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71वें गणतंत्र दिवस के मौक़े पर राजपथ पर परेड
देश आज 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौक़े पर दिल्ली के राजपथ पर हर साल की तरह परेड आयोजित हुई. इसमें ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो मुख्य अतिथि थे और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परेड की सलामी ली.
90 मिनट की परेड में देश की सैन्य के साथ-साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति नज़र आई.
बड़ी संख्या में दर्शक राजपथ पर मौजूद रहे और परेड में देश की विविधता दिखी. इस बार की परेड में बहुत सारी चीज़ें पहली बार हुईं. साथ ही पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों की झांकियां इसमें पेश नहीं हो सकीं क्योंकि केंद्र ने उनके झांकी के विचार को ख़ारिज कर दिया था.
क्या-क्या पहली बार हुआ
- इस बार के परेड कार्यक्रम में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को भी शामिल किया गया था. पहले प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित करते थे लेकिन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युद्ध स्मारक गए और उन्होंने देश के शहीद जवानों को याद किया.
- सैन्य शक्ति को दिखाने वाले मिशन शक्ति के एंटी-सैटेलाइट वीपन, धनुष आर्टिलरी, चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर इस बार की परेड में नज़र आए.
- गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार कॉर्प्स ऑफ़ आर्मी एयर डिफ़ेंस का दल भी शामिल हुआ. इसके अलावा बंगाल इंजीनियर्स ग्रुप एंड सेंटर का कंबाइंड बैंड और गार्ड्स ट्रेनिंग सेंटर का ब्रिगेड भी इसमें शामिल हुआ.
- 71वें गणतंत्र दिवस में पहली बार सीआरपीएफ़ के ऑल वुमन बाइकर्स दल ने भाग लिया. इसका नेतृत्व आरएएफ़ की इंस्पेक्टर सीमा नाग कर रही थीं. इस महिला समूह ने मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज़ करतब दिखाए.
वहीं, दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं.
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लौटने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के साथ राजपथ पहुंचे.
राजपथ पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने झंडा फ़हराया. जिसके बाद 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रगान हुआ.
राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रपति ने सलामी लेनी शुरू की. गणतंत्र दिवस के परेड कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री ने सबसे पहले सलामी दी. उसके बाद वीरता पुरस्कार विजेता जवानों ने सलामी दी.
परेड की शुरुआत में राजपथ पर ज़मीन से हवा में मार करने वाला आकाश मिसाइल सिस्टम दिखाई दिया. इसके बाद दर्शकों को मोह लेने वाले पैरा स्पेशल फ़ोर्सेज़ का दस्ता भी पहुंचा.
राजपथ पर पहली बार 'धनुष' गन सिस्टम भी दिखाई दिया. कैप्टन तान्या शेरगिल ने कॉर्प्स ऑफ़ सिग्नल्स मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व किया.
गणतंत्र दिवस के मौक़े पर कई राजनीतिक हस्तियां भी नज़र आईं. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी परेड देखने पहुंचे.
गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी दर्शकों में नज़र आए.
इस बार की परेड में 22 झांकियों को शामिल किया गया था जिनमें से 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थी.
जम्मू-कश्मीर की झांकी भी राजपथ पर नज़र आई.
इसके अलावा बाकी की झांकियां मंत्रालयों और कई विभागों की थीं. राज्यों की झांकियों के बाद बहादुर बच्चों का काफ़िला राजपथ से गुज़रा. बच्चे खुली जीप में बैठे थे.
राष्ट्रपति और बच्चों ने एक-दूसरे का हाथ हिलाकर अभिवादन किया.
बुलेट पर अपने जांबाज़ करतबों के लिए मशहूर अर्धसैनिक बलों की टीम इस बार भी राजपथ पर नज़र आई, लेकिन इस बार इसकी बागडोर महिलाओं के हाथ में थी.
झाकियों के अलावा देश की सैन्य शक्ति भी इस परेड में दिखी जिसमें तीनों सेनाओं की कई बटालियनों के अलावा अर्धसैनिक बलों के मार्चिंग दस्तों ने भाग लिया.
वायु सेना की शक्ति में इस बार रफ़ाल विमान के साथ-साथ चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर भी दिखाई दिए.
परेड पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम लोगों के बीच पहुंचे. उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया.
इससे पहले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को संबोधित किया.
राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति कोविंद ने सरकार और विपक्षी पार्टियों के आपसी सहयोग की ज़रूरत पर बल दिया. उन्होंने लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का हमेशा पालन करने की ज़िम्मेदारी पर भी ज़ोर दिया.
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