You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
घरेलू हिंसा मामले में मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ वारंट
- Author, प्रभाकर एम.
- पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
क्रिकेट के मैदान पर भले उनका प्रदर्शन शानदार रहा हो, घरेलू मोर्चे पर भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की किस्मत साथ नहीं दे रही है.
बीते लगभग डेढ़ साल से उन्होंने ग़लत वजहों से ही ज़्यादातर सुर्ख़ियां बटोरी हैं. पहले उनके ख़िलाफ़ मैच फिक्सिंग के आरोप लगे और उसके बाद पत्नी हसीन जहां ने शमी और उके बाई के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई. अब पत्नी की ओर से दर्ज ऐसे ही एक मामले में कोलकाता की अलीपुर अदालत ने शमी और उनके भाई के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है.
शमी के भारतीय टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर होने की वजह से अदालत ने उनको आत्मसमर्पण करने और ज़मानत के लिए आवेदन देने के लिए 15 दिनों का समय दिया है जबकि उनके भाई के ख़िलाफ़ वारंट की तत्काल तामील करने का आदेश दिया गया है.
इसबीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कहा है कि वह चार्जशीट देखने के बाद ही इस मामले पर कोई फ़ैसला करेगा. बीसीसीआई से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यह ऐसा मामला नहीं लगता जिसमें तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत हो. चार्जशीट देखने के बाद इस मामले में कोई फ़ैसला किया जाएगा.
हसीन जहां की ओर से दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान अदालती निर्देश के बावजूद शमी हाजिर नहीं हो सके. इसी वजह से उनके ख़िलाफ़ वारंट जारी करने का फ़ैसला किया गया.
हसीन के एडवोकेट अनिर्वाण गुहा ठाकुरता ने बताया, "इस मामले में शमी अब तक एक बार भी अदालत में हाजिर नहीं हुए हैं. इसलिए उनके और उके भाई हाशिब अहमद ख़िलाफ़ वारंट जारी किया गया है. शमी के क्रिकेट के सिलसिले में देश से बाहर होने की वजह से उनको आत्मसमर्पण के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है. लेकिन उनके भाई के मामले में यह नियम लागू नहीं होगा."
शमी की मुश्किलों का दौर
पत्नी की ओर से दायर घरेलू हिंसा और अत्याचार के इस मामले में कोलकाता पुलिस ने इस साल 14 मार्च को शमी और उनके भाई के ख़िलाफ़ महानगर की अलीपुर अदालत में आरोपपत्र दायर किया था. हसीन जहां ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी उनके आवास पर मुलाकात की थी.
वैसे बीते साल मार्च से ही शमी का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है. उनकी पत्नी ने पहले उन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया और फिर घरेलू हिंसा, मारपीट औऱ बलात्कार का. हसीन जहां के आरोपों के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पिछले साल मोहम्मद शमी को सेंट्रल कांट्रैक्ट से बाहर रखा था.
बाद में उनको हरी झंडी तो मिल गई. लेकिन आईपीएल में ख़राब प्रदर्शन की वजह से इंग्लैड दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. इसी दौरान वह एक सड़क हादसे का भी शिकार हो गए.
पत्नी की ओर से दायर घरेलू हिंसा के इस मामले में कोलकाता पुलिस ने पिछले साल आईपीएल टूर्नामेंट के दौरान यहां क्रिकेटर मोहम्मद शमी से पूछताछ की थी. हालांकि शमी पहले ही खुद पर लगे तमाम आरोपों को निराधार बता चुके हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)