूक्रेन के एक शहर में दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने चीन से बचाकर लाए जा रहे लोगों की बस पर हमला किया.
इन लोगों को कोरोना संक्रमण से ग्रसित चीन से पोल्तावा शहर के एक अस्पताल में लाया जा रहा था जहां इन्हें 14 दिन तक अलग रखने की योजना थी.
वहीं, शहर के लोगों को डर है कि कोरोना ग्रसित लोगों का उनके यहां इलाज कराने से संक्रमण वहां भी फैल जाएगा.
हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दीमीर ज़ेलेंस्की ने लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की.
उन्होंने कहा, "ये याद रखिए कि हम सब इंसान हैं."
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