कश्मीर के 'इसराइली मॉडल' पर भड़के इमरान ख़ान- प्रेस रिव्यू

अमरीका में भारत के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए भारत सरकार को इसराइल का रास्ता अपनाना चाहिए.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित इस समाचार के अनुसार न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत संदीप चक्रवर्ती का एक वीडियो चर्चा में बना हुआ है. यह वीडियो किसी निजी कार्यक्रम का है जो शनिवार को आयोजित हुआ था.

वीडियो में संदीप चक्रवर्ती यह कहते हुए सुने जा सकते हैं, ''मुझे भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात में सुधार होगा. मुझे नहीं मालूम कि हम ऐसा क्यों नहीं करते. मध्य पूर्व में यह हुआ है...अगर इसराइल के लोग ऐसा कर सकते हैं तो हम भी कर सकते हैं. मुझे लगता है हमें इसराइल के रास्ते पर चलना चाहिए. हमारी सरकार को इसके लिए पहल करनी चाहिए. ''

इस कार्यक्रम में फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री, अभिनेता अनुपम खेर और अमरीका में बसे कई कश्मीरी पंडित शामिल थे. लगभग एक घंटे का यह वीडियो विवेक अग्निहोत्री के फ़ेसबुक पर अपलोड हुआ है.

इसी से जुड़ी एक ख़बर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है, ''भारत में आरएसएस की विचारधारा वाली सरकार की फ़ासीवादी मानसिकता दिख रहा है. भारत के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में घेराबंदी को 100 दिनों से ज़्यादा समय हो चुका है. कश्मीरियों के मानवाधिकार को कुचला जा रहा है. लेकिन दुनिया के शक्तिशाली देश अपने व्यापारिक हितों के कारण चुप्पी साधे हुए हैं..''

अजित पवार बनेंगे डिप्टी सीएम?

द इकोनॉमिक टाइम्स की ख़बर है कि महाराष्ट्र में एनसीपी से एक डिप्टी सीएम भी होंगे और स्पीकर पद कांग्रेस के खाते में जा सकता है.

अख़बार लिखता है कि डिप्टी सीएम पद अजित पवार या जयंत पाटिल को दिया जा सकता है. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी.

उद्धव ठाकरे के साथ छह लोग मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. अख़बार के मुताबिक़, एनसीपी से जयंत पाटिल और अजित पवार शपथ ले सकते हैं.

हालांकि एनसीपी ने ये साफ़ नहीं किया है कि डिप्टी सीएम पद की शपथ कौन लेगा. लेकिन हाल ही में बागी रुख़ अपनाने के चलते पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि अजित को फ़िलहाल डिप्टी सीएम पद नहीं दिया जाना चाहिए,

एनसीपी और अजित पवार के कुछ समर्थकों की ये भी ख़्वाहिश है कि उन्हें डिप्टी सीएम पद के साथ-साथ गृह मंत्रालय की ज़िम्मेदारी भी दी जाए.

अख़बार के मुताबिक़, अजित पवार को डिप्टी सीएम पद दिए जाने को लेकर कांग्रेस की भी सहमति नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया अख़बार लिखता है कि आदित्य ठाकरे को शायद कैबिनेट में जगह न मिले.

SPG बिल के संशोधन से क्या बदलेगा?

द हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, गृह मंत्री अमित शाह का लोकसभा में पेश किया एसपीजी बिल बुधवार को पास हो गया है.

बिल में हुए संशोधन के तहत,

  • अब एसपीजी प्रोटेक्शन सिर्फ़ प्रधानमंत्री और पीएम आवास में रहने वाले उनके परिवार को मिलेगा.
  • देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों को आबंटित आवास में एसपीजी सुरक्षा पांच साल के लिए मिलेगी.

अमित शाह ने कहा, ''हमारा मक़सद है कि एसपीजी और सक्षम बने और इसके काम में किसी तरह की कोई रुकावट न आए.''

कुछ वक़्त पहले गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाई गई थी, जिसे लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया था.

अमित शाह ने कहा, ''सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद जब डॉ मनमोहन सिंह की सुरक्षा बदली तब कोई कुछ नहीं बोला. समझ नहीं आता कि चिंता सुरक्षा की है या एक परिवार की? चिंता व्यक्त करने के दो मापदंड कैसे हो सकते हैं?''

पेड़ काटने से पहले जमा कराने होंगे एक हज़ार रुप

द टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, अब नागरिकों को पेड़ काटने से पहले एक हज़ार रुपए जमा कराने होंगे.

पहले ये रकम 200 रुपए थी. ये रकम इसलिए ली जाती है ताकि पेड़ कटने के बाद दोबारा पेड़ लगाया जा सके.

गोवा में कैबिनेट ने इस नए संशोधन को मंज़ूरी दे दी है.

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, ''ये देखने में आया था कि सिक्योरिटी डिपोज़िट कम होने से लोग न तो 200 रुपए लेने आते थे और न ही पेड़ लगाते थे.''

एक अधिकारी ने कहा कि इस रकम को बढ़ाए जाने से लोग ये समझेंगे कि एक पेड़ को काटने के बाद दूसरा पेड़ लगाया जाना कितना ज़रूरी है.

मुथैया मुरलीधरन बनेंगे गवर्नर?

द ट्रिब्यून की ख़बर के मुताबिक़, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर मुथैया मुरलीधरन उत्तरी प्रांत के गवर्नर बन सकते हैं.

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटभाया राजपक्ष ने मुरलीधर को गवर्नर पद स्वीकार करने के लिए निमंत्रण भेजा है.

ये एक तमिल बहुल प्रांत है, जहां मुरलीधरन गवर्नर बन सकते हैं. मुरलीधरन कई मौक़ों पर गोटभाया का समर्थन करते रहे हैं.

मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 800 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है.

सस्ती होंगी दवाइयां

हिंदुस्तान की ख़बर है कि दवा कंपनिया मुनाफा कम करने को तैयार हो गई हैं.

सरकार और फॉर्मा कंपनियों के बीच इसे लेकर सहमति बन गई है.

इस फ़ैसले से 10 हज़ार से ज्यादा दवाओं की क़ीमत में कमी आएगी.

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