स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का क्या है मामला

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- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
पूर्व गृह राज्य मंत्री और बीजेपी से तीन बार सांसद रह चुके स्वामी चिन्मयानंद एक बार फिर यौन शोषण मामले में घिर गए हैं.
शाहजहांपुर के एक कॉलेज की छात्रा ने उन पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. आरोप के बाद से ही छात्रा ग़ायब है. पुलिस ने स्वामी चिन्मयानंद और कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ अपहरण और धमकाने का मामला दर्ज किया है.
ख़ुद पर लगे आरोपों पर बातचीत के लिए स्वामी चिन्मयानंद से संपर्क नहीं हो पा रहा है. उनके वकील और प्रवक्ता ओम सिंह ने बीबीसी को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद अभी शहर से बाहर हैं.
उन पर लगे आरोपों पर ओम सिंह का कहना है कि 'ये सारा कुछ स्वामी जी और संस्था को बदनाम करने के लिए षडयंत्र के तहत हो रहा है.

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क्या है मामला?
शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज की इस छात्रा ने चार दिन पहले एक वीडियो पोस्ट के ज़रिए 'संत समाज के एक बड़े नेता' के ख़िलाफ़ उसके समेत कई लड़कियों का शोषण करने और धमकाने का आरोप लगाया था.
वीडियो में छात्रा ने ख़ुद की और परिवार वालों की जान के ख़तरे की आशंका भी जताई थी. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि वीडियो वायरल होने के बाद से ही वो पुलिस में एफ़आईआर दर्ज कराने के लिए भागदौड़ कर रहे थे लेकिन मीडिया में ख़बरें आने के बाद मंगलवार देर रात एफ़आईआर दर्ज की गई.
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक एस चिनप्पा ने बीबीसी से बताया कि लड़की की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगा दी गई हैं और लड़की के पिता को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई है.
उनका कहना था, "लड़की के पिता की शिकायत पर स्वामी चिन्मयानंद और अन्य के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है. जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, की जाएगी. हमने वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद ही लड़की की तलाश में टीमें लगा दी थीं. किसी प्रकार की कोई लापरवाही या फिर शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं की गई है."
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चिन्मयानंद के कॉलेज में पढ़ रही थी छात्रा
बताया जा रहा है कि स्वामी चिन्मयानंद उस कॉलेज के प्रबंधक और मालिक हैं जिस कॉलेज में छात्रा पढ़ती है.
वीडियो वायरल होने के दो दिन पहले स्वामी चिन्मयानंद की ओर से उनसे 'रंगदारी मांगने और ब्लैकमेल की धमकी देने' संबंधी शिकायत पुलिस में की गई थी.
हालांकि इन दोनों घटनाओं से किसी तरह के संबंध होने के मामले में पुलिस अधिकारी कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहे हैं.
एसपी एस जिनप्पा का कहना था, "अभी सारे डीटेल्स लिए जा रहे हैं, उनको एक दूसरे से लिंक किया जा रहा है. कुछ ठोस जानकारी मिलने के बाद ही उसे सार्वजनिक किया जाएगा."

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'दबाव बनाया तो एफ़आईआर दर्ज हुई'
स्वामी चिन्मयानंद के वकील और प्रवक्ता ओम सिंह ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने ही पुलिस पर एफ़आईआर दर्ज करने का दबाव बनाया तो एफ़आईआर दर्ज हुई.
ओम सिंह आशंका जताते हैं कि ख़ुद लड़की किसी षडयंत्रकारी गिरोह के चंगुल में फंस गई है और ऐसे आरोप लगा रही है, "हमने 22 अगस्त को धमकी भरा मेसेज आने के तत्काल बाद पुलिस में शिकायत की थी लेकिन पुलिस कप्तान ने एफ़आईआर दर्ज करने और मीडिया में जाने से इसलिए मना कर दिया था ताकि जांच में कोई बाधा न आए और षडयंत्रकारी इसका फ़ायदा न उठा सकें.
वे कहते हैं, "एसपी ने हमें भरोसा दिलाया कि जल्द ही मेसेज भेजने वाले पुलिस की गिरफ़्त में आ जाएंगे लेकिन जब दो दिन बाद इस लड़की का वीडियो सामने आया तो हमें शक़ हुआ कि कहीं ये दोनों मामले एक दूसरे से जुड़े तो नहीं हैं? इसलिए हमने 24 अगस्त को पुलिस पर एफ़आईआर दर्ज करने का दबाव बनाया और फिर एफ़आईआर दर्ज हुई."

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'दो दिन मोबाइल बंद रहे तो समझना मुसीबत में हूं'
वहीं लड़की के पिता का कहना है कि इससे पहले लड़की ने ख़ुद के उत्पीड़न या फिर किसी और तरह की परेशानी की बात कभी नहीं बताई थी, ये सब अचानक हुआ है.
बीबीसी से उन्होंने बताया कि पिछले दिनों रक्षा बंधन पर लड़की जब घर आई थी, तभी उसने कुछ आशंकाएं ज़ाहिर की थी, "लड़की परेशान थी. काफ़ी पूछने पर सिर्फ़ यही कहा कि मेरा मोबाइल लगातार दो दिन तक यदि बंद रहे तो समझना कि मैं किसी मुसीबत में हूं. 23 अगस्त से ही उसका मोबाइल बंद था और 24 अगस्त को उसका वीडियो सामने आया है. उसी दिन से हम पुलिस में शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई."
छात्रा के पिता के मुताबिक, वो कॉलेज परिसर में ही बने छात्रावास में रहती थी और पढ़ाई के साथ ही कॉलेज में पार्ट टाइम नौकरी भी करती थी. लड़की के परिजन किसी अनहोनी की आशंका से बेहद परेशान हैं. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इस मामले में न तो लड़की के परिजनों की ओर से बात करने की कोशिश की गई और न ही कॉलेज प्रबंधन और स्वामी चिन्मयानंद की ओर से आपस में बातचीत की कोई भी कोशिश गई.

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कौन हैं चिन्मयानंद?
बीजेपी के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं. शाहजहांपुर में उनका आश्रम है और वो कई शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन से भी जुड़े हैं.
आठ साल पहले शाहजहांपुर की ही एक अन्य महिला ने भी स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण और उत्पीड़न का मुक़दमा दर्ज कराया था. महिला स्वामी चिन्मयानंद के ही आश्रम में रहती थी. हालांकि राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, सरकार ने उनके ख़िलाफ़ लगे इस मुक़दमे को वापस ले लिया था लेकिन पीड़ित पक्ष ने सरकार के इस फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी. फ़िलहाल हाईकोर्ट से इस मामले में स्टे मिला हुआ है.
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