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वकील को हथकड़ी पहनाने वाली पाकिस्तानी कॉन्स्टेबल ने क्यों हुई वायरल? #Social
पाकिस्तान में एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल ने न्यायिक व्यवस्था से नाराज़ होकर अपने पद से इस्तीफ़ा देने की बात कह दी.
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फ़िरोज़ेवाला इलाके में तैनात फ़ैज़ा नवाज़ का एक वीडियो कुछ दिन पहले वायरल हो गया था जिसमें वो एक वकील को हथकड़ियां बाधें अदालत ले जाते हुए दिखाई दे रहीं थीं.
फ़ैज़ा नवाज़ ने अपने इस्तीफ़े के साथ एक वीडियो भी बनाया है जिसमें उन्होंने इस्तीफ़े की वजह और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों का ज़िक्र किया है.
वीडियो में फ़ैज़ा कह रही हैं, ''मैं बहुत अफ़सोस के साथ बोल रही हूं कि मुझे इंसाफ़ मिलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा. मेरे अपने महकमे के कुछ लोगों की वजह से एफ़आईआर कमज़ोर हुई है.''
''मैं एक पढ़ी लिखी कॉन्स्टेबल हूं. साल 2014 में एंटी टेररिज्म डिपार्टमेंट और पंजाब पुलिस दोनों जगह मेरा सेलेक्शन हुआ. लेकिन मैंने आवाम की खिदमत और महिलाओं को इंसाफ़ दिलाने के लिए पुलिस को चुना.''
फ़ैज़ा ने वीडियो में कहा है, ''ताक़त के नशे में चूर वकील ने मेरी बेइज्ज़ती की, मुझे परेशान किया. पहले तो वो बोलकर मुझे परेशान कर रहे थे लेकिन फिर उन्होंने मेरे पैर पर मारा और मुझे थप्पड़ भी मारे.''
उन्होंने सिस्टम पर नाराज़गी ज़ाहिर की है, ''मैं सिस्टम से परेशान हो चुकी हूं. मानसिक तौर पर मैं बहुत परेशान हूं. मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं. मुझे अपने भविष्य की चिंता हो रही है.''
फ़ैज़ा ने वीडियो में कहा कि वो इन ताकतवर लोगों का सामना नहीं कर सकतीं इसलिए परेशान होकर अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हैं. हालांकि अभी यह साफ़ नहीं है कि उन्होंने विभाग को अपना इस्तीफ़ा सौंपा है या नहीं.
फ़ैज़ा और वकील में क्यों विवाद हुआ?
गुरुवार को अहमद मुख़्तार नामक वकील फ़िरोज़ेवाला कोर्ट में अपनी कार खड़ी कर रहे थे तभी वहां पर कॉन्स्टेबल फ़ैज़ा नवाज़ पहुंच गईं और उन्होंने मुख़्तार से उस जगह कार खड़ी न करने को कहा.
पाकिस्तान के जियो न्यूज़ के मुताबिक फ़ैज़ा नवाज़ ने वकील मुख्तार से अपनी कार वहां से हटा देने की गुज़ारिश की और कहा कि उस जगह कार खड़ी करने से दूसरे लोगों को मुश्किलें हो सकती हैं.
इसके बाद वकील मुख़्तार गुस्से में आ गए और उन्होंने कॉन्सटेबल फ़ैज़ा पर थप्पड़ मार दिए. घटनाक्रम के बाद मुख़्तार पर एफ़आईआर दर्ज की गई.
शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कॉन्स्टेबल फ़ैज़ा वकील मुख़्तार के हाथों में हथक़ड़ियां बांधकर उन्हें अदालत ले जा रही थीं. हालांकि शनिवार को अदालत ने वकील मुख़्तार को यह कहते हुए रिहा कर दिया कि उनकी एफ़आईआर में एक छोटी सी गलती लिखी गई थी.
इसके बाद कॉन्स्टेबल फ़ैज़ा ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी और जस्टिस आसिफ़ सईद खोसा से कहा कि उन्हें न्याय दिलवाए.
सोशल मीडिया पर चर्चा
जब से यह वाकया हुआ है और अब कॉन्स्टेबल फ़ैज़ा के इस्तीफ़ा देने की बात कहने के बाद पाकिस्तान में लगातार इसकी चर्चा हो रही है. लोग पाकिस्तान की न्यायिक व्यवस्था और महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं.
रम्मा एस चीमा लिखती हैं, ''शुक्रिया, हमारी ख़ास न्यायिक व्यवस्था ने हमारे महिला विरोधी समाज में एक और महिला का हौसला तोड़ने का काम किया है.''
सुमैरा अली ने लिखा है, ''हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां पुलिस ही सुरक्षित नहीं है. पाकिस्तानियों पहले अपने आप को बदलिए.''
अन्या ख़ान लिखती हैं कि यह सब बहुत दुखद है, महिला विरोधी सिस्टम के चलते कॉन्सटेबल को इस्तीफा देना पड़ा.
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