You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
CAA: बेंगलुरू में क्यों वायरल हुआ यह वीडियो?
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरू से, बीबीसी हिंदी के लिए
बेंगलुरू पुलिस को एक वीडियो के ज़रिए उस कथित साज़िश का पता चला है जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के दफ़्तर पर हमला और उसे आग लगाने का प्रयास करते हुए दिखाया गया है.
इस वीडियो को मोबाइल फ़ोन पर फ़िल्माया गया है. इसमें दो लोग एक पार्टी दफ़्तर के बाहर शटर पर पेट्रोल डालते दिख रहे हैं, फिर वहां खड़े कुछ दोपहिया वाहनों को आग लगा दी जाती है.
वीडियो वायरल हो गया और स्थानीय टेलीविज़न चैनलों पर भी इसे दिखाया गया.
सीपीआई के अधिकारियों ने कहा कि यह घटना बुधवार के सुबह क़रीब 10 बजे हुई और मुख्य कार्यालय के अंदर सो रहे एक सुरक्षाकर्मी ने जब शोर किया तब आग को फैलने से रोका गया.
नाम नहीं बताने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह स्पष्ट है कि इस वीडियो को सीसीटीवी से नहीं लिया गया है. इसे मोबाइल फ़ोन पर फ़िल्माया गया है. अपराधी ख़ुद अपने अपराध का वीडियो क्यों जारी करेंगे?"
हालांकि, बेंगलुरू के पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) चेतन सिंह राठौड़ ने बीबीसी हिंदी को बताया, "वीडियो के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी. यहां तक कि एक तीसरा पक्ष भी हो सकता है जो इस पार्टी और दूसरे किसी अन्य के बीच दरार पैदा करने की कोशिश हो सकती है."
राठौड़ कहते हैं, "हम अभियुक्तों और उन सभी गाड़ियों के नंबर का पता कर रहे हैं जिसपर ये दोनों सवार हुए थे."
सीपीआई के राज्य सचिव साठी सुंदरेश ने बीबीसी हिंदी से कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रही है और यह बदला लेने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है.
उन्होंने कहा, "हमने कर्फ़्यू के बावजूद मंगलुरु में प्रदर्शन किया था. जिसके बाद हमारे राष्ट्रीय सचिव और राज्य सभा सदस्य बिनोय विस्वम और मेरे साथ कई अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया था."
सुंदरेश ने यह भी कहा, "हम समझते हैं कि जो भी विरोध करेगा, उस पर ऐसे हमले बढ़ेंगे."
पार्टी के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, "इसलिए हमें संदेह है कि यह सुपारी का मामला हो सकता है. हो सकता है कि जिन्होंने उन्हें यह काम सौंपा था, ये लोग उन्हें इस वीडियो के जरिए यह बताना चाहते हों कि उनका काम हो गया है."
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)