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पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर ममता बनर्जी ने क्या कहा?
दो दिन के दौरे पर कोलकाता पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाक़ात की.
दोनों नेताओं के बीच राजभवन में मुलाक़ात हुई. हाल ही में लाए गए नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर ममता बनर्जी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करती रही हैं.
20 मिनट की मुलाक़ात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी.
उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि हमारे राज्य के लोग नागरिकता संशोधन क़ानून, एनआरसी और एनपीआर को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. मैंने उनसे इन क़दमों पर फिर से विचार करने को कहा है."
प्रधानमंत्री कई शिलान्यासों और उद्घाटनों के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं.
उनके दौरे का सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस तो विरोध कर ही रही है, कांग्रेस और लेफ़्ट भी इसके ख़िलाफ़ हैं.
पीएम के दौरे के दौरान विरोधी दलों की ओर से कोलकाता में कई जगह पोस्टर लगाए गए हैं. इस दौरान ट्विटर पर भी #GoBackModiFromBengal ट्रेंड कर रहा है.
डोनल्ड ट्रंप ने नैन्सी पलोसी पर साधा निशाना
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पलोसी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करके लिखा है, "नैन्सी पलोसी अमरीका के इतिहास की सबसे ख़राब स्पीकर साबित होंगी."
नैन्सी पलोसी अमरीका के कैलिफ़ोर्निया से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद हैं और हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) की स्पीकर हैं.
उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर महाभियोग के तहत अगले हफ़्ते से मुक़दमा शुरू होगा. इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को अपने सहयोगियों को चिट्ठी भेजी थी.
महाभियोग के दो आर्टिकल्स में से किसी एक पर अगर दो-तिहाई सीनेटर ट्रंप को दोषी मानने के पक्ष में वोट करते हैं तो उन्हें राष्ट्रपति पद छोड़ना होगा. हालांकि, ऐसा मुश्किल माना जा रहा है क्योंकि सीनेट में रिपबलिकन्स अच्छी स्थिति में हैं.
डोनल्ड ट्रंप ने महाभियोग के संबंध में ही ट्वीट करके नैन्सी पलोसी और उनके अन्य डेमोक्रैट सहयोगियों पर निशाना साधा है.
फ़िल्म छपाक की सुस्त शुरुआत की चर्चा
बॉक्स ऑफ़िस पर कमाई के मामले में फ़िल्म तान्हाजी से पिछड़ने के कारण फ़िल्म छपाक की निर्माता दीपिका पादुकोण को ट्रोल किया जा रहा है.
शनिवार को #DeepikaPRBackfires ट्विटर के टॉप ट्रेंड्स में शामिल रहा और सोशल मीडिया पर लोग लिखने लगे कि जेएनयू के प्रदर्शन में शामिल होने की क़ीमत दीपिका को चुकानी पड़ रही है.
इससे पहले फ़िल्म समीक्षक तरन आदर्श ने ट्वीट किया था कि 'फ़िल्म छपाक का पहले दिन का बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन औसत है. महंगे मल्टीफ्लेक्स में कमाई अच्छी हुई, पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में फ़िल्म ने मानकों से भी कम व्यापार किया. फ़िल्म के लिए शुरुआत अच्छी तब मानी जाती है जब पहले वीकेंड पर दूसरा और तीसरा दिन अच्छा गुज़रे.'
कमाई के आंकड़े देखने के बाद लोगों ने दीपिका की फ़िल्म को फ़्लॉप फ़िल्म बताना शूरू कर दिया.
समीर नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, "ये देखना काफ़ी अच्छा है कि भारतीय लोगों ने टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने वालों को जवाब दिया. ये हमारी संस्कृति है कि हम शांतिपूर्वक चीज़ों को दरकिनार करते हैं. ना कि सेकुलर लोगों की तरह जो हमारी राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं."
