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पश्चिम बंगाल में दो महिलाओं के पैर बांधकर घसीटने का क्या है मामला?
- Author, प्रभाकर एम.
- पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत नेता के नेतृत्व में पार्टी के कथित गुंडों ने सरेआम दो महिलाओं के पैर बांधकर उनको ज़मीन पर घसीटा, पीटा और अभद्र हरकतें कीं.
उनमें से एक महिला नज़दीक के सायरापुर केएमबी हाई स्कूल में शिक्षिका हैं. उनका कसूर बस इतना था कि उन्होंने गांव में पंचायत की ओर से बनने वाली सड़क के लिए अपनी पैतृक ज़मीन देने से इनकार कर दिया था.
यह घटना पश्चिम बंगाल में दक्षिण दिनाजपुर ज़िले के गंगारामपुर थाने में हुई.
रविवार को इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोपी नेता अमल सरकार को पार्टी से तो निलंबित कर दिया है. लेकिन अब तक इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
दूसरी ओर, भाजपा ने पीड़ित महिला टीचर के अपना कार्यकर्ता होने का दावा करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है और अभियुक्तों को तत्काल गिरफ़्तार करने की मांग की है.
गंगारामपुर के नंदनपुर में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है. इस इलाक़े में पंचायत की ओर से सड़क बनाने का काम चल रहा है. वहां दो बहनें, स्मृतिकना दास और उनकी बड़ी बहन सोमा दास अपनी मां के साथ रहती हैं. मारपीट में घायल दोनों बहनों को स्थानीय अस्पताल में दाख़िल कराया गया था.
'बंगाल में ढह चुकी है क़ानून व्यवस्था'
रविवार को असस्पताल से रिहा होने के बाद स्मृतिकना ने गंगारामपुर थाने में अमल सरकार समेत पांच लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई.
थाने के इंस्पेक्टर इन चार्ज पूर्णंदु कुमार कुंडू ने बताया, "हमें इस मामले में शिकायत मिली है और जांच की जा रही है. अब तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.''
स्मृतिकना ने अपनी शिकायत में कहा है, "सरकार के नेतृत्व में मेरे सिर पर लोहे की छड़ से वार किया गया. मैं बचने के प्रयास में ज़मीन पर गिर गई. उसके बाद मेरे पैर बांध कर मुझे काफ़ी दूर तक घसीटा गया. मुझसे मारपीट की गई और धमकियां दी गईं. मुझे बचाने के लिए मेरी बड़ी बहन सोमा आई तो उसके साथ भी यही किया गया."
स्मृति ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "पहले हमारे घर के सामने की सड़क 12 फ़ीट चौड़ी होने की बात तय हुई थी. हमने इसके लिए ज़मीन देने पर सहमति दे दी थी. लेकिन बाद में अचानक इसे 24 फ़ीट चौड़ा करने का फ़ैसला कर लिया गया और हमसे पूछे बिना काम शुरू कर दिया गया. हमने इसके लिए अतिरिक्त ज़मीन देने से मना किया तो तृणमूल नेता अमल सरकार अपने गुंडों के साथ हमारे घर आ धमके और मारपीट की."
भाजपा ने स्मृतिकना को पार्टी कार्यकर्ता बताते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है.
बालूरघाट के भाजपा सांसद सुकंता मजूमदार कहते हैं, "यह बेहद असभ्य घटना है. सभ्य समाज में ऐसी किसी घटना की कल्पना तक नहीं की जा सकती. वह कहते हैं कि इस घटना से साफ़ है कि बंगाल में क़ानून व व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ढह चुकी है. भाजपा के कार्यकर्ता और समर्थकों पर तृणमूल कांग्रेस के हमले जारी हैं."
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महिला को दी गई थीं धमकियां
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो वायरल होने के बाद फ़िलहाल आरोपी नेता अमल सरकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है.
दक्षिण दिनाजपुर ज़िला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अर्पिता घोष कहती हैं, "हमने पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद सरकार को फ़िलहाल पार्टी से निलंबित कर दिया है. लेकिन किसी को भी विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का अधिकार नहीं है.''
वो कहती हैं कि इस मामले में क़ानून अपना काम करेगा. कोलकाता में पार्टी के बड़े नेताओं ने अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
स्मृतिकना बताती हैं कि उनको पुलिस के पास नहीं जाने की भी धमकी दी गई थी. उन्हें कहा गया था कि ऐसा करने पर गंभीर नतीजा भुगतना होगा. लेकिन स्मृतिकना अपनी पुश्तैनी ज़मीन सरकार को देने के लिए तैयार नहीं हैं.
वो कहती हैं, "हमारे पास थोड़ी-सी ज़मीन है. वो भी हाथ से निकल गई तो दो जून को रोटी के भी लाले पड़ जाएंगे."
दास हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं. वो न्याय के लिए ममता बनर्जी तक का दरवाज़ा खटखटाने का मन बना चुकी हैं.
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