प्रिया वर्मा : क्यों वायरल हो रहा है मध्य प्रदेश की डिप्टी कलेक्टर का वीडियो

इमेज स्रोत, facebook/priya verma
रविवार देर शाम से ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. गुलाबी रंग का कोट पहने एक महिला इस वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को धकेलती नज़र आ रही हैं.
वीडियो में दिखता है कि कुछ देर बाद यही महिला एक प्रदर्शनकारी को पकड़ती हैं और फिर थप्पड़ मारती हैं. यह महिला दरअसल मध्य प्रदेश के राजगढ़ की डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा हैं.
राजगढ़ में धारा 144 लागू है, बावजूद इसके बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बरौरा क़स्बे में नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में रैली निकाली थी. इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. ये वीडियो उसी झड़प के दौरान का है.
इस वीडियो को समाचार एजेंसी एनएनआई ने भी जारी किया है जिसमें एक जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हो रही है. प्रिया वर्मा भी वहीं मौजूद थीं और इसी बीच किसी ने उनके बाल खींच दिए.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
21 साल की उम्र में डीएसपी बनीं प्रिया वर्मा इंदौर के पास के एक गांव मांगलिया की रहने वाली हैं.
साल 2014 में प्रिया वर्मा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी. उनकी पहली पोस्टिंग भैरवगढ़ जेल में बतौर जेलर हुई. इसके बाद साल 2015 में वो डीएसपी बन गईं.
साल 2017 में एक बार फिर परीक्षा देकर उन्होंने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया और डिप्टी कलेक्टर बनीं.

इमेज स्रोत, Facebook/ Priya Verma
कलेक्टर का वीडियो भी हुआ शेयर
एक अन्य वीडियो में प्रिया वर्मा के अलावा एक और महिला प्रदर्शनकारियों से उलझती हुई नज़र आ रही हैं. इस वीडियो को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शेयर किया है.
यह महिला राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता हैं. उनका वीडियो ट्वीट करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है, "कलेक्टर मैडम, आप यह बताइए कि क़ानून की कौन सी किताब आपने पढ़ी है जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को पीटने और घसीटने का अधिकार आपको मिला है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
इस पूरे मामले को लेकर डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा का नाम ट्विटर पर भी ट्रेंड कर रहा है.
कुछ लोगों ने उनकी इस कार्रवाई को लेकर राज्य की कमलनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो क़दम उठाया गया, वह सही था.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
एएनआई की ख़बर के मुताबिक़, राजगढ़ में धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में 124 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. साथ ही 17 अभियुक्तों तो हिरासत में भी लिया गया है.
दो लोगों के ख़िलाफ़ डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को धक्का देने और बाल खींचने के आरोप में भी दो लोगों पर एफ़आईआर दर्ज की गई है. जिनमें से एक अभियुक्त को हिरासत में भी ले लिया गया है.

इमेज स्रोत, Facebook
राज्य सरकार की ओर से अभी तक तो इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लोकतंत्र का काला दिन बताया है.
उन्होंने लिखा, "आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा."