वहीं एक अन्य यूज़र, जय सिंह भारतीय ने लिखा कि "ये काफ़ी निराश करने वाला है कि इतनी ख़ास फ़िल्म को दीपिका की बेवकूफ़ी की वजह से नुक़सान उठाना पड़ा."
शुक्रवार को फ़िल्म छपाक के साथ ही रिलीज़ हुई फ़िल्म तान्हाजी का बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन 16 करोड़ रुपये बताया गया है.
अपनी फ़िल्म के रिलीज़ होने से पहले दीपिका पादुकोण ने दिल्ली स्थित जेएनयू में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ, उनके समर्थन में खड़े होने का फ़ैसला किया था.
उसके बाद भी सोशल मीडिया पर उनके आलोचकों ने #Boycott_Chhapaak का इस्तेमाल किया था. सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों की संख्या भी काफ़ी थी जिन्होंने लिखा था: #ISupportDeepika
जेएनयू: हिंसा के बाद अब क्या चल रहा है?
पाँच जनवरी की शाम दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के मामले में जेएनयू प्रशासन ने पाँच सदस्यों की एक टीम गठित करने का फ़ैसला किया है.
इसके अलावा जेएनयू के डीन उमेश ए. कदम ने एक नोटिस जारी किया है जिसमें लिखा है, "जेएनयू में सिक्योरिटी का ऑडिट किया जा रहा है. इस दौरान यदि कोई बाहरी, अनधिकृत छात्र या अतिथि किसी हॉस्टल के कमरे में रहता पाया गया, तो प्रशासन के नियमों के अनुसार कमरे में रहने वाले छात्र के ख़िलाफ़ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी."
साथ ही इस नोटिस में यह भी लिखा है कि अगर किसी हॉस्टल में कोई बाहरी शख़्स मिलता है तो उसकी सूचना निकटतम थाने में दी जाएगी.
जेएनयू प्रशासन के अनुसार वर्ष 2020 के शीतकालीन सत्र की कक्षाएं और अन्य प्रासंगिक शैक्षणिक गतिविधियाँ 13 जनवरी 2020 से शुरू होंगी.
शनिवार सुबह केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष ऐशी घोष से मुलाक़ात की जिन्हें जेएनयू में हुई हिंसा के दौरान चोट लगी थी.
ऐशी ने कहा है कि यूनिवर्सिटी में बढ़ी हुई फ़ीस के ख़िलाफ़ छात्रों का जो आंदोलन चल रहा है, वो जारी रहेगा.
शनिवार शाम जेएनयू छात्र संघ ने एक प्रेस वार्ता की जिसमें फिर इस बात पर ज़ोर दिया गया कि यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के पीछे बीजेपी की छात्र ईकाई एबीवीपी का हाथ था. छात्र के संघ के सदस्यों ने अपनी दलीलों के साथ कुछ सबूत भी मीडिया को दिखाए.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि दिल्ली पुलिस ने 5 जनवरी की हिंसा के दौरान वॉट्सऐप ग्रुप बनाने वाले 37 छात्रों की पहचान कर ली है.
जेएनयू के मौजूदा हालात पर विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर सुधीर कुमार सोपोरी ने भी टिप्पणी की है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे जेएनयू में 25 साल से अधिक काम करने का अनुभव है. कैंपस में हिंसा की हालिया घटनाएं बहुत ही निराशाजनक हैं. अविश्वास के कारण ऐसी परिस्थितियाँ बनती हैं. संचार में कमी से विश्वास में कमी आती है."
सुधीर कुमार सोपोरी ने कहा, "मुझे लगता है कि प्रशासन को छात्रों से बात करने की पहल करनी चाहिए. जब मैं वहाँ था, मेरे दरवाज़े छात्रों के लिए हमेशा खुले थे. मेरे पास हमेशा छात्रों की माँगों की एक डायरी होती थी. जो माँगें पूरी हो सकती थीं, उनके अनुसार उपाय किए गए थे."
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