शिव सेना का होगा 5 साल के लिए सीएम: संजय राउत

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शिव सेना के नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साफ़ किया है कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री शिव सेना का ही बनेगा.
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाने पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि अब तीनों पार्टियों के बड़े नेताओं के बीच बातचीत होगी.
हालांकि, संजय राउत ने यह नहीं बताया कि सरकार बनाने का फ़ॉर्मूला क्या होगा, किस पार्टी के कितने मंत्री होंगे.
संजय राउत ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर कहा, "राज्य के हित में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम वाली सरकार चलाना कोई कठिन काम नहीं है. सरकार चाहे एक पार्टी की हो या फिर गठबंधन की; उस गठबंधन में दो पार्टियां हों या 25, सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर ही चलेगी."
"यह प्रोग्राम राज्य और राष्ट्र के हित की बात करने वाला होता है. महाराष्ट्र ऐसा राज्य है जो हर क्षेत्र में पहले से आगे रहा है. हालांकि अकाल, बारिश और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी कुछ बातें हैं, उनपर ज़्यादा करना पड़ेगा."

'अनुभव की मिलेगी मदद'
कांग्रेस और एनसीपी को साथ लाने को लेकर शिव सेना सासंद संजय राउत ने कहा कि ये पार्टियां लंबे समय तक सत्ता में रही हैं और नई सरकार को उनके अनुभव से मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, "हमारे साथ जो भी जुड़े हैं, उनका राज्य को चलाने का कई सालों का अनुभव है. उस अनुभव का भी फ़ायदा हो सकता है. सभी को साथ लेकर प्रोग्राम बनाने की कोशिश हो रही है तो उसमें किसी को क्या दिक्कत है?"
बीजेपी और शिव सेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर दरार पैदा हो गई थी. शिव सेना का कहना था कि सत्ता में बराबर साझेदारी की बात हुई थी इसलिए ढाई साल शिव सेना और ढाई साल बीजेपी का मुख्यमंत्री होना चाहिए.
शिव सेना अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, तो क्या अब उनके साथ, ख़ासकर अधिक सीटों वाली एनसीपी के साथ मुख्यमंत्री पद को साझा किया जाएगा? इस सवाल के जवाब में संजय राउत ने कहा कि शिव सेना का सीएम पांच साल नहीं, 25 साल रहेगा.
उन्होंने कहा, "हम तो चाहते हैं कि आने वाले 25 साल शिव सेना का सीएम रहे. आप पांच साल की बात क्यों करते हो? लेकिन हम ये नहीं कहेंगे कि मैं वापस आऊंगा, मैं वापस आऊंगा. हमें महाराष्ट्र में रहना है. राज्य के साथ हमारा रिश्ता अस्थायी नहीं है, पांच साल का नहीं है. हम सबसे बड़ी पार्टी हैं, 50 सालों से राज्य की राजनीति में हैं. हम आते-जाते नहीं रहेंगे, हम सत्ता में ही रहेंगे."
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माना जा रहा है कि इस बयान से संजय राउत ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस की ओर इशारा किया जो चुनाव से पहले कई मंचों से कहते रहे हैं, "मैं मुख्यमंत्री हूं और वापस आऊंगा."
फ़ॉर्मूला क्या होगा?
ऐसी ख़बरें हैं कि शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच 40 सूत्रों के न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाने पर सहमति बनी है और 19 नवंबर को इस संबंध में कोई घोषणा की जा सकती है.
चर्चा है कि सरकार में शिव सेना के 16 मंत्री होंगे, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 12. सरकार बनाने के इस फ़ॉर्मूले को लेकर आई इन ख़बरों पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जब संजय राउत से सवाल किया गया तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया.
उन्होंने कहा, "फ़ॉर्मूला की चिंता न करें, उद्धव ठाकरे साहब इस मामले को संभालने में सक्षम हैं."
राउत ने यह भी दोहराया कि हर हाल में महाराष्ट्र में शिव सेना की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा, "24 तारीख़ से ही उद्धव ठाकरे जी और मैं कह रहे हैं कि शिव सेना का सीएम होगा और जो भी सरकार बनेगी, शिवसेना के नेतृत्व में होगी. इस बात में कोई बदलाव नहीं होगा. महाराष्ट्र को नेतृत्व शिव सेना ही देगी, कोई लाख कोशिश कर ले मगर रोक नहीं सकेगा."
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