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पाकिस्तान ने दिया भारत के आर्मी चीफ़ मुकुंद नरवणे के 'PoK' वाले बयान का जवाब
पाकिस्तानी फ़ौज के प्रवक्ता ने भारतीय सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) वाले बयान का जवाब दिया है.
उनका कहना है कि 'भारतीय आर्मी चीफ़ का एलओसी पार सैन्य कार्रवाई करने वाला बयान उनकी नियमित बयानबाज़ी का हिस्सा है, ताकि देश में चल रही आंतरिक उथल-पुथल से लोगों का ध्यान हटाया जा सके.'
एक ट्वीट में पाकिस्तानी फ़ौज के प्रवक्ता ने लिखा है कि 'पाकिस्तान की सेना किसी भी किस्म के भारतीय आक्रमण का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है.'
भारतीय सेना प्रमुख ने क्या कहा था?
भारत के नए आर्मी चीफ़ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शनिवार को नई दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि "भारतीय संसद अगर चाहती है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भी भारत में होना चाहिए, तो जब हमें इस बारे में कोई आदेश मिलेंगे, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे."
दरअसल, मुकुंद नरवणे से पूछा गया था कि वह भारत के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा बार-बार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (भारत जिसे पाक अधिकृत कश्मीर या PoK कहता है) को भारत में शामिल करने वाली टिप्पणियों पर क्या सोचते हैं.
अपने जवाब में नरवणे ने कहा कि 'यह एक संसदीय संकल्प है कि संपूर्ण कश्मीर भारत का हिस्सा है.'
नरवणे और क्या-क्या बोले?
नए आर्मी चीफ़ ने कहा कि 'भारतीय सेना पहले की तुलना में आज बेहतर ढंग से तैयार है मगर हमें भविष्य के लिए तैयार होना होगा और हमारे प्रशिक्षण में इसी पर ज़ोर दिया जाएगा.'
नरवणे ने प्रेस से कहा कि 'चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ की नियुक्ति और सैन्य मामलों के विभाग का निर्माण एकीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है और हम अपनी ओर से सुनिश्चित करेंगे कि यह सफल हो.'
पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में दो नागरिकों की मौत के सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा, "हम इस तरह की बर्बर गतिविधियों का सहारा नहीं लेते. हम बहुत ही पेशेवर सेना के रूप में लड़ते हैं. हम ऐसी स्थितियों से उचित सैन्य तरीक़े से निपटेंगे."
अनुच्छेद 370 ख़त्म को निष्प्रभावी किए जाने के सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीर में हालात अच्छे हैं.
पाकिस्तान और चीन सीमा पर सेना को संतुलित करने की आवश्यकता पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि 'संतुलन की आवश्यकता है क्योंकि उत्तरी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर समान ध्यान देने की आवश्यकता है.'
उन्होंने कहा, "लाइन ऑफ़ कंट्रोल बेहद सक्रिय है. रोज़ाना ख़ुफ़िया अलर्ट प्राप्त होते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से देखा जाता है. इस सतर्कता के कारण, हम BAT के नाम से जाने जानी वाली इन क्रियाओं को विफल करने में सक्षम रहे हैं."
नरवणे ने कहा कि पश्चिमी सीमाओं पर एक सेना इकाई को छह सेना अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर दिए जाएंगे.
इस प्रेस वार्ता में नरवणे ने कहा कि सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.
मुकुंद नरवणे को कितना अनुभव?
31 दिसंबर को पूर्व सेना प्रमुख बिपिन रावत का कार्यकाल ख़त्म होने के बाद जनरल मुकुंद नरवणे ने कार्यभार संभाला था. इससे पहले वे सेना के उप प्रमुख थे.
जनरल मुकुंद नरवणे की नियुक्ति ऐसे वक़्त में हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर और चरमपंथी गतिविधियों जैसे मसलों पर तनाव बना हुआ है.
जनरल नरवणे का कमीशन जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में हुआ था.
उन्हें कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में चरमपंथ विरोधी अभियानों का काफ़ी अनुभव है.
वे जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफ़ल्स की पहली बटालियन की कमान संभाल चुके हैं और वे एक मेजर जनरल के तौर पर असम राइफ़ल्स के इंस्पेक्टर जनरल भी रह चुके हैं.
दिल्ली आने से पहले नरवणे कोलकाता में पूर्वी कमान के प्रमुख थे. पूर्वी कमान, भारत की चीन के साथ लगभग चार हज़ार किलोमीटर की सीमा की देखभाल करती है.
हाल में पूर्वी सीमा पर बड़े अभ्यास कराने के पीछे नरवणे का ही दिमाग था.
मनोज मुकुंद नरवणे की पत्नी वीणा नरवणे एक शिक्षिका हैं और उनकी दो बेटियां हैं.
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