कौन हैं बिड़ला ख़ानदान के 'विल्फ़ुल डिफ़ॉल्टर' यश बिड़ला?

यश बिरला

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    • Author, विनीत खरे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

कोलकाता से संचालित यूको बैंक ने पिछले हफ्ते यशोवर्धन बिड़ला को 'विलफ़ुल डिफॉल्टर' घोषित कर दिया.

ये पहली बार है कि बिड़ला परिवार के किसी व्यक्ति को 'विलफ़ुल डिफ़ॉल्टर' या जानबूझकर क़र्ज़ नहीं लौटाने वाला व्यक्ति घोषित किया गया है.

यश बिड़ला पर आरोप है कि उनकी कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड को 67.65 करोड़ रुपए बैंक को लौटाने थे जो उन्होंने नहीं लौटाए.

यूको बैंक के रिकवरी डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है.

बैंक की तरफ़ से अख़बारों में छपे पब्लिक नोटिस में यश बिड़ला की तस्वीर भी छपी थी.

विल्फ़ुल डिफॉल्टर घोषित करने का अर्थ ये हुआ कि यश बिड़ला क़र्ज़ लौटा सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. यही नहीं, उन्होंने जिस काम के लिए क़र्ज़ लिया था, उसके लिए क़र्ज़ का इस्तेमाल नहीं किया.

विल्फ़ुल डिफॉल्टर की घोषणा के बाद न सिर्फ़ कंपनी के लिए बल्कि जिस कंपनी में व्यक्ति डॉयरेक्टर है, उसके लिए क़र्ज़ लेना मुश्किल हो जाता है.

दिलचस्प ये है कि यूको बैंक की स्थापना करने वाले घनश्यामदास बिड़ला ने की थी. घनश्यामदास बिड़ला, यशोवर्धन बिड़ला के परदादा रामेश्वरदास बिड़ला के भाई थे.

बैंकों की राष्ट्रीयकरण की नीति के चलते 19 जुलाई 1969 को यूको बैंक भी सरकार का हिस्सा हो गया था.

यश बिड़ला की तुलना कई बार उनके रिश्तेदार, भारत के सबसे धनी लोगों में से एक और आदित्य बिड़ला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिड़ला से की जाती है.

फ़ोर्ब्स मैगज़ीन के मुताबिक़ आदित्य बिड़ला के पास 11.5 अरब डॉलर की संपत्ति है और उनके आदित्य बिड़ला ग्रुप की कुल आमदनी 44.3 अरब डॉलर है.

और दूसरी तरफ़ हैं बॉडी बिल्डिंग के शौक़ीन यश बिड़ला जिनके इंस्टाग्राम पर अपने बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, एब्स दिखाती तस्वीरें भरी पड़ी हैं.

कौन हैं यश बिड़ला?

यश का बिड़ला परिवार भारत के मशहूर बिज़नेस परिवारों में से एक है.

यश बिड़ला की उम्र जब 23 साल थी जब एक हवाई दुर्घटना में उनके माता, पिता और बहन की मौत हो गई.

यश का परिवार मुंबई से बैंगलूरू जा रही फ़्लाइट आईसी 605 पर सवार था जो 14 फ़रवरी 1990 को क्रैश हो गई. इस दुर्घटना में कुल 92 लोग मारे गए थे.

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मारे गए लोगों में यश बिड़ला के पिता और मशहूर उद्योगपति अशोक बिड़ला, उनकी मां सुनंदा और उनकी बहन सुजाता भी थीं.

यश उस वक्त अमरीका के नॉर्थ कैरोलाइना में एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे. इस तरह 800 करोड़ रुपए के बिज़नेस की ज़िम्मेदारी यश के कंधों पर आ गई.

कुछ साल पहले 'रैंदेवू विद सिमी ग्रेवाल' टीवी शो में बात करते हुए यश बिड़ला ने कहा था, "सुबह के सात बजे थे और मेरी आंटी का फ़ोन आया. उन्होंने बताया कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. मैं नींद में था, मैंने पूछा क्या? उन्होंने कहा, तुम्हारे माता-पिता उस प्लेन पर सवार थे. मैंने कहा, मेरी बहन कहां है, उसे फ़ोन दो. उन्होंने बताया, वो भी उसी प्लेन पर सवार थी."

फ़ोन कॉल के बाद यश की हालत किसी पागल जैसी थी. उस वक़्त दुर्घटना में मारे गए लोगों की सूची नहीं आई थी.

यश ने अपने दोस्तों को फ़ोन करके तुरंत बुलाया और न्यूयॉर्क, लंदन के रास्ते मुंबई के लिए रवाना हो गए.

शो में उन्होंने बताया था, "पूरे रास्ते क्या हुआ, मुझे कुछ याद नहीं….आपने मेरी मां के बारे में बात की तो मेरे रोंगटे खड़े गए... मुझे विश्वास नहीं हुआ कि एक क्षण में मेरा परिवार मुझे छोड़कर चला गया."

यश के मुताबिक़ वो बचपन से ही धर्म और दर्शनशास्त्र से जुड़ी किताबें पढ़ते थे जिस कारण उन्हें इस सदमे से उबरने में मदद मिली.

बिज़नेस बुरे दौर में

लेकिन 1990 के बाद ऐसा क्या हुआ कि 2013-14 आते-आते बिज़नेस बुरे दौर में पहुंच गया.

