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हिन्दू विरोधी पोस्टर के लिए पाकिस्तानी नेता ने मांगी माफ़ी
पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ यानी पीटीआई के लाहौर के एक नेता का हिन्दू विरोधी बैनर काफ़ी विवादों में है.
पीटीआई लाहौर के महासचिव मियाँ अकरम उस्मान के इस पोस्टर की सोशल मीडिया पर आलोचना होने लगी तो उन्होंने माफ़ी मांग ली.
इस बैनर को पाकिस्तान में आयोजित किए गए 'कश्मीर एकता दिवस' के मौक़े पर लगाया गया था. इस बैनर पर मिआं अकरम उस्मान, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर थी और इसी पर टेक्स्ट में हिन्दू विरोधी नारा लिखा गया था.
जब सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हुई तो उस्मान ने ट्विटर पर ग़लती मानते हुए लिखा, ''प्रिंटर पर ग़लती से मोदी के बदले हिन्दू लिखा गया था. मैं दोनों देशों के उन हिन्दुओं से माफ़ी मांगता हूं जो शांतिपूर्वक रह रहे हैं.''
उस्मानी के बैनर पर लिखा था कि 'हिन्दू बात से नहीं, लात से मानता है'. डॉन टीवी ने उस्मानी से बात की तो उन्होंने कहा कि प्रिंटर से भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर रखने के लिए कहा था लेकिन ग़लती से मोदी के बदले हिन्दू लिखा गया. उस्मानी ने कहा कि पोस्टर और बैनर हटा दिए गए हैं.
पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मज़ारी ने गुरुवार को ट्वीट कर उस्मान के इस पोस्टर को शर्मनाक बताया है.
इससे पहले पिछले साल मार्च में पीटीआई नेता फ़याज़ुल हसन चौहान को हिन्दुओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान देने के मामले में पाकिस्तान में पंजाब के सूचना और संस्कृति मंत्री के पद से हटा दिया गया था.
हालांकि चार महीने बाद ही पंजाब की कैबिनेट में उनकी वापसी हो गई थी. फ़याज़ुल हसन ने हिन्दुओं को गाय का पेशाब पीने वालों कहा था.
जब फ़याज़ुल हसन को हटाया गया तो उस वक़्त जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तारीफ़ की थी. उमर ने ट्वीट कर कहा था, ''हिन्दुओं के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए पाकिस्तान में मंत्री को हटा दिया गया. दूसरी तरफ़ भारत में सरकार कश्मीरी मुसलमानों के बहिष्कार के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर रही है.''
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