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'पाकिस्तान चले जाओ' वाले मेरठ के एसपी के वीडियो पर राजनीति तेज़
नागरिकता संशोधन क़ानून विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को कथित रूप से पाकिस्तान जाने के लिए कहने वाले उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के वीडियो को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है.
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस वीडियो में दिख रहे अधिकारी की आलोचना करते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को भी निशाने पर ले रहे हैं. वहीं कुछ भाजपा नेता इसे पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया को स्वाभाविक बताते हुए उनका बचाव कर रहे हैं.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस वीडियो के आधार पर भारतीय जनता पार्टी पर 'संस्थानों को सांप्रदायिक बना देने' का आरोप लगाया है.
उन्होंने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है, "भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाज़त नहीं देता. और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो ज़िम्मेदारी और बढ़ जाती है."
प्रियंका इसके बाद लिखती हैं, "भाजपा ने संस्थाओं में इस क़दर साम्प्रदायिक ज़हर घोला है कि आज अफ़सरों को संविधान की कसम की कोई क़द्र ही नहीं है."
क्या है मामला
दरअसल, मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह स्थानीय लोगों से कथित तौर पर कुछ लोगों के बारे में कह रहे हैं कि 'उन्हें बताओ कि देश में रहने का मन नहीं है तो पाकिस्तान चले जाओ.'
हालांकि, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इस वीडियो के संबंध में एसपी अखिलेश नारायण सिंह ने कहा, "हमें देखकर कुछ लड़कों ने पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए और भागने लगे. मैंने उन्हें कहा कि अगर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाओगे और भारत से इतनी नफ़रत करते हो कि पत्थर मारोगे तो पाकिस्तान चले जाओ. हम उनकी पहचान कर रहे हैं."
मेरठ के आईजी प्रशांत कुमार ने भी इस वीडियो को लेकर अपने विभाग के अधिकारी का बचाव किया है. उन्होंने कहा, "पथराव हो रहा था, भारत के विरोध और पड़ोसी देश के समर्थन में नारेबाज़ी हो रही थी."
"हालात बहुत तनावपूर्ण थे. अगर सामान्य होते तो शब्द शायद बेहतर होते. मगर उस दिन परिस्थितियां संवेदनशील थीं. हमारे अधिकारियों ने काफ़ी संयम दिखाया. पुलिस की ओर से फ़ायरिंग नहीं हुई."
विपक्षी नेता कर रहे आलोचना
कांग्रेस आज अपना 135वां स्थापना दिवस मना रही है और देशभर में 'संविधान बचाओ-भारत बचाओ' के संदेश के साथ रैलियां निकाल रही है.
इस बीच मेरठ के एसपी के वायरल वीडियो के लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीट करके आपत्ति जताई है. उन्होंने लिखा है, "मेरठ के एसपी को मुसलमानों को पाकिस्तान जाने के लिए कहता देख हैरान हूं. मुसलमानों ने पाकिस्तान को ख़ारिज करके भारत में रहना चुना था क्योंकि उन्हें भारतीय संविधान और महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, अबुल कलाम आज़ाद के नेतृत्व पर भरोसा था."
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है, "मैंने भारत के मुसलमानों के बीच कट्टरपंथ को रोकने के लिए पूरी शिद्दत से कोशिश की. यह अधिकारी मेरे प्रयासों को बेकार कर रहा है."
बीजेपी नेता कर रहे बचाव
वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके मेरठ के पुलिस अधिकारी का बचाव किया है.
उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे और पुलिस की मां-बहनों को गालियां दे रहे, आगज़नी कर रहे दंगाइयों से पाकिस्तान चले जाओ कहना स्वाभाविक प्रतिक्रिया है.'
उमा भारती ने यह भी कहा कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी 'घिनौनी साज़िश' के तहत इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं.
उमा भारती ने कहा कि वह मेरठ के एसपी अखिलेश नारायण सिंह के साथ हैं.
वहीं बीजेपी के आईटी प्रभारी अमित मालवीय ने भी इस वीडियो का बचाव किया है. उन्होंने एसपी की सफ़ाई वाला वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कुछ पत्रकार उत्तर प्रदेश पुलिस को उसकी ड्यूटी निभाने के लिए बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि राज्य में बीजेपी का शासन है.
वह इसके बाद लिखते हैं, "पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाना है तो पाकिस्तान जाओ. ऐसा कहना हर तरह से सही है. दंगा करोगे तो पुलिस कार्यवाही ही करेगी, आरती नहीं उतारेगी."
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