निर्भया केस में डेथ वारंट जारी होते ही फांसी घर में बढ़ी हलचल -प्रेस रिव्यू

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बुधवार को दिल्ली से छपने वाले अख़बारों में निर्भया मामले पर अदालत की फांसी की तारीख़ मुकर्रर करने का फ़ैसला सुर्खियों में है.
नवभारत टाइम्स ने सुर्ख़ी लगाई है, ''निर्भया के दोषियों को 22 को होगी फांसी, देश में 1991 से अब तक 16 मुजरिमों को मौत की सज़ा.'' अख़बार लिखता है कि तिहाड़ जेल सहित हिंदुस्तान की तमाम जेल के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब एक साथ चार मुजरिमों को फांसी के फंदे पर टांगने का हुक्म हुआ हो. इससे पहले मुंबई ब्लास्ट में मुजरिम पाए गए याक़ूब मेमन को जुलाई 2015 में नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी गई थी.
वहीं दैनिक जागरण ने सुर्ख़ी लगाई है, ''निर्भया केस डेथ वारंट जारी होते ही फांसी घर में बढ़ी हलचल, फिर शुरू होगा फांसी का ट्रायल.'' अख़बार के अनुसार निर्भया के दोषियों के नाम डेथ वारंट जारी होने के साथ ही तिहाड़ जेल संख्या 3 में हलचल शुरू हो गई है. अख़बार लिखता है कि यहां कई बार फांसी का ट्रायल भी किया जा चुका है. जेल अधिकारियों के अनुसार 2013 में अफ़ज़ल गुरु को फांसी देने के बाद से यही फांसी घर नवंबर 2019 तक बंद था.
एएमयू हिंसा की जाँच करेगा एनएचआरसी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से कहा है कि वो 15 दिसंबर को नागरिकता क़ानून के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की जाँच करे.
अख़बार अमर उजाला के अनुसार अदालत ने एनएचआरसी से पाँच हफ़्तों में रिपोर्ट जमा करने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 17 फ़रवरी को होगी. पुलिस पर आरोप है कि उसने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल का प्रयोग किया और होस्टल में घुसकर छात्रों की पिटाई की. पुलिस इन आरोपों को खारिज करती रही है. पुलिस ने क़रीब 1200 लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज कर लिया था लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया.
राज ठाकरे-फडणवीस मुलाक़ात

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इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और फ़िलहाल नेता प्रतिपक्ष बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे से मंगलवार को मुलाक़ात की.
इस मुलाक़ात से माना जा रहा है कि भविष्य में दोनों पार्टियां एक साथ आ सकती हैं. पार्टी ने अपने झंडे में बदलाव किया है और 23 जनवरी को मुंबई में पार्टी के एक विशेष आयोजन में इसको सार्वजनिक किया जाएगा.
23 जनवरी को ही राज ठाकरे के चाचा और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का जन्मदिन है.
शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के बाद राज ठाकरे का बीजेपी के क़रीब आना स्वाभाविक माना जा रहा है. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे ने अपने 101 उम्मीदवार खड़ा किए थे लेकिन उसे केवल एक सीट पर सफलता मिल सकी.
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