अदनान सामी को मिले पद्म पुरस्कार पर हायतौबा

इमेज स्रोत, Getty Images
बॉलीवुड गायक अदनान सामी को मिले पद्मश्री पुरस्कार को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस पार्टी आमने-सामने हैं.
इस विवाद में ख़ुद अदनान सामी भी कूद पड़े हैं.
शनिवार को भारत सरकार ने अदनान को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की थी.
इसके बाद कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इसकी कड़ी निंदा की थी और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इसे "सरकार की चमचागिरी का जादू" कहा था. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा छिड़ी.
लेकिन अदनान सामी ने आगे आकर इसका उत्तर दिया और कहा, "अरे बच्चे, क्या यअपना दिमाग़ आपको पुराना सामान बेचने की दुकान या क्लियरेंस सेल से मिला है? क्या बर्केले विश्वविद्यालय में आपको यही पढ़ाया गया है कि पिता के काम के लिए बेटे को ज़िम्मेदार ठहराओ? क्या आप वकील हो? लॉ स्कूल में यही सीखा आपने?"
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
इसके उत्तर में जयवीर शेरगिल भी चुप नहीं बैठे. उन्होंने पलट कर लिखा, "अंकल जी, मैं आपकी भाषा में उत्तर दे सकता हूं लेकिन भारतीय संस्कृति हमें सिखाती है कि हम अपने दुश्मन का भी सम्मान करें. आप तो अभी-अभी सीमा पार कर के यहां आए हैं इसलिए मैं मानता हूं कि आप अभी सीख ही रहे हैं."
लेकिन अदनान सामी और जयवीर शेरगिल के बीच ट्विटर पर छिड़ी ये बहस इतने पर थमने वाली नहीं थी.
शेरगिल के बयान पर तुरंत बाद अदनान सामी ने लिखा, "अब मुझे अंकल न कहें और अनाप-शनाप न कहें. चमचागिरी जैसे शब्द इस्तेमाल कर के आपने खुद बता दिया है कि आपको संस्कृति के बारे में कितनी जानकारी है."
इस पर शेरगिल का जवाब आया, "मुझे भारतीय संस्कृति का पाठ न पढ़ाएं. आप बस इतना बताएं कि पांच सालों में भारत के लिए आपने क्या पांच काम किए?"
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
क्यों हुई सरकार के फ़ैसले का आलोचना?
दरअसल ये पूरा मामला जुड़ा है अदनान सामी के पिता अर्शद सामी ख़ान से.
अदनान के पिता पाकिस्तानी फौज में स्क्वार्डन लीडर के पद पर थे. वो 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हुए थे.
युद्ध में उन्होंने भारतीय फौजों के ख़िलाफ़ बमवर्षक विमान उड़ाए थे और भारतीय सेना के विमानों समेत 20 से अधिक टैंकों, दर्जनों गाड़ियों को नष्ट किया था.

इमेज स्रोत, ARSHAD SAMI KHAN/BOOK
15 सालों से भारत में रह रहे अदनान सामी को 1 जनवरी 2016 को भारत की नागरिकता मिली थी.
इसके बाद अदनान सामी ने इसे "एक नई शुरुआत, एक नया प्यार और एक नया देश" कहा था.

इमेज स्रोत, Pib
सोशल मीडिया की इस बहस में भाजपा भी कूदी
सोशल मीडिया पर जारी इस बहसबाज़ी में भाजपा भी कूदी और उसने अपने फ़ैसले का बचाव किया.
पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेस कर कहा, "आज कांग्रेस को सदबुद्धि की आवश्यकता है. 2008 में जब कांग्रेस ने नौशाद म्यूज़िक अवॉर्ड से अदनान सामी को नवाज़ा था, उस समय वो पाकिस्तान के नागरिक थे तो अब उन्हें पद्मश्री देने पर क्यों ऐतराज़ है."
उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने सोशल मीडिया पर लिखा, "इसका विरोध करने वालों को भारत के नागरिकता क़ानून की सही जानकारी नहीं है. भारत की नागरिकता का धर्म से कोई संबंध नहीं है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















