SC : बागी विधायकों को अयोग्य न ठहराएं स्पीकर

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कर्नाटक की राजनीतिक में जारी उठा-पठक के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा स्पीकर से कहा है कि वो यथास्थिति बहाल रखें और इस्तीफ़ा देने वाले विधायकों को अयोग्य ठहराने की कार्रवाई आगे न बढ़ाएं.
सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश कांग्रेस और जनता दल एस के 10 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. बागी विधायकों की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ अब मंगलवार को सुनवाई करेगी.
बीबीसी के सहयोगी सुचित्र मोहंती ने बताया कि बागी विधायकों की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में दलील पेश की कि विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार 'कुछ परिस्थितियों को छोड़कर' कोर्ट के प्रति जवाबदेह हैं.
रोहतगी ने कहा, "कुछ प्रावधानों जहां उन्हें छूट मिली हुई है, वहां वो जवाब नहीं भी दे सकते हैं."
स्पीकर रमेश कुमार की ओर से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बागी विधायकों के 'इस्तीफ़ा देने का मक़सद कुछ और है. ऐसा अयोग्य ठहराए जाने से बचने के लिए किया गया है.'

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मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के वकील राजीव धवन ने बागी विधायकों की इस दलील पर आपत्ति जाहिर की कि स्पीकर बदनीयती से काम कर रहे हैं.
बागी विधायकों की याचिका को 'साफ़ तौर पर राजनीतिक' बताते हुए धवन ने कहा कि स्पीकर अपने संविधानिक कर्तव्यों पर अमल कर रहे हैं.
कांग्रेस और जनता दल एस के दस बागी विधायकों ने गुरुवार शाम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्पीकर से मुलाकात की थी. कोर्ट ने उन्हें स्पीकर को निजी तौर पर इस्तीफ़े सौंपने को कहा था.

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इसके बाद स्पीकर रमेश कुमार ने कहा था कि वो इस पर कोई फ़ैसला लेने के पहले 'अपनी संतुष्टि ' करेंगे कि क्या ये इस्तीफ़े वास्तविक हैं और मर्ज़ी से दिए गए हैं.
स्पीकर रमेश कुमार ने विधायकों के इस आरोप को भी खारिज किया कि वो सरकार की मदद करने के लिए इस्तीफ़ों पर फ़ैसला करने में देरी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने मुझे फ़ैसला लेने को कहा है. मैंने हर चीज की वीडियोग्राफी कराई है और मैं इसे सुप्रीम कोर्ट के पास भेजूंगा."
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