जून 2013 में मनीलाइफ़ बेवसाइट पर एक लेख में सवाल पूछा गया कि क्या यश बिड़ला ग्रुप कंपनियों की हालत ख़राब है?

लेख के मुताबिक़ निवेशक चिट्ठी लिख रहे हैं कि दो यश बिड़ला कंपनियों ज़ेनिश बिड़ला और बिड़ला पावर सॉल्यूशंस में उनका निवेश उन्हें वापस नहीं मिल रहा है.

लेख के मुताबिक़ एक मार्च 2013 से ग्रुप की आठ में सात कंपनियों के रिटर्न्स निगेटिव में थे.

ये आठ कंपनियां थीं - बिड़ला कैपिटल ऐंड फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़, बिड़ला कॉट्सिन (इंडिया), बिड़ला पैसिफ़िक मेडस्पा, बिड़ला पावर सॉल्यूशंस, बिड़ला प्रिसीज़न टेक्नॉलजीज़, बिड़ला श्लोका एजुटेक, मेल्स्टॉर इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजीज़ और ज़ेनिश बिड़ला (इंडिया).

साल 2013 में अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में यश बिड़ला ने बताया कि उनकी कंपनियों की "धीमी रफ़्तार" का कारण था कि उनका बिज़नेस उनके सलाहकार चलाते थे, और इन सलाहकारों को भेजने वाली थीं उनकी बड़ी आंट प्रियंवदा बिड़ला और बिड़ला ख़ानदान के दूसरे लोग जिन्हें बिज़नेस में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं थी.

यश कहते हैं, "जब तक मुझे अपनी टीम मिली, तब तक आठ-नौ साल गुज़र चुके थे."

इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, केमिकल्स, वेलनेस, लाइफ़स्टाइल, आईटी आदि सेक्टरों से जुड़ी उनकी 20 कंपनियों का सालाना बिज़नेस 3000 करोड़ रुपये के आसपास था और टैक्स काटने से पहले कंपनियों का मुनाफ़ा 1,000 करोड़ रुपये के क़रीब था.

अख़बार के मुताबिक आर्थिक मुश्किलों के बावजूद यश बिड़ला कंपनियों की बड़ी-बड़ी योजनाएं थीं जैसे पुणे के नज़दीक सोलर सेल्स बनाने के लिए 2000 करोड़ रुपये के प्लांट में निवेश करना, क़रीब 3000 करोड़ की लागत से महाराष्ट्र के धुले में 600 मेगावाट का कोयले से चलने वाला प्लांट और अपने वेलनेस बिज़नेस को आगे बढ़ाना. साथ ही वो अफ़्रीका में निवेश करना चाहते थे.

साल 2014 में ख़बर आई कि कथित आर्थिक गड़बड़ियों के लिए यश बिड़ला के ख़िलाफ़ जांच की जा रही है, और ये कि मुंबई पुलिस ने बिड़ला पावर सॉल्यूशंस के ख़िलाफ़ उनकी फिक्स्ड डिपॉज़िट स्कीम में कथित तौर पर पैसा नहीं लौटाने को लेकर जांच शुरू कर दी है.

रिपोर्टों के मुताबिक़ कंपनी के ऊपर 8,800 निवेशकों का 214 करोड़ रुपए बकाया था.

पुलिस ने बिड़ला पावर के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ़्तार किया और रिपोर्ट के मुताबिक़ यश बिड़ला को देश नहीं छोड़ने का आदेश दिया.

रिपोर्टों के मुताबिक़ विभिन्न सरकारी एजेंसियां कंपनी की जांच कर रही थीं, और इस बात की भी जांच कर रही थीं कि जिस काम के लिए पैसा जुटाया गया, उसका किस तरह इस्तेमाल किया गया.

सवाल उठे कि क्या उस पैसे का निवेश विदेश में किया गया?

ऐसे में कंपनी के दफ़्तरों पर छापे पड़ने की भी ख़बर आई.

अख़बार मिंट ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा कि निवेशकों के पैसे चुकाने के लिए यश बिड़ला के रिश्तेदार और बिज़नेसमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने उन्हें 30 करोड़ रुपए दिए, लेकिन उस पैसे का कथित तौर पर कहीं और इस्तेमाल किया गया.

यश बिड़ला

इमेज स्रोत, Yash Birla/Instagram

साल 2016 में अख़बार एशियन एज में ख़बर आई कि यश बिड़ला अपना मशहूर घर बिड़ला हाउस खो सकते हैं और राज्य सरकार के गृह मंत्रालय ने उनकी प्रॉपर्टी ज़ब्त कर ली है, हालांकि अख़बार में उनके उस वक़्त के वकील रमाकांत गौड़ को ये कहते बताया गया कि जब 100 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच की जा चुकी है तो बाक़ी प्रॉपर्टी अटैच करने की क्या ज़रूरत थी.

साल 2017 में 'मिड-डे' में ख़बर छपी की कंपनी बिड़ला पावर सॉल्यूशंस लिमिटेड के निवेशकों का पैसा लौटाने की तैयारी में है.

'मिड-डे' से बातचीत में यश बिड़ला ने कहा कि वो 775 निवेशकों का 51 करोड़ रुपए लौटा चुके हैं और 400 निवेशकों के 3.56 करोड़ रुपए देने बाक़ी हैं.

यश बिड़ला और उनकी कंपनियों पर चल रहे मामलों की क्या स्थिति है, ये साफ़ नहीं है.

हमने यश बिड़ला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.

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