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'राहुल सावरकर' वाले बयान पर क्या बोलीं बीजेपी-शिव सेना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में सरकार की आर्थिक नीतिओं के विरोध में बुलाई गई एक रैली में अपने 'रेप इन इंडिया' वाले बयान का ज़िक्र करते हुए फिर कहा है कि वो अपने बयान के लिए माफ़ी नहीं माँगेंगे.
उन्होंने रामलीला मैदान में कहा,"मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है. मेरा नाम राहुल गांधी है. मैं सच्चाई के लिए माफ़ी नहीं मांगूंगा. मर जाऊंगा लेकिन माफ़ी नहीं माँगूंगा."
उन्होंने कहा, "माफ़ी प्रधानमंत्री और उनके असिस्टेंट अमित शाह को मांगनी है. पहले अर्थव्यवस्था हमारी शक्ति थी...है नहीं थी. पहले 9 फ़ीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट थी और आज प्याज़ पकड़े हुए हैं."
राहुल गांधी के सावरकर वाले बयान पर बीजेपी और शिव सेना के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
बीजेपी के आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि "इस बार राहुल गांधी सही हैं. वह कभी 'राहुल सावरकर' नहीं हो सकते हैं. वीर सावरकर एक राष्ट्रीय आइकन हैं जिनका भारत के राज्य व्यवस्था पर एक सभ्यता मूलक प्रभाव है और आने वाली पीढ़ियों पर इसका प्रभाव बना रहेगा. नेहरू-गांधी परिवार की पांच पीढ़ी उनकी विरासत को माप नहीं सकती."
दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी पर पलटवार किया है.
गिरिराज सिंह ने लिखा है कि वीर सावरकर तो सच्चे देशभक्त थे....उधार का सरनेम लेने से कोई गांधी नहीं होता, कोई देशभक्त नहीं बनता.
गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट के साथ सोनिया, राहुल और प्रियंका की तस्वीर लगाई है और पूछा है कि ये तीनों कौन हैं? क्या यह तीनों देश के आम नागरिक हैं?
शिव सेना का ऐतराज़
शिव सेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट किया, "वीर सावरकर सिर्फ़ महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के देवता हैं. सावरकर नाम में ही राष्ट्राभिमान और स्वाभिमान है. नेहरू और गांधी के जैसे ही सावरकर जी ने भी स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन की आहुति दी है. ऐसे हरेक देवता का सम्मान करना चाहिए. इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता."
राउत ने कहा, "हम पंडित नेहरू और महात्मा गांधी को मानते हैं तो आप भी वीर सावरकर का अपमान मत कीजिए."
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "सावरकर ने अपने जीवन की आहुति मातृभूमि के लिए दी है. अपना सब कुछ अर्पित किया है. उनके लिए ऐसी भाषा का उपयोग करना देश के लिए सर्वोच्च त्याग करने वाले सभी देशभक्तों का अपमान है. राहुल को पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए."
उन्होंने एक और ट्वीट किया, "आखिरी नाम गांधी होने से कोई महात्मा गांधी नहीं होता. खुद को गांधी समझने की गलती न करें राहुल. सावरकर के नख के बराबर भी नहीं हैं राहुल."
राहुल गांधी के सावरकर वाले बयान पर बीजेपी सांसद और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने भी जवाबी हमला किया है और निशाना साधा है.
जीवीएल नरसिम्हा राव ने ट्वीट कर कहा है "आपके (राहुल गांधी) लिए अधिक उपयुक्त नाम राहुल जिन्ना है. आपकी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति और मानसिकता आपको सावरकर की नहीं, बल्कि मोहम्मद अली जिन्ना की योग्य वारिस बनाती है."
राहुल गांधी के सावरकर वाले बयान पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी पलटवार किया है.
संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा है कि राहुल गांधी अगर हजार जन्म भी ले लें तो भी "सावरकर" नहीं बन सकते.
क्या था मामला
शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'रेप इन इंडिया' वाले बयान की संसद से लेकर सोशल मीडिया तक में चर्चा हुई थी.
राहुल गांधी ने झारखंड की चुनावी रैली में कहा था, ''नरेंद्र मोदी ने कहा था- मेक इन इंडिया. अब आप जहां भी देखो. अब मेक इन इंडिया नहीं...रेप इन इंडिया है.''
उनके इस बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी समेत कई बीजेपी सांसदों ने संसद में इस बयान पर कड़ा विरोध जताया.
स्मृति इरानी ने लोकसभा में कहा, ''ये पहली बार हुआ है, जब गांधी परिवार का बेटा ये कहता है कि आओ हिंदुस्तान में रेप करो. राहुल गांधी इस सदन के नेता हैं. क्या राहुल गांधी ये कहना चाहते हैं कि हिंदुस्तान का हर व्यक्ति रेप करना चाहता है?''
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