राजीव गांधी सबसे बड़े मॉब लिंचर थे - शिरोमणी अकाली दल: आज की पांच बड़ी ख़बरें

राजीव गांधी

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चुनावी माहौल के बीच सियासी जंग बढ़ती ही जा रही है. राजनीतिक पार्टी अपने बोल से एक-दूसरे को नीचा और कमज़ोर दिखाने में लगी है.

अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर वन बताया था. इसके बाद अब बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणी अकाली दल ने राजीव गांधी को मॉब लिंचर क़रार दिया है.

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राजीव गांधी भारत के सबसे बड़े 'मॉब लिंचर' थे. वे एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने एक समुदाय विशेष के ख़िलाफ़ मॉब लिंचिंग की योजना बनाई थी.

वे कहते हैं कि राजीव गांधी न केवल सिखों के ख़िलाफ़ नरसंहार को प्रोत्साहित किया बल्कि इसमें शामिल लोगों की रक्षा भी की और उन्हें पुस्कृत भी किया.

फणी तूफ़ान

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नवीन पटनायक ने दान किया पूरे साल का वेतन

ओडिशा में फणी तूफ़ान के कारण राज्य को काफ़ी क्षति पहुंची है, जिसने कई लोगों की जान भी ले ली है. देश के अलग-अलग हिस्सों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.

राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक अब राहत कार्यों में जुट गई है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के लिए 1381 करोड़ रूपये की सहायता राशि देने की घोषण कर दी है.

इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने फणी तूफ़ान से प्रभावित लोगों के लिए अपने पूरे साल का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की है.

उनके इस क़दम की सराहना पीएम मोदी ने भी की है और कहा है कि नवीन बाबू ने अच्छा काम किया है. मोदी ने कहा कि भारत सरकार उनके साथ रहकर सारी चीज़ों को आगे बढ़ा पाएगी.

तेज बहादुर यादव

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तेज बहादुर यादव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव मैदान में खड़े तेज बहादुर यादव ने अपना नामांकन ख़ारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ज़रिए दाख़िल याचिका में तेज बहादुर यादव ने निर्वाचन अधिकारी के फ़ैसले को ख़ारिज करते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी है. उन्होंने अपनी याचिका में ये भी लिखा है कि पीएम मोदी की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनका नामांकन ख़ारिज किया गया.

तेज बहादुर यादव बीएसएफ़ से बर्खास्त किए गए थे और वे वाराणसी से निर्दलीय चुनाव मैदान में थे, लेकिन बाद में समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना सिंबल देते हुए महागठबंधन का उम्मीदवार बना दिया था.

वाराणसी के निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक़ उन्हें जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत प्रमाण पत्र देना था कि उन्हें भ्रष्टाचार या राज्य से निष्ठाहीनता के लिए बर्खास्त नहीं किया गया है. इस प्रमाण पत्र के अभाव में उनका नामांकन ख़ारिज किया गया था.

ममता

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जय श्रीराम का नारा थोपने की कोशिश कर रही है बीजेपी- ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी और बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा है कि ये अपना जय श्रीराम का नारा देश के हर व्यक्ति पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव के दौरान तो बीजेपी वाले जय श्रीराम का नारा लगाते फिरते हैं, लेकिन पांच साल में एक राम मंदिर नहीं बनवा सकी है.

उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों का नारा वंदे मातरम और जय हिंद है. ममता का आरोप है कि बीजेपी बंगाल की संस्कृति को ख़त्म करने की कोशिश कर रही है.

ममता ने पीएम मोदी पर तंज़ कसते हुए ये भी कहा है कि मोदी जी अपनी पत्नी का तो ध्यान रख नहीं सकते तो भारतीयों का क्या रखेगें!

इस्तांबुल

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इस्तांबुल में फिर होंगे चुनाव

तुर्की के चुनाव आयोग ने इंस्ताबुल में मेयर का चुनाव दोबारा कराने का आदेश दिया है. इस्तांबुल में मार्च महीने में मेयर का चुनाव हुआ था जिसमें विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी.

वहीं, राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन की पार्टी ने विपक्षी पार्टी के प्रत्याशी पर फ़र्ज़ी तरीक़े से चुनाव जीतने का आरोप लगाया था. अब वहां अगले महीने फिर चुनाव होगा.

इस चुनाव में एर्दोआन की पार्टी के हारे हुए उम्मीदवार तुर्की के पूर्व प्रधानमंत्री बीनाली यिल्दिरिम फिर से चुनावी मैदान में होंगे. उन्हें हराने वाले विपक्षी उम्मीदवार एकरेम एमामोलु ने इस फ़ैसले की आलोचना की है. इस्तांबुल के कई हिस्सों में आम जनता भी इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रही है.

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