राजनाथ सिंह : विवाद के बाद छह अहम समितियों मे शामिल

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दोबारा सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ कैबिनेट समितियों का गठन किया है.
इन सभी समितियों में गृह मंत्री अमित शाह को जगह मिली है. लेकिन गठन के वक्त राजनाथ सिंह को सिर्फ़ दो समितियों में रखा गया था. लेकिन विवाद बढ़ने पर उन्हें छह महत्वपूर्ण समितियों में शामिल कर लिया गया.
राजनाथ सिंह को पहले अहम मानी जाने वाली राजनीतिक मामलों और संसदीय मामलों की समिति में शामिल नहीं किया गया है. जबकि 2014 में राजनीतिक और आवास से जुड़ी समिति में राजनाथ सिंह को रखा गया था.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनाथ को सिर्फ़ दो समितियों में रखने के सरकार के इस फ़ैसले से साफ़ हो गया है कि पीएम मोदी के बाद दूसरे नंबर पर अमित शाह हैं न कि राजनाथ सिंह.
जिन दो समितियों में राजनाथ को शामिल नहीं किया गया है, उनमें अहम नीतिगत फ़ैसले होते हैं. हालांकि राजनाथ सिंह को सुरक्षा और आर्थिक मामलों की कमिटी में जगह मिली थी.
राजनीतिक मामलों की कमिटी में पहले मोदी और शाह के अलावा नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, रामविलास पासवान, नरेंद्र सिंह तोमर, रवि शंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर, हर्षवर्धन, पीयूष गोयल को शामिल किया गया था. अब राजनाथ सिंह का नाम भी इसमें शामिल कर लिया गया है.

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इसके अलावा संसदीय मामलों की कमिटी में पहले अमित शाह, निर्मला सीतारमण, रामविलास पासवान, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, थावरचंद गहलोत, प्रकाश जावड़ेकर और प्रह्लाद जोशी शामिल थे. अब राजनाथ सिंह को इस समिति में भी जगह मिल गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन आठ में से छह समितियों में शामिल हैं. मोदी संसदीय और आवास कमेटी में शामिल नहीं हैं.
वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सात और रेल मंत्री पीयूष गोयल पांच समितियों में शामिल हैं.
अपॉइंटमेंट समिति में सिर्फ़ प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह हैं.
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