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सनी देओल को मुद्दों की समझ नहीं: कैप्टन अमरिंदर सिंह
- Author, अरविंद छाबड़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पंजाब के पटियाला शहर के मोती बाग महल में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है.
महल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कई लोग अंदर आ रहे हैं. लोकसभा चुनाव अब अंतिम चरण की ओर है और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जिन्हें लोग महाराजा साब कहते हैं, काफी आत्मविश्वास में दिखते हैं.
अमरिंदर सिंह की सरकार अभी दो साल पहले ही बनी है और इस लोकसभा चुनाव को उनके प्रदर्शन के साथ जोड़कर भी देखा जा रहा है.
पटियाला में परनीत कौर, अकाली दल के उम्मीदवार सुरजीत सिंह और वर्तमान सांसद धर्मवीर गांधी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है.
कुछ दिन पहले बठिंडा के सरदूरगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राज वड़िंग ने कहा था कि अकाली दल को वोट डालने वाला गुरुग्रंथ साहिब का गुनहगार होगा.
अकाली दल की सरकार के दौरान गुरुग्रंथ साहिब समेत धार्मिक ग्रंथों के अपमान की कई घटनाएं हुई थीं.
बीबीसी से बात करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अपमान को लेकर राज्य सरकार का रुख बहुत सख़्त है.
कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार चुनावी रैलियों में अरदास करते हैं कि अकाली दल को वोट न डालें. क्या ये धर्म निरपेक्षता के ख़िलाफ़ नहीं है?
पार्टी जो भी हो लेकिन हम भी सिख हैं और ये धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ नहीं है. हम अरदास कर सकते हैं. ये हमारा व्यक्तिगत विचार है.
ड्रग्स ख़त्म करने की आपकी कसम कितनी पूरी हुई?
मैंने ड्रग्स को ख़त्म करने की कसम ही नहीं खाई बल्कि निर्ममता से उसकी कमर तोड़ने की कसम खाई थी. आज स्थिति यह है कि 26,000 लोगों को जेल भेज दिया गया है, जो एक बड़ी बात है. ड्रग्स के धंधे में लगे हुए लोगों पर दबिश डाली जा रही है. उनमें डर पैदा हुआ है.
चुनाव में धर्म को मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?
पवित्र धर्मग्रंथों का अपमान एक बड़ा मुद्दा है लेकिन हमारी सरकार के समय में एक भी घटना नहीं हुई है. अगर कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना करता है, तो हमारी सरकार उससे सख्ती से निपटेगी.
घर घर रोज़गार देने के आपके वादे का क्या हुआ?
हमने अब तक आठ लाख युवाओं को रोज़गार दिया है. हमें अभी दो साल ही हुए हैं और पांच साल में हम सभी वादों को पूरा कर देंगे.
आप शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति का चुनाव लड़ने की बात क्यों कर रहे हैं?
कांग्रेस पार्टी किसी भी धार्मिक चुनाव में भाग नहीं लेती है, लेकिन एक सिख के रूप में, मैं उस उम्मीदवार का समर्थन करूंगा जो शिरोमणि अकाली दल के एसजीपीसी उम्मीदवार को चुनौती देगा. मैं सभी सिखों से अपील करता हूं कि वे एसजीपीसी से बादल को बाहर करने के लिए एकजुट हों.
नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि उन्हें पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया?
यह ग़लत बात है कि मैंने कहा है कि जो भी नवजोत सिंह सिद्धू को अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुलाना चाहता है, बुला सकता है. सिद्धू को मोगा रैली में बोलने से रोकने के लिए कोई एजेंडा नहीं था, लेकिन वह एक कर्ज़ माफ़ी का कार्यक्रम था. इसमें सिद्धू को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
चुनाव में धर्म को लेकर इतनी बातें हो रही हैं. क्या अल्पसंख्यकों के मन मे कोई डर है इससे?
धर्म के बारे में कोई बात नहीं है, बल्कि धर्म ग्रंथों के अनादर की बात है. कोई धर्म किसी भी धार्मिक ग्रंथ के अपमान की इजाज़त नहीं देता है.
गुरदासपुर से बीजेपी के उम्मीदवार सनी देओल के बारे में आपकी क्या राय है ?
सनी देओल एक अभिनेता हैं, अभिनेता लोगों का काम नहीं कर सकते हैं. हेमा मालिनी ने सांसद बनने के बाद संसद में एक भी सवाल नहीं उठाया. सनी देओल को मुद्दों की कोई समझ नहीं है. उन्हें बालाकोट एयर स्ट्राइक तक के बारे में तो पता नहीं है.
क्या कांग्रेस पार्टी में मजबूत नेतृत्व की कमी है?
राजनीति पहलवानों का अखाड़ा नहीं है. राहुल गांधी एक युवा, बुद्धिमान और समझदार नेता हैं. मुझे लगता है कि उनमें प्रधानमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं.
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