You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रधानमंत्री मोदी असम में भी राहुल गांधी के 'डंडे वाले' बयान पर बोले
असम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के ख़िलाफ़ हुए विरोध-प्रदर्शनों और बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के दौरे पर हैं.
हाल ही में नई दिल्ली में अलगाववादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफ़बी) के सभी चार गुटों, ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (आब्सू) और केंद्र सरकार के बीच बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे जिसकी ख़ुशी में पश्चिमी असम के कोकराझार शहर में शुक्रवार को प्रधानमंत्री की जनसभा का आयोजन किया गया.
इस जनसभा में भी पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'युवा मोदी को डंडे मारेंगे' वाले बयान का ज़िक्र किया. गुरुवार को लोकसभा में अपने भाषण में भी पीएम मोदी ने इस बयान पर टिप्पणी की थी.
कोकराझार में मोदी ने कहा, "कभी-कभी लोग मुझे डंडा मारने की बातें करते हैं लेकिन जिस मोदी को इतनी बड़ी मात्रा में माता-बहनों का सुरक्षा कवच मिला हो उस पर कितने भी डंडे गिर जाएं, उसे कुछ नहीं हो सकता."
पढ़ें, इस जनसभा में पीएम मोदी ने और क्या-क्या कहा:
- आज का दिन इस समझौते के लिए बहुत सकारात्मक भूमिका निभाने वाले नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (एनडीएफ़बी) के सभी चार गुटों और ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (आब्सू) से जुड़े तमाम युवा साथियों, बीटीसी के चीफ़ हगरामा माहीलारे और असम सरकार की प्रतिबद्धता को अभिनंदन करने का है.
- यह दिन असम सहित पूरे पूर्वोत्तर के लिए 21वीं सदी में एक नई शुरुआत, एक नए सवेरे का, नई प्रेरणा का स्वागत करने का है.
- मैं न्यू इंडिया के नए संकल्पों में आप सभी का, शांति और विकास प्रिय नॉर्थ-ईस्ट का स्वागत करता हूँ.
- असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही, लोकतंत्र और भारत के संविधान को स्वीकार किया है.
- मैं बोडो लैंड मूवमेंट का हिस्सा रहे सभी लोगों का राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होने पर स्वागत करता हूँ. पाँच दशक बाद पूरे सौहार्द के साथ बोडो लैंड मूवमेंट से जुड़े हर साथी की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को सम्मान मिला है.
- समझौते के तहत BTAD में आने वाले क्षेत्र की सीमा तय करने के लिए कमीशन भी बनाया जाएगा.
- इस क्षेत्र को 1500 करोड़ रुपये का स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज मिलेगा जिसका बहुत बड़ा लाभ कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ी जैसे ज़िलों को मिलेगा. अब सरकार का प्रयास है कि असम अकॉर्ड की धारा-6 को भी जल्द से जल्द लागू किया जाए. मैं असम के लोगों को आश्वस्त करता हूँ कि इस मामले से जुड़ी कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार और त्वरित गति से कार्रवाई करेगी.
- बोडो टेरिटोरियल काउंसिल, असम सरकार और केंद्र सरकार अब तीनों साथ मिलकर विकास को नया आयाम देंगे. इससे असम भी सशक्त होगा और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना मज़बूत होगी.
- पहले पूर्वोत्तर के राज्यों को रेसीपियंट के तौर पर देखा जाता था. आज उनको विकास के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है.
- जिस नॉर्थ-ईस्ट में हिंसा की वजह से हज़ारों लोग अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए थे, अब यहां उन लोगों को पूरे सम्मान और मर्यादा के साथ बसने की नई सुविधाएं दी जा रही हैं.
- आज देश में हमारी सरकार की ईमानदार कोशिशों की वजह से ये भावना विकसित हुई है कि सबके साथ में ही देश का हित है. इसी भावना से कुछ दिन पहले ही गुवाहाटी में 8 अलग-अलग गुटों के लगभग साढ़े छह सौ कैडर्स ने शांति का रास्ता चुना है.
- मैं असम के हर साथी को ये आश्वस्त करने आया हूँ कि असम विरोधी, देश विरोधी हर मानसिकता को, इसके समर्थकों को, देश ना बर्दाश्त करेगा, ना माफ़ करेगा. यही ताक़तें हैं जो पूरे ज़ोर से असम और पूर्वोत्तर में अफ़वाहें फैला रही हैं कि सीएए से यहाँ बाहर के लोग आ जाएंगे. पर मैं असम के लोगों को आश्वस्त करता हूँ कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)