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मुंबई के भिखारी के पास लाखों की संपत्ति, बैंक में फिक्स्ड डिपॉज़िट
- Author, राहुल रणसुभे
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
मुंबई के गोवंडी इलाके में एक अनोखा मामला सामने आया है. इलाके की एक झोपड़ी में रहने वाले एक भिखारी के पास से लाखों रुपये बरामद हुए हैं.
इस बात का पता भिखारी की मौत के बाद हुआ है. मुंबई पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर नंद किशोर सस्ते ने बताया, "चार अक्टूबर को शाम 7.40 बजे यह भिखारी गोवंडी से मनखुर्द जाने वाली रेलवे ट्रैक को पार करने की कोशिश में घायल हो गया था. हम उसे राजावाडी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत्य घोषित कर दिया गया."
इसके बाद पुलिस उनके झोपड़ी तक पहुंची. झोपड़ी से पुलिस को 8.77 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपाज़िट के पेपर मिले. जबकि भिखारी के बैंक खाते में 96 हज़ार रुपये जमा थे. इसके अलावा झोपड़ी में 50 पैसे, एक रुपये, दो रुपये और पांच रुपये के सिक्कों को मिलाकर एक लाख 47 हज़ार रुपये भी मिले.
किसी को भनक तक नहीं थी
ख़ास बात यह है कि यह पैसा बिराड़ीचंद आज़ाद या साधुबाबा ने केवल भीख मांगकर जमा किए थे. इलाक़े में रिक्शे चलाने वाले मिराज़ कुरैशी ने बीबीसी मराठी को बताया, "मैं उन्हें बचपन से जानता था. वे रेलवे स्टेशन पर भीख मांगा करते थे. मैं कभी कल्पना भी नहीं कर सकता था कि उनके पास इतना पैसा होगा. उन्होंने ये कैसे जमा किया होगा? वे एक भिखारी की तरह ही रहा करते थे, कभी नहीं लगा कि उनके पास पैसे होंगे."
साधुबाबा के पास मिले क़रीब 11 लाख रुपयों के चलते इलाके में हर कोई उनकी ही चर्चा कर रहा है. उनकी झोपड़ी के पड़ोस में रहने वाली नज़मा बानो बताती हैं, "कोई भिखारी दिन भर में क्या कमाता है, इसकी परवाह कोई नहीं करता. साधुबाबा जो भी कमाते थे उसे एक छोटे से बैग में रखते थे. हमने कभी नहीं सोचा कि उनके पास इतना पैसा होगा. वे हमेशा एक छोटी कटोरी रखते थे सिक्कों वाली."
पड़ोस में रहने वाली एक अन्य महिला सईदा बेग़म ने बताया, "वे हमेशा भिखारी की तरह ही रहे. उन्होंने कभी अच्छे कपड़े नहीं पहने. कभी अच्छे जूते चप्पल में भी नहीं देखा. कोई भीख मांग कर इतने पैसे जमा कर सकता है, यह एकदम अविश्वसनीय लगता है. हमलोगों को अचरज लगता था कि कोई केवल भीख मांगकर कैसे जीवन गुजार सकता है. वे कहते थे कि मंदिर बनाऊंगा. उन्होंने कभी अपने परिवार के बारे में नहीं बताया."
लोग यह भी चर्चा कर रहे हैं कि यह इलाका इस तरह का है कि अगर किसी को भनक लग जाती कि उनके पास इतने पैसे हैं तो वे पैसे आसानी से ग़ायब हो जाते या कहें चुरा लिए जाते. लेकिन बिराड़ीचंद ने अपने पहनावे और रहन सहन से किसी को शक नहीं होने दिया.
हालांकि पुलिस की जांच पता चला है कि बिराड़ीचंद राजस्थान के थे और उनके दो बेटे भी हैं.
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