बिहार के मृत बच्चे की तुलना सीरियाई बच्चे अयलान कुर्दी से क्यों?

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- Author, नीरज प्रियदर्शी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर बिहार में आई बाढ़ से जुड़ी एक तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर में मृत छोटा बच्चा दिख रहा है जिसे मछुआरों ने बागमती नदी से जाल में निकाला है.
इस तस्वीर की तुलना सीरिया के बच्चे अयलान कुर्दी की उस तस्वीर से की जा रही है जिसने दुनियाभर का ध्यान प्रवासियों की समस्या की तरफ खींचा था.

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लेकिन बिहार की बाढ़ की इस तस्वीर को शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि "बच्चा बाढ़ में बह गया था, मछुआरों के जाल में फंसकर बाहर निकला." फेसबुक, ट्विटर समेत तमाम सोशल साइटों पर तस्वीर हज़ारों बार शेयर हुई है.
नीतीश सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल से इस तस्वीर को शेयर करते हुए बिहार के लोगों की मदद करने की अपील की है.
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लोग अलग-अलग तरह से इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं और बिहार की बाढ़ पर अपनी राय ज़ाहिर कर रहे हैं.
लेकिन अब इस तस्वीर की दूसरी सच्चाई सामने आ रही है.
जब इस तस्वीर के आधार पर खबरें बनने लगीं, चारो तरफ इसी की चर्चा होने लगी और लोग बच्चे की मौत को सरकार की नाकामी से जोड़ कर देखने लगे तब मुज़फ़्फ़रपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने प्रेस वार्ता कर इसका दूसरा सच बताया.
आलोक रंजन घोष ने कहा "कई जगह ऐसी खबरें चल रही हैं कि बच्चा अपने एक भाई और बहन के साथ बाढ़ में बह गया जब उसकी मां बागमती के किनारे नहाने और कपड़ा धोने गई थी. लेकिन हमारी जांच में यह पता चला है कि बच्चे बाढ़ में नहीं बहे, बल्कि उनकी मां रीना देवी पारिवारिक कलह की वजह से तंग आकर अपने चारों बच्चों को लेकर नदी में कूद गईं. नदी किनारे मछुआरों ने देखा तो माँ और तीसरे नंबर की बेटी को बचा लिया. मगर बाकी तीन डूब गए जो नदी के किनारे मिले. रीना देवी मुज़फ़्फ़रपुर के मीनापुर प्रखंड के शीतलपट्टी गांव की रहने वाली थीं."

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बीबीसी से बातचीत में आलोक रंजन घोष कहते हैं "घटना 16 जुलाई की है. इस हादसे में सुरक्षित बची सात साल की बच्ची और गांव वालों से पूछताछ में पता चला है कि मां ने खु़द ही अपने बच्चों को नदी में धक्का दिया था और ख़ुद बी कूद गई थी. मरने वाले बच्चों में तीन महीने का बच्चा करन कुमार (जिसकी तस्वीर वायरल हुई), पांच वर्ष का राज कुमार और 12 साल की बेटी ज्योति कुमारी शामिल हैं."
हालांकि बच्चों की मां रीना देवी का बयान इससे एकदम जुदा है.
रीना ने एक निजी चैनल से कहा, "वो अपने एक बच्चे को शौच कराने के लिए बागमती नदी के किनारे गई थीं. बच्चों को किनारे बिठा कर वो नहाने लगीं. उसके बाद क्या हुआ उन्हें कुछ नहीं पता."
रीना देवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा भी दर्ज कर लिया है. उनके पति शत्रुघ्न राम जो काम के सिलसिले में पंजाब में रहते हैं, सूचना मिलते ही लौट आए.
पुलिस की जांच में यह पता चला है कि रीना ने घटना से एक दिन पहले, क़रीब ग्यारह बजे पंजाब में अपने पति से बात की थी. पैसों को लेकर दोनों के बीच फोन पर ही झगड़ा हुआ. जिसके बाद संभव है कि उन्होंने यह फ़ैसला लिया.
पुलिस ने शत्रुघ्न राम से भी पूछताछ की है. उनका कहना है कि "पत्नी रीना मानसिक रूप से परेशान हैं."

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अपने दो अन्य साथियों के साथ डूबती रीना को बचाने गए शीतलपट्टी के युवक विजय कुमार कहते हैं, "जब हमने उन्हें डूबते देखा तो हम दौड़कर वहां पहुंचे. हमने एक बेटी और बच्चों की मां को तो बचा लिया लेकिन बाकी तीन बच्चे बह चुके थे. हमारे बार-बार पूछने पर भी वो नहीं बता रही थी कि बच्चे किस जगह पर डूबे हैं. आख़िर में बड़ी बेटी किनारे मिली और बाकी दो बच्चों को जाल से छानकर बाहर निकाला गया."
डीएम आलोक रंजन ने बीबीसी को बताया कि कि पति और पत्नी का बयान बार-बार बदल रहा है. अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि रीना ने ऐसा क्यों किया. इसके लिए पूरी जांच करनी होगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
डीएम आलोक रंजन घोष कहते हैं कि अपराध को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. पुलिस ने रीना को तो अरेस्ट कर लिया है लेकिन जांच अब भी जारी है.
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