महाराष्ट्र में बीजेपी नहीं बनाएगी सरकार, कहा- शिवसेना ने जनादेश का अनादर किया

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महाराष्ट्र के राज्यापाल भगत सिंह कोश्यारी के सरकार बनाने के निमंत्रण के बाद बीजेपी ने साफ़ कर दिया है कि वो राज्य में सरकार बनाने नहीं जा रही है. इसके बाद गर्वनर भगत सिंह कोश्यारी ने शिव सेना को सरकार बनाने के लिए दावा पेश करने को कहा है.
रविवार शाम को बीजेपी की बैठक के बाद बीजेपी नेताओं का दल राज्यपाल कोश्यारी से मिलने गया था जिसके बाद महाराष्ट्र के बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और बताया कि उनकी पार्टी सरकार बनाने नहीं जा रही है.
उन्होंने कहा, "विधानसभा चुनाव में बीजेपी, शिवसेना, आरपीआई, शिव संग्राम और अन्य दलों के गठबंधन को राज्य की जनता ने ख़ूब अच्छा जनादेश दिया. ताकि हम सब मिलकर आराम से सरकार बना सकें."
"इसके कारण माननीय राज्यपाल महोदय ने भारतीय जनता पार्टी को नई सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया था लेकिन जनादेश होने के बावजूद भी उसका अनादर करते हुए शिवसेना ने साथ में सरकार बनाने के लिए अनिच्छा व्यक्त की. इसलिए अब हम सरकार नहीं बनाएंगे. यह बताने के लिए हम राज्यपाल जी के पास आए थे."
पाटिल ने कहा कि यह जनादेश साथ में मिलकर काम करने का था, अगर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहती है तो वह सरकार बना ले.
इसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने पत्रकारों से कहा कि शिवसेना का मुख्यमंत्री ही बनेगा, हालांकि उन्होंने ये साफ़ नहीं किया कि शिवसेना सरकार बनाने का दावा कब और कैसे पेश करेगी.
उन्होंने कहा, "आज ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा. अगर उद्धव जी ने यह कहा है कि मुख्यमंत्री शिवसेना का होगा तो इसका मतलब है कि राज्य में हम किसी भी कीमत पर शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाएंगे."

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राज्यपाल ने कल दिया था न्यौता
इससे पहले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक 105 सीटें जीतने वाली पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था.
शनिवार को महाराष्ट्र में सरकार गठन का अंतिम दिन था. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आए 15 से अधिक दिन बीत चुके हैं और बीजेपी-शिवसेना के बीच बयानबाज़ियों का दौर चालू है.
बीजेपी और शिवसेना दोनों ने चुनाव में गठबंधन किया था और चुनाव परिणामों में बीजेपी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं.
दोनों पार्टियों ने एक गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन जीतने के बाद अब मुख्यमंत्री पद पर दोनों की सहमति नहीं बन पा रही है.
शिव सेना की मांग है कि महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना का ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहे. उनका दावा है कि बीजेपी ने चुनावों से पहले इसका वादा किया था जो उसे अब पूरा करना चाहिए. वहीं बीजेपी का कहना है कि उसने शिवसेना से ऐसा कोई वादा नहीं किया था.
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