तेलंगाना: संपत्ति​ विवाद में महिला अधिकारी को 'ज़िंदा जलाया'

    • Author, दिप्ती बथिनी
    • पदनाम, बीबीसी तेलुगू

तेलंगाना में संपत्ति विवाद को लेकर महिला राजस्व अधिकारी को उसके कार्यालय में ज़िंदा जला दिया गया.

स्थानीय पुलिस ने इस वारदात की पुष्टि की है. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 302 और 307 के तहत मुक़दमा दर्ज कर लिया है.

सोमवार को हुए इस हमले के कारण विजया रेड्डी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. महिला अधिकारी को उनके एक कर्मचारी ने बचाने का प्रयास किया लेकिन जलने से उनकी भी मंगलवार को मौत हो गई.

घटना के वीडियो में अधिकारी मदद के लिए चिल्ला रही हैं और एक व्यक्ति उन पर कंबल फेंकता नज़र आता है.

पुलिस ने बताया कि उन्होंने अभियुक्त को हिरासत में ले लिया. इस घटना में अभियुक्त भी झुलस गया है. जब पुलिस ने उसे हिरासत में लिया उस वक्त वह भी 60 प्रतिशत जला हुआ था. उसके बाद उसे सरकारी अस्पताल में दाख़िल कराया गया है.

यह घटना दोपहर डेढ़ बजे उस समय हुई जब रेड्डी अदालत में एक सुनवाई में शामिल होकर लौटी थी. वह अपने कार्यालय में एक व्यक्ति से मुलाकात कर रही थीं. पुलिस के मुताबिक जिस व्यक्ति से वो मुलाकात कर रहीं थी उसका नाम सुरेश है.

रेड्डी को बचाने के प्रयास में दो कर्मचारी चंदरियाह और गुरूनाथम भी ज़ख्मी हो गए.

गुरूनाथम ने बताया कि उन्होंने रेड्डी के कार्यालय से चीखने की आवाज़ें सुनीं लेकिन पाया कि दरवाज़ा अंदर से बंद था.

दम तोड़ने से पहले गुरूनाथम ने अपने बयान में कहा, "वह दरवाज़ा खोलने में सफल रही और बाहर आई. हमने उन्हें सुरेश से दूर ले जाने का प्रयास किया. वह ज़मीन पर गिर गईं और हमने महसूस किया कि आग हर जगह लग लग गई है."

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के कारण ज़ख्मी होने के बाद भी सुरेश इमारत से भाग गया. पुलिस ने उसे सड़क पर देखा और अस्पताल ले गई.

घटना राज्य की राजधानी हैदराबाद से 32 किलोमीटर की दूरी पर अब्दुल्लाहपुरमेट में घटी.

पुलिस आयुक्त महेश भगत ने मीडिया को बताया, "हम इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या इस घटना को इस व्यक्ति ने अंजाम दिया या फिर कोई और व्यक्ति था जिसने उसकी मदद की."

नज़दीक के एक गांव के रहने वाले सुरेश और उसका परिवार एक संपत्ति को लेकर अदालत में एक मुक़दमा लड़ रहा है.

सुरेश के पिता कृष्णा ने मीडिया से कहा, " हमारा एक भूमि विवाद को लेकर एक मुक़दमा चल रहा है. हम नहीं जानते हैं कि वह अधिकारी से मिलने क्यों गया था."

तेलंगाना के राजस्व कर्मचारी संगठन ने बताया कि वो घटना के विरोध में तीन दिन काम का बहिष्कार करेंगे.

संगठनम के अध्यक्ष रविन्द्र रेड्डी वंगा ने बताया, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की एक घटना एक सरकारी कार्यालय में हुई."

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो साल में कई घटनाएं हुईं जिसमें जनता ने राजस्व अधिकारियों के साथ हाथापाई की. राजस्व विभाग के कई अधिकारियाों ने गोपनीयता की शर्त के साथ बताया कि पिछले कुछ समय से राजस्व अधिकारियों के प्रति निगेटिव वातावरण देखने को मिल रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर खुद अधिकारियों के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सार्वजनिक मंचों से बोलते रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)