ममता की चेतावनी के बावजूद नहीं लौटे हड़ताली डॉक्टर, दिल्ली तक पहुंची आंच: पांच बड़ी ख़बरें

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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील और कड़े शब्दों में दी गई चेतावनी के बावजूद हड़ताली जूनियर डॉक्टर काम पर नहीं लौटे. बीते तीन दिनों से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल की आंच अब दिल्ली तक पहुंच गयी है.
दिल्ली के डॉक्टर भी पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में उतर आये हैं. डीएमए ने भी शुक्रवार को 'मेडिकल बंद' रखने का फैसला किया है
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों पर हमले हुए हैं और वे अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं.
अब बंगाल में डॉक्टरों पर हमले को लेकर देश भर के सरकारी और निजी डॉक्टरों से शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है.
इसके बाद दिल्ली एम्स के आरडीए ने दिनभर हड़ताल पर रखने की घोषणा की है. इससे ओपीडी के अलावा आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होंगी.
वहीं, रायपुर एम्स ने भी गुरुवार शाम को हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की.

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शाह अगले विधानसभा चुनावों तक बने रहेंगे बीजेपी अध्यक्ष
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के होने तक बीजेपी अध्यक्ष बने रहेंगे.
शाह ने पार्टी को स्पष्ट कर दिया है कि अभी बीजेपी अपनी बुलंदी पर नहीं पहुंची है. इसलिए अगले अध्यक्ष का फ़ैसला तब लिया जाएगा जब पश्चिम बंगाल और केरल जैसे कुछ राज्यों में भी बीजेपी सत्ता में होगी.
बताया जा रहा है कि छह महीने के भीतर बीजेपी संगठन के लिए आंतरिक चुनाव कराए जाएंगे, जिसके बाद ही बीजेपी के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा, इसलिए दिसंबर तक शाह अपने इस पद पर भी बने रहेंगे.
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बिहार में दिमागी बुखार से 54 बच्चों की मौत
बिहार में चमकी बुखार यानी दिमागी बुखार का कहर बना हुआ है. इस बुखार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के नाम से भी जाना जाता है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस बुखार की वज़ह से बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक 54 बच्चों की मौत हो चुकी है. 46 बच्चों की मौत श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में और आठ बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हो चुकी है.
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जानकारी के अनुसार ये बुखार 15 साल तक के बच्चों को हो रहा है, जिनमें अधिकतर मौतें सात साल तक के बच्चों की हुई है.
डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं- तेज़ बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में कंपकपी का होना है.
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गुजरात से नहीं टकराया 'वायु', लेकिन हाई अलर्ट बरकरार
चक्रवाती तूफ़ान 'वायु' के दिशा बदल कर गुजरात से दूर निकल जाने की ख़बरों के बाद गुजरात ने राहत की सांस ली है लेकिन अभी 24 घंटों तक हाई अलर्ट रहने को कहा गया है.
पहले कहा जा रहा था कि अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफ़ान गुरुवार को गुजरात के तटीय इलाकों में तबाही मचा सकता है.
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की ओर से कहा गया है कि मौसम विभाग के अनुसार 'वायु' जो गुजरात से टकराने वाला था अब वह ओमान की तरफ बढ़ गया है. लेकिन इसके बाद 24 घंटों तक प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
इसके अलावा 10 तटवर्ती जिलों के शिक्षण संस्थान शुक्रवार यानी 14 जून को भी बंद रहेंगे.
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टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान ज़िम्मेदार: माइक पोम्पियो
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हुए हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है.
वहीं, ईरान ने अमरीका के इन आरोपों से इनकार किया है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंटोनियो गुटेरेश ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इन हमलों पर चिंता जताई है.
ओमान की खाड़ी में गुरुवार को दो तेल टैंकरों पर विस्फोटकों से हमला हुआ था. इस हमले के बाद तेल की क़ीमतों में लगभग चार फ़ीसदी की बढ़त हुई है.
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