फ़रहान अख़्तर नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरेंगे

फ़रहान अख़्तर

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नए नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ देश के अलग-अलग हिस्सों से आवाज़ उठ रही है. इन आवाज़ों में बॉलीवुड के भी कई कलाकार अपनी आवाज़ मिला रहे हैं. कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर खुलकर इस क़ानून का विरोध किया है. अभिनेता और निर्देशक फ़रहान अख़्तर ने बुधवार को कहा कि वो गुरुवार को मुंबई की सड़कों पर इस क़ानून का विरोध करने उतरेंगे.

45 साल के इस अभिनेता ने कहा कि सोशल मीडिया पर अकेले विरोध करने का वक़्त अब गया. उन्होंने गुरुवार को मुंबई में विरोध-प्रदर्शन में लोगों से शामिल होने की अपील की.

फ़रहान अख़्तर ने नए नागरिकता क़ानून को लेकर अलग-अलग बिंदुओं पर चिंताओं को भी साझा किया है. फ़रहान ने एक फ़ोटो साझा किया है जिसमें नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स को लेकर भी अपनी चिंताएं अलग-अलग पॉइंट्स के ज़रिए बताई हैं. फ़रहान ने बताया है कि एनआरसी के कारण असम में लोगों की गिरफ़्तारी और निर्वासन का डर है.

फ़रहान अख़्तर ने अपने ट्वीट में कहा है, ''आपको यह जानने की ज़रूरत है कि विरोध-प्रदर्शन क्यों ज़रूरी है. 19 दिसंबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मिलते हैं. अब सोशल मीडिया पर विरोध का कोई मतलब नहीं है.''

कुछ घंटे बाद ही फ़रहान अख़्तर ने एक ग्रैफ़िक पोस्ट करने के लिए माफ़ी मांगी और कहा, ''पहले के ट्वीट में भारत का ग़लत नक्शा ग़लती से लगा दिया था. कश्मीर हर इंच भारत का है और मैं ग़लत नक्शे को ख़ारिज करता हूं. पहले के ट्वीट में सतर्क नहीं रहने के लिए मुझे खेद है.''

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केवल फ़रहान अख़्तर ही नहीं हैं जो इस क़ानून का विरोध कर रहे हैं. इसके विरोध में कई कलाकार सामने आए हैं. सोनाक्षी सिन्हा ने भी ट्वीट कर इस क़ानून का विरोध किया है. सोनाक्षी ने अपने ट्वीट में कहा है, ''जो हमलोग थे, जो हम हैं और जो हमें होना चाहिए!'' सोनाक्षी सिन्हा ने संविधान के प्रस्तावना की तस्वीर भी पोस्ट की है.

पिछले कई दिनों से नए नागरिकता क़ानून का विरोध हो रहा है. इस क़ानून के बाद 2015 के पहले भारत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान से आए ग़ैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता मिलेगी. इस नए क़ानून का विरोध करने वालों का कहना है कि यह मुसलमानों के साथ भेदभाव करता है. विरोध करने वालों का कहना है कि भारत में नागरिकता धर्म के आधार पर नहीं दी सकती. लेकिन इस नए क़ानून में धर्म के आधार पर नागरिकता देने का प्रावधान है जो कि भारतीय संविधान के ख़िलाफ़ है.

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पिछले हफ़्ते रविवार को जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पुलिसिया कार्रवाई की कई कलाकारों ने आलोचना की थी. आयुष्मान खुराना, राजकुमार राव, परिनीति चोपड़ा, तापसी पन्नु, मनोज वाजपेयी, कोंकणा सेनशर्मा के अलावा अनुराग कश्यप, महेश भट्ट और सुधीर मिश्रा ने भी इस क़ानून का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है.

अभिनेत्री हुमा क़ुरैशी ने ट्वीट कर कहा है, ''यह ठीक नहीं है. हम एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र हैं. स्टूडेंट्स के साथ पुलिस जैसे पेश आ रही है वो डरावना है. लोगों के पास शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है.''

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