दिल्ली: तीस हज़ारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच भिड़ंत

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दिल्ली के तीस हज़ारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प की ख़बरें आ रही हैं.
बताया जा रहा है कि शनिवार को पार्किंग को लेकर पुलिसवालों और वकीलों में विवाद हो गया.
ये विवाद बढ़ गया और वकीलों और पुलिसवालों में झड़प हो गई.
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वकीलों का कहना है कि झड़प के दौरान पुलिस ने फ़ायरिंग की लेकिन पुलिस ने फ़ायरिंग से इनकार किया है.
दिल्ली (उत्तर) के अतिरिक्त डीसीपी हरेंद्र सिंह ने इस झड़प के बारे में बताया, ''तीसरी बटालियन के जवान और कुछ वकीलों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था, इस बीच कुछ और वकील भी वहां आ गए. वो बदला लेने के लिए लॉक-अप के अंदर आना चाहते थे. हमने वकीलों को अंदर आने से रोका. हमने लॉक-अप को अंदर से बंद करके रखा जिससे हमारे जवानों के साथ-साथ कोर्ट में पेश होने आए क़ैदियों को भी सुरक्षित किया गया. वकील उस लॉक-अप को तोड़ना चाहते थे लेकिन जब वो इसमें कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने आग लगाकर उसे तोड़ने की कोशिश की. उन्होंने गेट के पास दो-तीन बाइकों को भी आग लगा दी थी.''

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कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगज़नी भी हुई है और जमकर हंगामा हुआ.
लेकिन वकील लोग पुलिस की बातों से सहमत नहीं हैं.
वकीलों का दावा है कि उनके एक साथी इस झड़प में घायल हुए हैं जिन्हें नज़दीक के सेंट स्टीफ़ंस अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है, ''पार्किंग के विवाद पर पुलिस ने वकीलों के साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया. पुलिस ने मासूम वकीलों पर फ़ायरिंग शुरू कर दी. बार काउंसिल इसे बिलकुल बरदाश्त नहीं करेगा. हमने पुलिस के उच्च अधिकारियों और सरकार से मांग की है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ़्तार किया जाए और उन्हें सस्पेंड किया जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो हालात और ज़्यादा ख़राब हो सकते हैं. ''
समाचार एजेंसी एएनआई का कहना है कि उनके एक पत्रकार के साथ भी तीस हज़ारी कोर्ट के वकीलों ने मार-पीट की.
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एएनआई के अनुसार वकीलों का समूह पत्रकारों को कवर करने से रोक रहे हैं और उनके मोबाइल फ़ोन भी छीन रहे हैं.
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